हाथ में ‘गांधी की कहानी’ थामकर जेल पहुंचे राजा पटेरिया, गांधी के खिलाफ बोलने वालों को क्यों है छूट?
मोदी को लेकर विवादास्पद बयान देकर उलझे एमपी के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को अब रह रहकर गांधी याद आ रहे है। जेल जाते वक्त उनके हाथ में ‘गांधी की कहानी’ किताब देखी गई।

Raja Pateria reached jail holding 'Gandhi's story': 'मोदी की हत्या के लिए तत्पर' रहने की बात करने के बाद एमपी कांग्रेस के सीनियर लीडर राजा पटेरिया को अब गांधी याद रहे है। बबाल मचने के बाद उन्होंने अपनी सफाई में भी गांधीवादी विचारधारा का ही जिक्र किया था। 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल जाते वक्त भी उनके हाथ में 'गांधी की कहानी' किताब नजर आई। अमेरिकी पत्रकार और लेखक लुई फिशर के हिंदी अनुवाद वाली इस किताब को लेकर जेल पहुंचे पटेरिया को पछतावा हो रहा है या नहीं यह तो बाद में ही पता चला चलेगा।

जेल जाते वक्त हाथ में ‘गांधी की कहानी’
पूर्व मंत्री और मप्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजा पटेरिया को पहले ऐसा नहीं देखा होगा, जैसा जेल जाते वक्त लोगों ने उन्हें देखा। कोर्ट से निकलकर जब पुलिस की गाड़ी में वह बैठे तो हाथ में पीले जिल्द वाली किताब थी। जिस पर शीर्षक लिखा है 'गांधी की कहानी'। इसके लेखक अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर थे। जेल जाते वक्त किताब ले जाते पटेरिया के इस अंदाज भी अब चर्चा जोरों पर है।

आखिर क्या है इस किताब में ?
गांधीजी के निधन के बाद उनके जीवन काल पर कई लेखकों ने पुस्तकें लिखी हैं। वैसी ही किताबों में 'गांधी की कहानी' भी शामिल हैं। अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर द्वारा 'दि लाइफ ऑफ़ महात्मा गांधी' अंग्रेजी में लिखी गई थी। जिसका हिंदी अनुवाद चंद्रगुप्त वार्ष्णेय ने किया। गांधी जी लाइफ से जुड़े सजीव, मार्मिक और नाटकीय कई प्रसंगों का उल्लेख हैं। जिसमें लेखक खुद बताते है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधी जी की मानवता के प्रति उनकी किस तरह की भावनाएं रही ।

14 दिन न्यायिक हिरासत में है पटेरिया
'मोदी की हत्या..' वाले बयान के बाद राजा पटेरिया के खिलाफ पुलिस ने FIR कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश हुए लेकिन जमानत के लिए उन्हें कोई राहत नही मिली। पटेरिया की ओर लगाया गया आवेदन अदालत ने निरस्त कर दिया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। हालांकि पटेरिया के परिवार ने अब जिला अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल करने की भी तैयारी कर ली।
यूजर बोले पटेरिया पर धारा सही, तो पहले क्यों नहीं लगी
राजा पटेरिया के खिलाफ दर्ज मुकदमे में जो धाराएं लगाईं गई है, अब उस कांग्रेस के साथ सोशल मीडिया पर भी पर कई रिएक्शन आ रहे है। एमपी जबलपुर के यूजर ने ट्वीट करते हुए सवाल किया है कि ऐसी धाराएं केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के खिलाफ क्यों नहीं लगाईं गई? रवीन्द्र दुबे ने लिखा है कि इसी तरह हिंसक बयान और बातें कई कट्टरपंथियों ने गांधीजी को लेकर की, उन्हें क्यों छोड़ा गया। वहीं भाजपा के राज में पटेरिया को जेल पहुंचाने की हरकत को कांग्रेस राजनीतिक विद्वेष की कार्रवाई करार दे रही हैं।
BJP आईटी सेल प्रमुख की पोस्ट
राजा पटेरिया का मामला तूल पकड़ने के बाद बीजेपी ने कांग्रेसियों और उनसे समर्थित लोगों के पुराने वीडियो भी खंगालने शुरू कर दिए है। पीएम मोदी या बीजेपी नेताओं को लेकर दिए गए बयानों के पुराने वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्वीटर हैंडिल पर ऐसे ही चार अलग-अलग वीडियो का बंच पोस्ट किया हैं। मालवीय ने लिखा है कि पटेरिया कांग्रेस अध्यक्ष खड्गे से कम नहीं है। उन्होंने तो सदन पटल पर रक्तपात की धमकी दी है।












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