Raj Babbar ने Smita Patil के लिए पत्नी को छोड़ा, 'घर तोड़ने वाली' सौतेली मां में क्यों दिखी बेटे को सगी ममता?
Raj Babbar Family Secrets Arya Babbar Reveals: बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कई ऐसी कहानियां छिपी होती हैं, जिनमें प्यार, दर्द, रिश्तों की उलझन और टूटते परिवार की सच्चाई शामिल होती है। राज बब्बर, नादिरा बब्बर और दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो दशकों बाद आज फिर चर्चा में आ गई है।
हाल ही में अभिनेता आर्य बब्बर ने अपने परिवार को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए, जिसने पुराने विवादों को फिर ताजा कर दिया। आर्य आज भी स्मिता पाटिल को 'स्मिता मां' कहकर याद करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके सौतेले भाई प्रतीक बब्बर, जो अब खुद को 'प्रतीक स्मिता पाटिल' कहलाना पसंद करते हैं, पिता राज बब्बर से दूरी बनाए हुए हैं। यह परिवार की वह उलझन है, जो दशकों बाद भी सुलझ नहीं पाई... यही वजह है कि यह परिवार आज भी लोगों की दिलचस्पी और चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं...

Raj Babbar Profile: अभिनेता से नेता तक का सफर
राज बब्बर हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे हैं। 'निजी जीवन' फिल्म से लेकर 'इंसाफ का तराजू', 'घर', 'आर्टिकल 15' तक उन्होंने विविध भूमिकाएं निभाईं। राजनीति में भी सक्रिय रहे। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से सांसद चुने गए। लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा सुर्खियों में रही।
1975 में राज बब्बर ने थिएटर आर्टिस्ट नादिरा जहीर (नादिरा बब्बर) से शादी की। इस रिश्ते से दो बच्चे हुए। एक बेटी जूही बब्बर और बेटा आर्य बब्बर। परिवार खुशहाल था, लेकिन 1980 के शुरुआती सालों में सब बदल गया।
Raj Babbar-Smita Patil Love Story: राज बब्बर और स्मिता पाटिल की लव स्टोरी
स्मिता पाटिल समानांतर सिनेमा की आइकॉन थीं। 'मंथन', 'भूमिका', 'चक्र' जैसी फिल्मों से उन्होंने महिला सशक्तिकरण की आवाज बुलंद की। राज बब्बर से उनकी मुलाकात फिल्म 'भीगी पलकें' के सेट पर हुई। दोस्ती प्यार में बदल गई। समस्या यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे और दो छोटे बच्चों के पिता थे।
खबरों के मुताबिक, 1982 में राज बब्बर ने नादिरा से तलाक लिया और 1983 में स्मिता पाटिल से शादी कर ली। यह खबर उस समय बॉलीवुड और समाज में बम की तरह फटी। स्मिता को 'घर तोड़ने वाली' कहकर आलोचना का शिकार बनाया गया। स्मिता, जो महिला अधिकारों की मजबूत आवाज थीं, खुद इस रिश्ते की वजह से काफी तनाव झेल रही थीं।
दिसंबर 1986 में स्मिता और राज के बेटे प्रतीक का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के दौरान जटिलताओं के कारण मात्र 31 साल की उम्र में स्मिता पाटिल का निधन हो गया। यह घटना पूरे परिवार के लिए सदमा थी।
Raj Babbar's Return After Smita Death: स्मिता के बाद राज बब्बर की वापसी

स्मिता की मौत के बाद राज बब्बर फिर नादिरा के पास लौट आए। परिवार ने दोबारा साथ रहना शुरू किया। आर्य और जूही बड़े हुए, जबकि प्रतीक को मुख्य रूप से उनके नाना-नानी (स्मिता के माता-पिता) ने पाला। प्रतीक का बचपन पिता के बिना और मां की कमी के साथ बीता, जो बाद में उनके रिश्तों पर असर डाला।
Arya Babbar Reveals Smita Maa Reason: आर्य बब्बर का खुलासा- 'स्मिता मां' क्यों कहते हैं?
हाल ही में विक्की लालवानी और अन्य इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने परिवार की इस जटिलता को खोलकर रख दिया। आर्य ने बताया कि जब वह और प्रतीक दोनों बीस साल के थे, तब उन्होंने देखा कि प्रतीक उनकी (आर्य की) मां नादिरा को 'मां' कहकर बुलाता है।
आर्य के मुताबिक, 'प्रतीक मेरी मां को 'मां' बोल रहा था। मुझे लगा कि अगर मेरा छोटा भाई मेरी मां को इतना सम्मान दे सकता है, तो बड़े भाई होने के नाते मुझे भी उसकी मां को वही सम्मान देना चाहिए। उसी दिन मैंने तय किया कि मैं स्मिता को 'मां' कहूंगा।'
आर्य आज 44 साल के हैं और दावा करते हैं कि उन्होंने स्मिता पाटिल को वह सम्मान दिया जो उनके पिता ने उन्हें दिया था। वे कहते हैं कि पिता ने स्मिता को प्यार और सम्मान दिया, इसलिए उन्हें भी वही करना चाहिए।
प्रतीक पर आर्य का आरोप
आर्य ने प्रतीक पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रतीक जब पैसे या मदद की जरूरत होती है, तो पिता राज बब्बर से संपर्क करते हैं, लेकिन पिता को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने या सम्मान देने में दूरी बनाए रखते हैं। आर्य ने प्रतीक के दूसरे विवाह में राज बब्बर को आमंत्रित न करने को 'स्मिता मां के प्रति अनादर' बताया।
प्रतीक ने हाल में अपना सरनेम बदलकर 'प्रतीक स्मिता पाटिल' कर लिया है, जो उनकी मां के प्रति श्रद्धांजलि है। उन्होंने अपने इंटरव्यू में मां-बाप के रिश्ते की जटिलताओं को स्वीकार किया है और बताया कि नादिरा के साथ मां का रिश्ता आसान नहीं था, इसलिए उन्होंने पिता को शादी पर नहीं बुलाया।
परिवार की भावनात्मक उलझन क्या?
आर्य ने खुलासा किया कि यह प्रेम प्रसंग उनके परिवार की सबसे बड़ी चर्चा बनी रही, चाहे उन्होंने कितनी भी सफलता हासिल की हो। उन्होंने कहा, 'आज मैं 44 साल का हूं। यह घटना तब घटी जब मैं 4-5 साल का था। पापा ने बहुत कुछ हासिल किया, लेकिन लोग सिर्फ इसी अफेयर की बात करते हैं।'
आर्य की बात साफ है कि बच्चे को यह सुनना अच्छा नहीं लगता कि पिता का किसी और के साथ अफेयर था। लेकिन अब परिवार आगे बढ़ चुका है। उन्होंने चुटकी ली, 'पापा भी आगे बढ़ चुके हैं, उनका भी एक अफेयर था।'
Smita Patil Death Reason: स्मिता पाटिल की मौत कैसे हुई?
स्मिता पाटिल सिर्फ अभिनेत्री नहीं थीं। वे सामाजिक मुद्दों की आवाज थीं। लेकिन उनके निजी फैसलों को समाज ने नहीं स्वीकार किया। शादीशुदा व्यक्ति से रिश्ता बनाने पर उन्हें भारी आलोचना झेलनी पड़ी, यहां तक कि अपने परिवार से भी। उनकी मौत के बाद प्रतीक अनाथ जैसे हो गए। उनके नाना-नानी ने उन्हें संभाला।
यह कहानी 1980 के दशक के भारतीय समाज को दर्शाती है, जहां पुरुषों के लिए अफेयर को 'प्यार' कहा जाता था, लेकिन महिलाओं को 'घर तोड़ने वाली' का ठप्पा लग जाता था।
आज परिवार कहां खड़ा है?
- राज बब्बर: नादिरा के साथ रहते हैं। राजनीति और अभिनय दोनों जारी।
- नादिरा बब्बर: थिएटर और निर्देशन में सक्रिय। परिवार की मजबूत स्तंभ मानी जाती हैं।
- आर्य और जूही: पिता और मां दोनों के करीब।
- प्रतीक स्मिता पाटिल: मां की विरासत को आगे बढ़ाने में लगे। पिता से भावनात्मक दूरी बरकरार।
यह कहानी सिर्फ राज बब्बर की नहीं, बल्कि तीन बच्चों, दो महिलाओं और एक पुरुष की भावनात्मक यात्रा है। समय के साथ घाव भरते हैं, लेकिन निशान रह जाते हैं।













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