Jabalpur कलेक्टर पर एमपी हाई कोर्ट ने लगाया 5 हजार का कॉस्ट, जवाब पेश न करने पर अदालत ने जताई नाराजगी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर पर 5 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। दरअसल एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका से जुड़े मामले में प्रशासन की ओर से जवाब पेश नहीं किया जा रहा था।

MP High Court imposed cost: एमपी हाई कोर्ट ने बीते चार साल से जवाब पेश न होने पर जबलपुर कलेक्टर पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने निर्देश दिए है कि जुर्माने की यह राशि कलेक्टर खुद अपनी ज़ेब से विधिक सहायता समिति में जमा करें। दरअसल कोर्ट ने जिस मामले को लेकर कॉस्ट लगाया, वह सरकारी स्कूल में पदस्थ एक शिक्षिका के मामले से जुड़ा हैं। अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक ही तथ्य के मामले में प्रशासन ने दो कर्मचारियों को अलग-अलग दंड लगाया। जो भेदभाव को प्रदर्शित करता हैं।

एमपी की जबलपुर के पाटन सकरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका दुर्गा बेन के मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासन से जवाब माँगा था। लेकिन आज तक पेश नहीं किया गया। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जबलपुर कलेक्टर पर 5 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुर्माने की यह राशि कलेक्टर को अपनी ज़ेब से भरना होगा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि दुर्गा बेन ने साल 2019 में प्रशासन के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। जिसमें अदालत को बताया गया कि स्कूल में फाइनल एग्जाम के वक्त फ़्लाइंग स्क्वॉड ने एक नकल प्रकरण पर कार्रवाई की। जिसमें दुर्गा समेत अन्य शिक्षिका सुनीता सैयाम को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों को आरोपी बनाया।

मामले पर प्रशासन की ओर भेदभाव पूर्ण कार्रवाई की गई, ऐसा याचिका में आरोप हैं। दुर्गा बेन का कहना है कि उसकी एक साल तक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश जारी किए गए, जबकि इसी मामले में अन्य दूसरी आरोपी शिक्षिका के खिलाफ निंदा प्रस्ताव जारी करते हुए उसे बरी कर दिया। कलेक्टर के आदेश को संभागायुक्त के समक्ष चुनौती दी गई। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण ली गई। इस मामले में बीते 4 साल से प्रशासन द्वारा जवाब पेश नहीं किया जा रहा था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल निर्धारित की गई हैं।












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