MP High Court में 7 नए जजों ने संभाला पदभार, जबलपुर में चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ, इसी साल 6 जजों का रिटायर्मेंट
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अब जजों की संख्या 36 हो गई हैं। १ मई को सात नए जजों को मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ ने उन्हें शपथ ग्रहण कराई।

MP high court के न्यायिक कार्यों की सहूलियत में और इजाफा होगा। 7 नए जजों ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ ने उन्हें शपथ ग्रहण कराई। इसके साथ ही उन्होंने सभी नवनियुक्त जजों को शुभकामनाएं दी। यहां जजों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 है।
जबलपुर में हाईकोर्ट में आयोजित हुए शपथ ग्रहण समारोह में जिन नए 7 जजों ने शपथ ली उनमें अनुराधा शुक्ला, हिरदेश, प्रेम नारायण सिंह, अचल कुमार पालीवाल, अवनींद्र कुमार सिंह, संजीव कलगांवकर और रूपेश चंद्र वार्ष्णेय शामिल रहे। साउथ ब्लाक सभागार में कार्यक्रम हुआ, जिसमें न्यायधीशों ने हिस्सा लिया।

इस दौरान राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति के आदेश का रजिस्ट्रार जनरल रामकुमार चौबे ने वाचन किया। मुख्य न्यायाधीश मलिमठ ने अपने सम्बोधन में नियुक्त नए जजों के पूर्व कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्टेट बार चेयरमैन, हाई कोर्ट बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार अध्यक्ष ने सभी के व्यक्तित्व-कृतित्व रेखांकित किया।
नव नियुक्त सभी सात जजों ने शपथ ग्रहण के साथ ही संकल्प लिया कि हाई कोर्ट जज के रूप में प्रतिमान दर्ज करेंगे। ख़ास बात यह भी है कि इसी वर्ष हाई कोर्ट के 6 जजों का रिटायरमेंट भी होना है। उस स्थिति में फिर जजों की संख्या घटकर 29 हो जाएगी।

आपको बता दें चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाले हाई कोर्ट कालेजियम ने सातों न्यायिक अधिकारियों के नाम सुप्रीम कोर्ट कालेजियम भेजे थे। जिस पर विचार करते हुए पिछले दिनोंसुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने नामों को मंजूरी दी । प्रक्रिया के तहत सातों नामों की फाइल राष्ट्रपति के पास भेजी गई थी।
हाई कोर्ट जज बने रूपेश चंद्र वाष्णेय 28 सितंबर, 1987 से, अनुराधा शुक्ला 17 सितंबर, 1990 से, हिरदेश पांच जुलाई, 1990 से, प्रेम नारायण सिंह 16 जुलाई, 1990 से, अचल कुमार पालीवाल जुलाई, 1990 से, संजीव कलगांवकर 24 मई, 1994 से व अवनींद्र कुमार सिंह मई, 1990 से न्यायिक सेवा क्षेत्र में कार्यरत थे।












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