MP में ‘मिशन एक्सीलेंस’, 1000 स्टूडेंट्स करेंगे साइंटिफिक इंस्टिट्यूट का वर्चुअल टूर, साइंटिस्ट से होंगे सवाल
स्कूली शिक्षा के बीच विज्ञान और उसके संस्थानों, वैज्ञानिकों के बारे में स्टूडेंट्स को गहन जानकारी उपलब्धि कराने शिवराज सरकार कई तरह के प्रयास कर रही हैं। छात्र-छात्राएं 9 वैज्ञानिक संस्थानों का वर्चुअल भ्रमण करेंगे।

'Mission Excellence' in MP: म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् मेपकॉस्ट के मिशन एक्सीलेंस कार्यक्रम अंतर्गत 27 मार्च से मंथन यात्रा शुरू हो रही हैं। ऑनलाइन इस यात्रा में प्रदेश के 52 जिलों के करीब 1000 स्कूली बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च तक चलने वाली इस यात्रा के जरिए स्टूडेंट्स 9 वैज्ञानिक संस्थानों का ऑनलाइन भ्रमण करेंगे। साथ ही उन्हें देश के विख्यात साइंटिस्ट से सवाल पूछने का मौका भी मिलेगा। शिवराज सरकार की इस पहल के जरिए बच्चों में विज्ञान के प्रति रूचि भी बढ़ेगी।

विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद् मेपकॉस्ट द्वारा मध्य प्रदेश में मिशन एक्सीलेंस कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं। विज्ञान की दुनिया और वैज्ञानिकों को जानने इस बार भी वर्चुअली मंथन यात्रा आयोजित की गई हैं। सोमवार से शुरू हो रही इस यात्रा में 52 जिलों के 8वीं से लेकर 12वीं कक्षा के चयनित करीब 1000 विद्यार्थी भाग लेंगे। यात्रा का समापन 31 मार्च को होगा। विद्यार्थियों को पुणे, हैदराबाद, दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, मोहाली और भोपाल की राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक संस्थानों की गतिविधियों और उपलब्धियों को जानने, वैज्ञानिकों से संवाद और सवालों को पूछने का अवसर मिलेगा। इस बार विद्यार्थियों को 9 वैज्ञानिक संस्थानों का ऑनलाइन भ्रमण कराया जायेगा।

देश के सबसे बड़े अनुसंधान एवं विकास संगठन 'वैज्ञानिक एवं अनुसंधान परिषद सीएसआईआर के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान एनजीआरआई और भोपाल स्थित प्रगत पदार्थ तथा प्रक्रम अनुसंधान संस्थान एम्प्री का भ्रमण कराया जायेगा। इसी तरह कृषि विज्ञान में नई दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और पुणे स्थित राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद का भ्रमण कराया जायेगा। विद्यार्थियों को लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान आईआईएसआर से रूबरू होने का मौका भी मिलेगा।

उत्तराखंड ज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् यूकॉस्ट, देहरादून, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एज्युकेशन एंड रिसर्च, भोपाल एवं इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोहाली की वैज्ञानिक उपलब्धियों और कार्यक्रमों से परिचित कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि विज्ञान मंथन यात्रा की शुरूआत वर्ष 2007 में हुई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों में विज्ञान में रूचि पैदा करना और उन्हें करियर के रूप में विज्ञान विषयों को चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। अभी तक विज्ञान मंथन यात्रा में 8 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हो चुके हैं।
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