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गुजरात साइंस सिटी में नए लेमन शार्क, देखकर नहीं लगेगा डर! दुनिया में क्यों खास है ये 'मछली'?

अहमदाबाद साइंस सिटी में आई नई शार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। ये खास शार्क इंसानों के बड़ा खतरा पैदा ना करने के साथ कई विशेषताओं वाली हैं।

New lemon sharks in Ahmedabad Science City

Photo: Twitter @GujScienceCity

Lemon sharks in Ahmedabad Science City: दुनिया धरती के अलावा जल में पाए जाने वाले जीवों में कई विशेषताएं पाई जाती हैं। गुजरात के अहमदाबाद साइंस सिटी में ऐसी ही तीन नई लेमन शार्क आकर्षण का केंद्र हैं। माना जाता है कि ये शार्क इंसानों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं हैं। अपनी इस खासियत के अलावा इनका लुक भी अलग है। ये वो शार्क हैं, जिनकी पहचान हरे और पीले रंग के रुप में होती है। यानी ये शार्क इन्हीं दो रंगों में पाई जाती हैं।

लेमन शार्क का आकर्षण

लेमन शार्क का आकर्षण

अहमदाबाद साइंस सिटी में 15,000 से अधिक वर्ग मीटर की ये वॉटर गैलरी समुद्र का अनुभव कराती है। यहां पहले से मौजूद जलीय जीवों में तीन अनोखे मेहमान अब शामिल हो गए हैं। साइंस सेंटर की वॉटर गैलरी में सोमवार को छह फीट की तीन लेमन शार्क लाई गईं। ये सभी लेमन शार्क सोमवार को साइंस सेंटर का हिस्सा बनीं, जिनक जोरदार स्वागत किया गया। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग साइंस सेंटर पहुंचे।

यहां पाई जाती है ये 'मछली'

यहां पाई जाती है ये 'मछली'

लेमन शार्क का साइंटिफिक नाम Negaprion brevirostris है। ये शार्क Carcharhinidae प्रजाति की है, जो मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय पश्चिमी अटलांटिक महासागर में न्यू जर्सी से दक्षिणी ब्राजील तक, पूर्वी प्रशांत महासागर में दक्षिणी बाजा कैलिफोर्निया से इक्वाडोर तक और साल द्वीप में केप वर्डे में पाए जाते हैं। शार्क की यह प्रजाति अक्सर मैंग्रोव, खाड़ियों के पास और नदी के मुहाने पर उथले पानी में रहती है। हालांकि लेमन शार्क तेज पानी के बहाव से दूर रहती हैं। ये नदियों में भी तैरती हैं।

11 फीट तक होती है लंबी

11 फीट तक होती है लंबी

लेमन शार्क महाद्वीपीय और द्वीपीय समतल क्षेत्र में रहती है। ये मुख्य रूप से खुले पानी में पाई जाती है। जब इनके प्रजनन का वक्त होता है तो ये किसी विशेष स्थान की तलाश करती हैं, जहां पानी का बहाव बेहद कम होता है। जन्म के बाद इनका भार तेजी से बढ़ता है। लेमन शार्क की इस प्रजाति की लंबाई 11 फीट तक होती है। जबकि एक वयस्क लेमन शार्क का वजन 90 किलोग्राम तक होता है।

खास रंग से अलग पहचान

खास रंग से अलग पहचान

ये वो विशालकाय जलीय जीव है, जो अन्य जीवों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान के लिए जाना जाता है। लेमन शार्क दो रंगों में पाई जाती है। तटीय क्षेत्रों में ये शार्क पीले रंग की होती है। जबकि अन्य कई तटों पर इस प्रजाति की शार्क हरे रंग में भी पाई जाती है। शार्क की अन्य प्रजातियों की तुलना में लेमन शार्क स्वभाव से शांत होती हैं। उन्हें मनुष्यों के लिए बड़ा खतरा नहीं माना जाता है। लेमन शार्क के हमले के अब तक कुल 10 मामले ही दर्ज किए गए हैं। एक रिपोर्ट्स में मुताबिक इनमें से कोई मामला घातक नहीं था।

संवेदनशील जीव है लेमन शार्क

संवेदनशील जीव है लेमन शार्क

लेमन शार्क पर्यवारण की दृष्टि से काफी अहम जलीय जीव है। इसे अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक संवेदनशील प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये अब भारत के सबसे बड़े मछलीघर गुजरात साइंस सिटी की वॉटर गैलरी का हिस्सा बनने जा रही है। इसके अलावा यहां 188 से अधिक जलीय प्रजातियों हैं। साइंस सिटी मेंअफ्रीकी पेंगुइन सहित 11,600 मछलियां हैं। बता दें कि लेमन शार्क को प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक संवेदनशील प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

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