Jabalpur News: अस्पताल में लापरवाहों पर सख्त सरकार, नवजात को चढ़ाया गलत खून! जबलपुर में जांच के निर्देश
Jabalpur News: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं कर रही। कही भी लापरवाही उजागर होने पर सख्त एक्शन लिए जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही जबलपुर मेडिकल हॉस्पिटल में गलत ग्रुप का खून चढ़ाने का मामला सामने आया हैं। जिस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मामला जबलपुर संभाग के सबसे बड़े मेडिकल हॉस्पिटल से जुड़ा हैं। जहां 31 मई को बंदरकोला गांव में रहने वाले श्रीकांत लोधी की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। उसका वजन कम थाऔर चिकित्सकों ने कमजोरी बताई थी। उसे ब्लड चढ़ाने की सलाह दी गई थी।
नवजात बच्चे का ब्लड ग्रुप AB+ve बताया गया था। बच्च्चे की हालत के मद्देनजर उसे हॉस्पिटल में ही भर्ती रखा गया था। डॉक्टर्स के बताएं अनुसार बच्चे के लिए ब्लड लेने उसका पिता ब्लड बैंक पहुंचा। जहां से मिले ब्लड बैग को उसने वार्ड के डॉक्टर को सौंप दिया।

बच्चे के पिता श्रीकांत का कहना है कि उस वक्त चिकित्सकों ने कहा कि बच्चे के लिए वह जिस ग्रुप का ब्लड लेकर आया था। वह चढ़ा दिया गया हैं। आवश्यकता पड़ने पर और ब्लड भी चढ़ाना पड़ सकता हैं। इस बीच बच्चे की हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। उसे मेडिकल सुपर स्पेशलिस्टी के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। 28 जून को फिर ब्लड चढ़ाने की जरुरत बताई, तो वह बच्चे की फाइल लेकर दोबारा ब्लड बैंक पहुंचा। ब्लड बैंक में ब्लड न मिलने वह प्राइवेट ब्लड बैंक पहुंचा। जहां पिछले बार चढ़ाए गए ब्लड की रिपोर्ट देखने पर पता चला कि बच्चे को AB नहीं बल्कि A+ve ब्लड चढ़ाया गया।
यह सुनकर श्रीकांत के होश उड़ गए। मामले की शिकायत अस्पताल प्रबंधन को की गई, तो ब्लड बैंक से ब्लड देने और वार्ड में ब्लड चढ़ाने वाले चिकित्सक पल्ला झाड़ते नजर आए। बाद में यह खबर अस्पताल के डीन तक पहुंची, तो उन्होंने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा ने भी इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया हैं। उनका कहना है कि सरकार स्वास्थ्य के मामले में किसी भी तरह लापरवाही में सख्त हैं। बच्चे के उचित इलाज की पूरी व्यवस्था के निर्देश देने के साथ गलत ब्लड चढ़ाने वालों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई हैं। दो दिन में जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त एक्शन होगा।












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