Jabalpur News: लेडी कॉन्स्टेबल दरोगा संदीप अयाची केस, जबलपुर हाई कोर्ट से मिली जमानत, वकीलों में आक्रोश
एक महिला आरक्षक ने कटनी में पदस्थ थाना प्रभारी संदीप अयाची पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे।

एमपी जबलपुर बहुचर्चित लेडी कांस्टेबल और दरोगा संदीप अयाची मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। लंबे वक्त बाद अयाची को अदालत से जमानत मिल गई है। आपको बता।दें कि संदीप अयाची पर उनके ही थाने में ही पदस्थ महिला आरक्षक के साथ दुष्कर्म का आरोप था। जिसके बाद शिकायत से लेकर FIR फिर जमानत मिलने तक कई मोड़ आए। याचिकाकर्ता अयाची की ओर से दलील दी गई कि उनके इस में चालान पेश हो चुका है। अब तक हुई जांच में पुलिस को कोई भी ऐसे ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जिससे आरोपी पर आरोप साबित हो सकें। सभी तथ्यों और पहुलुओं पर विचार करते हुए अदालत ने आरोपी थाना प्रभारी को जमानत दे दी।
निलंबित थाना प्रभारी संदीप अयाची जब जबलपुर में पदस्थ थे तो उनके ही थाने की महिला आरक्षक ने गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप लगाया गया था कि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक अयाची ने लेडी कॉन्स्टेबल से दुष्कर्म किया। मामले में एफआईआर के बाद आरोपी दरोगा फरार गया था। बाद में इस मामले में कई और तरह के मोड़ आए। कुछ समय पहले इस हाईकोर्ट में जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता अनुराग साहू ने घर जाकर खुदकुशी कर ली थी। जिसके बाद हाईकोर्ट में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई थी।
19 और वकीलों को बनाया गया आरोपी
हाई कोर्ट एडवोकेट अनुराग साहू सुसाइड के बाद कोर्ट परिसर में तोड़फोड़, आगजनी के बाद तनाव के हालत बन गए थे। बाद में पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं को नामजद आरोपी बनाया था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई। उसके बाद 19 और वकीलों को आरोपी बनाया गया हैं। आपको बता दें कि हाईकोर्ट प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। अधिवक्ताओं में से एक अधिवक्ता सचिन गुप्ता पहले से ही एनएसए के तहत जेल में बंद है।
इन अधिवक्ताओं को भी बनाया गया आरोपी
पुलिस ने हाई कोर्ट वाले घटनाक्रम में विनोद विश्वकर्मा, बाबा परसाई, सिंघाला, धीरज अग्रवाल, रविंद्र दत्ता, प्रवेश जैन, सचिन चक्रवर्ती, निशांत झा, उमेश लोधी, सचिन रघुवंशी, मुकेश पाटेकर, डीएस पटेल, राजीव दुबे, गुलाब ठाकुर, गजेंद्र तिवारी, आकाश तिवारी, संतोष पाठक, निजामुद्दीन और दीपक श्रीवास्तव के नाम FIR में जोड़े गए हैं।
जिला बार ने कहा निष्पक्ष जांच हो
FIR में 19 और अधिवक्ताओं के नाम शामिल होने से वकील संगठन खफा है।
जिला बार अध्यक्ष आरके सिंह सैनी और अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि इस प्रकरण में बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच की जाए। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि एक बार फिर सीसीटीवी फुटेज चैक किए जाऐंगे। यदि उनमें उक्त 19 वकील अवैधानिक कार्य करते नहीं पाए गए तो उनके नाम एफआईआर से अलग कर दिए जाऐंगे।
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