कूनो नेशनल पार्क में चीतों की आमद से खत्म हो रहा अंधेरा, पावर कंपनी ने तैयार किया कॉरिडोर

मध्यप्रदेश के श्योपुर कूनो नेशनल पार्क और उससे लगे आसपास के ग्रामीण इलाकों में अब बिजली आपूर्ति की झंझटों से मुक्ति मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस पार्क में अफ्रीकन चीते छोड़े जाने के बाद इस इलाके को हर संसाधनों से रोशन किया जा रहा हैं। अभी तक इस एरिया में बिजली करीब ७४ किलोमीटर दूर श्योपुर से पहुंचती थी, लेकिन अब सिर्फ 18 किमी दूर से बिजली की आपूर्ति होगी। सेसईपुरा में एक सब स्टेशन बनाया गया हैं। जिसका फायदा ग्रामीणों को भी मिलेगा।

कूनो में अफ्रीकन चीतों के आने से बदली जिंदगी

कूनो में अफ्रीकन चीतों के आने से बदली जिंदगी

एमपी के श्योपुर कूनों नेशनल पार्क में अफ्रीकन चीते क्या आए, यहां और आसपास का इलाका चमन होना शुरू हो गया। कई सालों से जिन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा था, वह कुछ महीने में ही सुलझाना शुरू हो गई। करीब ७४ किमी दूर 33 केवी फीडर से बिजली आपूर्ति होती थी, गड़बड़ी होने पर ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब कूनों में बिजली पहुंचाने 132 केवी का ७४ किमी कॉरीडोर तैयार किया गया हैं। जिसका ग्रामीण इलाकों को भी सीधा लाभ होगा।

74 किमी शिवपुरी-कराहल कारीडोर

74 किमी शिवपुरी-कराहल कारीडोर

मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक करीब 72.28 करोड़ रुपये की लागत से ७४ किमी का शिवपुरी-कराहल कारीडोर तैयार किया गया हैं। पार्क और बफर जोन को जहां अभी तक 74 किमी दूर फीडर से बिजली मिलती थी, उसकी दूरी अब महज 18 किमी रह गई। सेसईपुरा में 33 केवी फीडर तैयार किया गया सेसईपुरा। वहीं सब स्टेशन से जुड़े तीन फीडर पार्क के साथ आसपास के ग्रामीण अंचल को भरपूर बिजली से रोशन करेंगे। इससे भविष्य में बढ़ने जा रहे पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

पहाड़ों पर खड़े किए टॉवर

पहाड़ों पर खड़े किए टॉवर

74 किमी लंबे 33 केवी फीडर से होने वाली बिजली सप्लाई कई बार मुसीबतों में डाल देती थी। खासकर बारिश या अन्य प्राकृतिक दुर्घटनाओं के वक्त फाल्ट सुधारना परेशानियों से भरा होता था। कई दफा इलाके में दो-दो दिन अँधेरा छाया रहता था। जिसकी सबसे बड़ी वजह फीडर की लाइन पार्क और रिजर्व फॉरेस्ट एरिया से गुजरना होती थी। लेकिन अब नई व्यवस्था के लिए पहाड़ों पर टॉवर खड़े किए गए है। हालांकि इस इलाके में इरेक्शन और स्ट्रींगिंग कर 132 केवी का कॉरीडोर बनाना आसान नहीं था, फिर भी ट्रांसमिशन कंपनी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और सब स्टेशन बनाने में सफलता हासिल की।

कूनों पार्क के अलावा इनको भी पहुंचेगा फायदा

कूनों पार्क के अलावा इनको भी पहुंचेगा फायदा

इस नए प्रोजेक्ट से लगभग 45 गांवों के 3 हजार कृषि पम्प उपभोक्ताओं, 4 हजार घरेलू उपभोक्ताओं, 245 व्यावसायिक (गैर घरेलू) उपभोक्ताओं, 8 हजार बीपीएल उपभोक्ताओं, 30 पॉवर उपभोक्ताओं के अलावा लगभग 21 हजार उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। कूनो नेशनल पार्क से लगे गोरस, खिरकरी इलाकों में भी सप्लाई दी जाएगी। श्योपुर जिले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी अब अपने पांच अति उच्चदाब सब स्टेशनों के माध्यम से बिजली आपूर्ति करेगी।

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