Jabalpur News: कानून को भी खेल समझते है ‘माननीय’! खेल महोत्सव के आगाज पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाते Photo Viral
MP के जबलपुर में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह की बिना हेलमेट पहने बुलेट चलाते फोटो वायरल हो रही है। उनके साथ पार्टी के प्रदेश मंत्री आशीष दुबे और विधायक अशोक रोहाणी भी ट्रैफिक रूल्स तोड़ते नजर आ रहे

Jabapur law is considered as a game, 'honorable':मध्य प्रदेश में दुपहियां वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य हैं। हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में दशहरे के वक्त प्रदेश भर में बिना हेलमेट वाहन चालकों और गाड़ी में पीछे सवार व्यक्तियों के खिलाफ खूब कार्रवाई हुई। अभी भी जहां मौका मिलता है, ट्रैफिक रुल तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई हो रही है, लेकिन लगता है कि 'माननीयों' के लिए ये कानून और नियम नहीं। कुछ समय पहले परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत खुद जब इसका उल्लंघन करते दिखे थे, तो फिर किसकी हिम्मत है कि जबलपुर के सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, उन्ही की पार्टी के विधायक और नेता को बिना हेलमेट गाड़ी चलाने रोक ले?

ये तस्वीर एमपी के जबलपुर की है। सबसे आगे चमचमाती बुलेट गाड़ियों में सवार ये लोग आम नहीं बल्कि ख़ास है। बीच में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जबलपुर सांसद राकेश सिंह और बाएं तरफ पार्टी के प्रदेश मंत्री आशीष दुबे गाड़ी चला रहे है। वो भी बिना हेलमेट पहने। दाएं तरफ सीन कुछ अलग है, यहां केंट क्षेत्र से 'माननीय' विधायक अशोक रोहाणी गाड़ी पर पीछे सवार है। नियम मुताबिक हेलमेट उनको भी पहनना चाहिए। लेकिन संसदीय क्षेत्र के खेल महोत्सव का आगाज होना था, तो नियम-कानून की कौन परवाह करें। क्योकि इनके नाम के आगे 'माननीय' जो जुड़ा है। खेल महोत्सव के शुरुआत के दिन निकाली गई मशाल यात्रा में धावकों के पीछे ये माननीय दुपहिया वाहनों में इस तरह चल रहे थे।

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ट्रैफिक एडिशनल एसपी प्रदीप शेंडे का कहना है कि सिख समुदाय को छोड़कर कोई भी, किसी भी पद पर हो उसे मोटर व्हीकल एक्ट का पालन करना अनिवार्य है। सोशल मीडिया में वायरल इस तस्वीर को लेकर भी एएसपी ने कानून का उलंघन बताया। आम लोगों का कहना है कि जब कानून बनाने वाले लोग ही कानून की धज्जियां उड़ा रहे है, तो फिर कोई दूसरा कैसे नियमों का पालन करेंगा। दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक संजय यादव बोले कि भाजपा के लोग सत्ता के नशे में चूर है। इससे पता चलता है कि सरकार सिर्फ गरीब शोषित जनता पर ही हर कानून और नियम थोपना चाहती हैं।












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