Jabalpur News: बिजली उत्पादन इकाइयों में मोबाइल लाने वाले कर्मियों की खैर नहीं, कंपनी ने लगाईं पाबंदी
(Jabalpur News) मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी के एक फरमान से इन दिनों बिजली इकाइयों में हड़कंप मचा है। सुपरवाइजर से निचले कैडर के कर्मियों पर मोबाइल लाने पाबंदी लगा दी गई है। इसके पीछे सुरक्षा संबंधी कई मापदंडों का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन कमर्चारियों का कहना है कि बिजली कंपनी का यह तुगलकी आदेश है। साथ में मोबाइल लाने से यदि कार्य प्रभावित हो रहा होता, तो फिर बिजली का उत्पादन कम होता।

मध्यप्रदेश के बिजली तापगृहों में काम करने वाले सुपरवाइजर से निचले कैडर के कर्मचारियों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है । जिनकी आदत मोबाइल रखकर काम करने की थी, उनका इन दिनों बिना मोबाइल के काम में मन नहीं लग रहा। या यूं कहे कि ऐसे कर्मचारियों का इन दिनों पूरा ध्यान कंपनी के तुगलकी आदेश पर ज्यादा है। बिजली कंपनी ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल लाने पर पाबंदी लगा दी है। कहा जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल में मन भटकने से कई बार दुर्घटना होने की संभावना रहती है। लिहाजा कर्मचारियों को मोबाइल लाने पर रोक लगाईं है। आपात स्थिति में प्रभारी से संपर्क कर घर या अन्य जगहों पर बात करने की छूट दी गई है।
इधर बिजली कंपनी के जानकारों का कहना है कि इस आदेश के जरिए अधिकारी अपनी नाकामयाबी छुपाएंगे। क्योकि पिछले कुछ दिनों पहले असम तापगृह की कई खामियां मीडिया की सुर्खियाँ बनी। वहां की बिजली इकाई के अंदर की कई तस्वीरें और गड़बड़ियाँ मोबाइल के जरिए मीडिया तक पहुंची। इसी भय की वजह से मप्र में बिजली कंपनी ने इस तरह की पाबंदी का आदेश जारी किया है। हालाँकि इस संबंध कुछ संगठनों ने विरोध भी जताया है। संगठनों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान यदि कोई मोबाइल पर विजी रहे है या फिर उसका ज्यादा उपयोग कर रहा हो तो उस व्यक्ति विशेष पर कर्रवाई की जाना चाहिए। लेकिन यहां सभी कर्मचारियों को पहले से ही दोषी मान लिया गया है। जानबूझकर सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है।












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