Indian Railways: बूंद-बूंद में बेईमानी, ट्रेन में कहीं आप भी तो नहीं पी रहे डुप्लीकेट बिसलरी का पानी
रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेन में असली समझकर कहीं आप डुप्लीकेट बिसलरी बोतल का पानी तो नहीं पी रहे? जबलपुर रेल मंडल ने ऐसी ही बोतलें बेंचते हुए वेंडर्स को पकड़ा है। आप भी रहे सावधान।

Jabalpur Railway Division exposed: कई मैन्युफेक्चरिंग कंपनियां अपने उत्पादों पर 'नक्कालों से सावधान' जैसे स्लोगन लिखती हैं, ताकि खरीददार किसी तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हो। भागदौड़ भरी जिंदगी में कई मर्तबा हम ऐसी बातों को नजर के फेर में भूल जाते हैं और जालसाज फायदा उठाते रहते हैं। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में कुछ ऐसा ही हो रहा हैं। हू-बहू बिसलरी जैसी दिखने वाली पानी की बॉटल बिक रही है। इसका खुलासा मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन से गुजर रही पटना-पुणे एक्सप्रेस ट्रेन में हुआ। लगभग आधा सैकड़ा डुप्लीकेट बिसलरी की पानी बोतलों से भरे कार्टून जब्त किए गए।

आप तो नहीं हो रहे धोखे का शिकार
यदि आप ट्रेन में सफ़र करे रहे है और पैक्ड नामी-गिरामी कंपनी जैसे नाम की बॉटल खरीदकर पी रहे हैं, तो आपकी जरा सी चूक सेहत पर भारी पड़ सकती है। कई स्टेशनों और चलती ट्रेन में धड़ल्ले यह डुप्लीकेट पानी की बॉटल बेंची जा रही है। बिसलरी जैसे ब्रांडेड कंपनी की बॉटल की पैकिंग, स्टीकर देख पहली नजर में आप भी धोखा खा सकते है। पटना पुणे ट्रेन में यात्रियों को बेंची जा रही ऐसी ही बोतलों का बड़ा स्टॉक रेल प्रशासन ने पकड़ा। जिसके बाद ऐसी बोतल खरीदकर पानी पीने वाले यात्रियों के होश उड़ गए।

जबलपुर रेल मंडल ने किया खुलासा
रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विश्व रंजन ने बताया कि सतना के रास्ते जबलपुर से जबलपुर होकर पुणे जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोचों में डुप्लीकेट बिसलरी की पानी की बॉटल बेंची जा रही थी। इस मामले की खबर लगते ही सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें बिसलरी जैसी दिखने वाली पानी बॉटल बेंचते अवैध वेंडर पकड़े गए। जांच में ट्रेन के एक कोच में लगभग आधा सैकड़ा डुप्लीकेट पानी की बॉटल भरी पेटियां भी मिली। जिन्हें जब्त कर आगे कारोबारी का पता लगाया जा रहा हैं।

Bisleri की स्पेलिंग में हेर-फेर
रेल अधिकारियों के मुताबिक बरामद की गई पानी की पैक्ड बोतलों में बिसलरी की डिजाइन वाले स्टीकर लगे हुए थे। ग्राहक की नजरें धोखा खाए, इसके लिए बॉटल की बनावट और ढक्कन भी बिसलरी की बोतल जैसा है। स्टीकर पर बिसलरी की स्पेलिंग में एक लैटर का बस हेर फेर रहता है। जिसे ग्राहक आसानी से देख नहीं पाता। इसी का फायदा चालबाज कारोबारी उठा रहे हैं।

चलती ट्रेनों में डुप्लीकेट का धंधा आसान
जानकार बताते है कि चलती ट्रेनों में मिलावटी या गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थों का धंधा करना आसान है। अवैध वेंडर्स धड़ल्ले से एक स्टेशन से ट्रेन में चढ़कर कारोबार करते है। सामान बेंचकर आगे स्टेशनों में उतर जाते हैं। मुसाफिर समझते है कि ये वेंडर्स वैध है और सही क्वालिटी का सामान ही बेंच रहे होंगे। कई बार जल्दबाजी भी खरीदी की वजह बन जाती है। हालांकि ऐसे लोगों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। पर मिलीभगत से यह खेल बदस्तूर जारी है।

हेल्थ एक्सपर्ट ने ऐसा पानी बताया नुकसानदायक
जबलपुर के सीनियर फिजिशियन एमपी डॉ. शैलेन्द्र राजपूत बताते है कि दूषित या गुणवत्ताहीन पानी पीने से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकता है। हैजा, टाईफायड और सर्दी खांसी होने के चांस भी होते है। जाहिर सी बात है कि ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर डुप्लीकेट बॉटल में पानी भरकर बेचने वाले नॉर्मल पानी का ही उपयोग कर रहे होंगे। बॉटल कितने पहले पैक हुई, यह भी कोई नहीं बता सकता। डॉ. राजपूत ने कहा है कि सेहत से जुड़े मामलों में खाने पीने हर वस्तु देखकर ही खरीदना चाहिए।












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