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Jabalpur News: अब जिलेभर की जनसुनवाई की कलेक्ट्रेट में कंट्रोलिंग, जबलपुर पहला जिला जहां बदला पुराना ढर्रा

मप्र का जबलपुर पहला जिला है जहां पूरे जिले में मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कंट्रोलिंग कलेक्ट्रेट से हो रही है। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए सुनवाई के दौरान कलेक्टर से जिले भर के अफसर जुड़े रहते हैं।

मध्य प्रदेश में आम लोगों की समस्या निपटाने सरकारी दफ्तरों में हर मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन होता है। कुछ दफ्तरों में जिम्मेदार अफसर गायब रहते थे और परेशान लोगों को कलेक्ट्रेट के चक्कर काटना पड़ता था। लेकिन संभतया जबलपुर प्रदेश का ऐसा जिला बन गया है, जहां कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे जिले की कंट्रोलिंग का फैसला लिया। शहर से दूर आम लोगों की समस्या का जल्द निराकरण करने संबंधित दफ्तरों के अधिकारियों को ऑनलाइन निर्देश देना शुरू हुआ। नई व्यवस्था से आम लोग भी खुश नजर आ रहे है।

अब बहुत लगा लिए चक्कर

अब बहुत लगा लिए चक्कर

आम जनता से जुड़ी सरकारी समस्याएं या अन्य परेशानियों के निराकरण के लिए हफ़्ते में एक दिन मंगलवार निर्धारित किया है। जहां जिले भर के लोग अपनी शिकायते लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं। यहां से मिलने वाले निर्देशों का कई बार गंभीरता से पालन नहीं होता था और लोगों को दोबारा कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने पड़ते थे। पर अब ऐसे लोगों को ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा। संबंधित विभागों की शिकायतों के जल्द निराकरण के लिए जबलपुर कलेक्टर ने नया प्रयोग किया है।

वीडियो कॉन्फ्रेस के जरिए जुड़े अफसर

वीडियो कॉन्फ्रेस के जरिए जुड़े अफसर

जबलपुर में नवागत कलेक्टर सौरव कुमार सुमन मंगलवार को जब जनसुनवाई के लिए बैठे, तो इस बार सुनवाई का अंदाज बदला हुआ था। सिर्फ कलेक्टर के साथ गिनती के अधिकारी ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों तहसीली, एसडीएम दफ्तर के अफसर जनसुनवाई में कनेक्ट थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शिकायतकर्ताओं से संबंधित दफ्तरों को निर्देश दिए जाते रहे। इस स्थिति में कलेक्टर की जनसुनवाई से वो अफसर भी जुड़े नजर आए जिनको यह काम बोझ लगता था।

अब नहीं चलेगा पुराना ढर्रा कि शिकायत महीनों पड़ी है

अब नहीं चलेगा पुराना ढर्रा कि शिकायत महीनों पड़ी है

दरअसल आम जनता की सहूलियत के लिए सरकार ने इस व्यवस्था को तो लागू किया, लेकिन कई मामलों में देखने में आया कि कलेक्ट्रेट से शिकायतकर्ताओं की शिकायत मार्क होकर जब संबंधित विभागों में जांच निराकरण के पहुंचती है, तो वह महीनों धूल खाती रहती थी। दोबारा लोगों को कलेक्ट्रेट का रुख करना पड़ता था। लेकिन इस नए प्रयोग से माना जा रहा है कि लोगों की समस्याओं का पहले से और ज्यादा जल्दी समाधान होगा।

कामचोर किस्म के अधिकारियों की फजीहत

कामचोर किस्म के अधिकारियों की फजीहत

जनसुनवाई वाले मंगलवार के दिन भी अभी तक जिन सरकारी दफ्तरों में आराम से अधिकारी पहुंचते थे या फिर अधीनस्थ कर्मचारी को सिर्फ शिकायत इकठ्ठा करने तैनात कर देते थे। उनको इस नए प्रयोग से ज्यादा फजीहत महसूस होगी। क्योकि अब उन्हें अपने दफ्तर में जनसुनवाई के दिन न सिर्फ वक्त पर पहुंचना होगा बल्कि कलेक्टर कभी भी उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेस में जोड़कर वास्तविता का पता लगा लेंगे।

अब बैठने की व्यवस्था के साथ टोकन

अब बैठने की व्यवस्था के साथ टोकन

जबलपुर कलेक्टर सौरव कुमार सुमन ने जनसुनवाई के दिन पहुँचने वाली शिकायतकर्ताओं की भी भीड़ को एक और सुविधा प्रदान की है। अब लोगों को लाइन लगाकर अपने नंबर आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शिकायतकर्ताओं के बैठने का इंतजाम करने के साथ उन्हें टोकन बांटना शुरू कर दिया है। यह व्यवस्था इसलिए भी शुरू की गई, क्योकि सुनवाई में पहुँचने वालों में बड़ी संख्या बुजुर्ग व्यक्ति, दिव्यांग जन भी लाइन में घंटो खड़े रहते थे।

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