Jabalpur Hospital Fire: न्यू लाइफ मल्टी स्पेशयलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर्स पर केस दर्ज, कई अफसर भी निशाने पर
मध्यप्रदेश के जबलपुर में न्यू लाइफ मल्टी स्पेशयलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल पर कार्रवाई शुरू हो गई है । पुलिस ने हॉस्पिटल के चारों डायरेक्टर्स, मैनेजर के खिलाफ हत्या के प्रयास और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
जबलपुर, 02 अगस्त: एमपी के जबलपुर में एक दिन पहले हुए भीषण अग्निकांड में न्यू लाइफ मल्टी स्पेशयलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल के चारों डायरेक्टर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अस्पताल के मैनेजर को भी आरोपी बनाया गया है और उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अस्पताल के आरोपी डायरेक्टर फरार हो गए है। वही इस मामले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

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सोमवार को शहर के विजय नगर स्थित न्यू लाइफ मल्टी स्पेशयलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल में भीषण आग लगने के बाद मौत का तांडव मचा। जिसमें बेकसूर आठ लोगों की आग में जिंदा जलने से मौत गई। वही 5 अन्य लोग हादसे में बुरी तरह झुलसे है, जिन्हें इलाज के लिए दूसरी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल दहलादेने वाली इस घटना के बाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई तथ्य सामने आए है। उससे स्पष्ट है कि अस्पताल में मरीजों की जान माल की हिफाजत के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। न तो हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी के मापदंडों को पूरा किया गया और न ही ऐसे हादसों से बचने के कोई उपाय मौजूद थे।

FIR होते ही आरोपी डायरेक्टर्स फरार, हिरासत में मैनेजर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अस्पताल प्रबंधन किसी भी तरह की लापरवाही से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा था। फायर सेफ्टी संबंधी NOC और अन्य मापदंडों का पूरा होना बता रहा था। लेकिन पुलिस के सामने यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल को जो प्रोविजनल फायर NOC ली मिली थी, जिसकी मियाद मार्च 2022 में ख़त्म हो गई थी। वही अस्पताल में सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश द्वार के अतिरिक्त एग्जिट डोर भी होना चाहिए, वह भी नहीं था। जिस जनरेटर से आग भड़की वह हॉस्पिटल के एंट्रेंस में ही रखा था। पुलिस ने अस्पताल के चारों डायरेक्टर डॉ. निशांत गुप्ता, संतोष पटेल, सुरेश पटेल और संजय पटेल को आरोपी बनाया है। इनके अलावा मैनेजर को राम सोनी के साथ सभी के खिलाफ गैर-इरादतन और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

NOC और रजिस्ट्रेशन देने वालों पर लटकी तलवार
जबलपुर प्रशासन और पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आगे जैसे जैसे जांच रफ़्तार पकड़ेंगी, 8 मौतों के जिम्मेदार बेनकाब होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हॉस्पिटल संचालन के लिए बिल्डिंग अपात्र होने के बाबजूद स्वास्थ्य विभाग के जिन अफसरों ने डायरेक्टर्स को उपकृत किया, उनकी गर्दन पर भी FIR की तलवार लटकी है। कई बड़े और छोटे अधिकारी चिन्हित किए जा रहे है। साथ ही सरकार की ओर जो जांच कमेटी बनाई गई है, वह भी मामले की जांच में जुट गई है।












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