Jabalpur News: ‘होश तो आता है, लेकिन हादसे की याद उसे बेहोश कर देती है..’, पिंटू की दर्दनाक दास्तान
(Jabalpur News) कैटरिंग का काम करने वाले मप्र के जबलपुर के पिंटू बर्मन की जिंदगी बचाने घर के लोग तमाम जतन कर रहे है। दशहरे की हादसे वाली काली रात से उसके दिलो दिमाग में अँधेरा छाया हुआ हैं। दरअसल अंधाधुंध रफ़्तार कार की टक्कर से करीब 15 फीट दूर उछलकर वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। कई दिनों तक कोमा में रहा। जब अस्पताल में उसे पहली बार होश आया तो 'उसका सवाल यही था, कि वह अस्पताल कैसे पहुंचा'।

पिंटू के लिए 6 अक्टूबर की वो काली रात
बुराई पर अच्छाई की जीत प्रतीक पर्व दशहरा की रात से अब तक बर्मन परिवार जूझ रहा है। पूरे परिवार का इकलौता सहारा पिंटू बर्मन अभी तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। ब्रेन इंज्यूरी की वजह तेज रफ़्तार का कहर बनी। जब पिंटू अपनी बहनों को दहशरा घुमाकर घर पहुंच रहा था। तभी घर के बाहर रुकते ही बाइक पर बैठे पिंटू को अंधाधुंध रफ़्तार कार ने उसे टक्कर मार दी थी।

कई दिनों बाद पिंटू को आया होश
प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान वह कई दिनों तक कोमा में रहा। लेकिन हालत में कुछ सुधार हुआ तो उसे होश आया। उसके सामने उसकी मां बैठी थी, उसने पूछा कि वह यहां अस्पताल कैसे पहुंचा और उसे क्या हुआ है? अपने लाडले बेटे का यह सवाल सुनकर उसकी मां फफककर रोने लगी। बेटे की स्थिति देख मां इस काबिल नहीं थी कि उसे हादसे की पूरी सच्चाई बता सकें। तो मां ने पिंटू को इतना ही बताया कि वह कार की टक्कर से गिर गया था।

पिंटू ने भी बताई अपनी दास्तान
डाक्टरों ने बताया है कि पिंटू को होश आने पर उसका दिमाग पूरी तरह काम कर रहा है। लेकिन गंभीर चोट होने की वजह से ज्यादा देर एक्टिव नहीं रह पाता है। इसमें वक्त लगेगा। डाक्टरों ने उससे दशहरा वाली रात के बारे पूछा तो उसने बताया कि वह अपनी बहनों को दशहरा घुमाकर घर लौटा था। घर के बाहर रोड पर जब वह रुका तो वही नजदीक में रहने वाले पड़ोसी दोस्त से उसने पानी लाने कहा। इसके बाद चंद सेकंड गुजरते ही सामने से आ रही कार की रफ़्तार को देख एक दम अँधेरा छा गया। फिर उसे याद नहीं कि क्या हुआ ?

हादसे को याद कर बार-बार बेहोश हो रहा पिंटू
हालांकि चिकित्सकों ने पिंटू की स्थिति में सुधार होता देख अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कर दिया है। अब घर में ही उसकी देखरेख हो रही है। लेकिन बीच-बीच में हादसे वाली रात की जैसे ही उसको याद आती है, तो वह बेहोश हो जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि पिंटू को पूरी तरह से स्वस्थ होने में अभी भी वक्त लगेगा। कई तरह के कॉम्प्लिकेशन अभी भी आ सकते है। जरुरी है कि पिंटू को घटना के बारे में याद ना आए और हादसे का उसके सामने जिक्र भी ना किया जाए।

आरोपी केशव कोतवाल को मिली जमानत
हवाई जहाज की रफ़्तार की तरह कार ड्राइव करने वाले वाला केशव कोतवाल पकड़ा तो गया, लेकिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। रांझी पुलिस के अनुसार के हादसे वाले कार की तलाशी में शराब की खाली बोतल मिली थी। आरोपी शराब पीने का आदी है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना वाली रात वह शराब पीकर गाड़ी चला रहा था। इधर परिजनों ने इंसाफ की गुहार लगाईं है। उनकी मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।












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