Jabalpur News: पूर्व MLA के बेटे की दबंगई से तंग डॉक्टर ने दिया इस्तीफ़ा, सिहोरा अस्पताल में विवाद, लगाए आरोप
एमपी के जबलपुर में पूर्व बीजेपी विधायक दिलीप दुबे के बेटे पर दबंगई के आरोप लगे हैं। मामला सिहोरा अस्पताल का है, जहां डॉक्टर को विवाद के कारण इस्तीफ़ा तक देना पड़ा। बाकी स्टाफ ने भी अब मोर्चा खोल दिया हैं।

Jabalpur Doctor Controversy former MLA's son: एमपी के जबलपुर में पूर्व विधायक के बेटे की दबंगई सामने आई है। मामला सिहोरा तहसील है, जहां पूर्व एमएलए दिलीप दुबे के बेटे राजा दुबे पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने धमकी देने और अभद्रता के आरोप लगाए है। जिससे परेशान होकर डॉक्टर ने इस्तीफ़ा देते हुए अस्पताल आने से इंकार कर दिया है। इस घटना से अस्पताल के अन्य स्टाफ ने भी मोर्चा खोल दिया है।

सरकारी महकमों में नेता अपना रसूक जताना नहीं छोड़ रहे और दबंगई दिखाकर अपनी बात मनवाने हर हद पार करने तैयार हैं। ताजा मामला एमपी के जबलपुर सिहोरा तहसील का है। जहां सरकारी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मय प्रधान ने सिर्फ इसलिए इस्तीफ़ा दे दिया क्योकि क्षेत्र के पूर्व विधायक दिलीप दुबे का बेटा अभद्रता और धमकी देने उतारू हो गया। प्रधान ने अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुनील लटीयार को अपना शिकायती पत्र सौंपा हैं। जिसमें उन्होंने पूर्व विधायक के बेटे राजा दुबे पर गंभीर आरोप लगाए है। प्रधान का कहना है कि उनकी ड्यूटी ख़त्म होने के बाद राजा दुबे जबरदस्ती इलाज के लिए दबाब बना रहे थे। उन्हें छुट्टी के बाद परिवार में अतिआवश्यक काम में जाना था। इस बात को अनसुना करते हुए राजा दुबे ने उन्हें कई तरह की धमकी दी और गाली-गलौच भी की।

इस वजह से हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक के बेटे राजा दुबे के ड्राइवर के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। इलाज के लिए वह अपने ड्राइवर को सिविल अस्पताल सिहोरा लेकर आए। उस वक्त डॉ. प्रधान की ड्यूटी ख़त्म हो गई थी और वह अस्पताल की पहली मंजिल से घर के लिए निकल रहे थे। अस्पताल में दूसरा स्टाफ इलाज के लिए मुहैया था। लेकिन राजा ने जबदस्ती डॉ. प्रधान को रोक लिया। घर जाने की जरुरी वजह बताने के बाबजूद राजा विवाद करने लगे। इस मामले को लेकर अस्पताल का अन्य स्टाफ भी खफा है। पुलिस में भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में पूर्व विधायक दिलीप दुबे का बयान भी सामने आया है। उन्होंने डॉक्टर पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि विवाद की असल वजह फ्रैक्चर का सामान डॉक्टर की पसंद की दुकान से न लाना था। जिससे डॉ. प्रधान इलाज करने तैयार नहीं हुए। उनके बेटे ने इसी बात का विरोध किया।
ये भी पढ़- Video: कैसे डॉक्टर है जबलपुर के..? हॉस्पिटल में भर्ती कर लिए स्ट्रीट डॉग, पेशेंट परेशान












Click it and Unblock the Notifications