Jabalpur: हॉस्पिटल अग्निकांड में CMHO, फायर सेफ्टी ऑफिसर सस्पेंड !, 52 हॉस्पिटल पर कसा शिकंजा
जबलपुर, 02 अगस्त: मप्र के जबलपुर के न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई का कोड़ा चलना शुरू हो गया है। अधिकारियों पर भी निलंबन की गाज गिर रही है। CMHO डॉ. रत्नेश कुररिया को सस्पेंड कर दिया गया है। वही 8 मौतों के लिए जिम्मेदार हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। जिले के 52 प्राइवेट अस्पतालों में नए मरीजों को भर्ती करने भी रोक लगा दी गई है।

हादसे के 24 घंटे बाद चला कार्रवाई का कोड़ा
मप्र के जबलपुर के न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल में हुए भयाभय अग्निकांड हादसे की आंच अब पूरे सिस्टम पर है। आग में जिंदा जलकर जिन 8 लोगों की मौत हुई, उसकी जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। नियमों को दरकिनार रखकर जिस ढंग से इस अस्पताल को संचालन का लायसेंस दिया गया, उससे जिला स्वास्थ्य विभाग का महकमा कटघरे में है। एक विभाग ही नहीं, बल्कि कई विभागों पर आरोप है जिन्होंने अस्पताल संचालकों से सांठगांठ की और मनमाना लायसेंस दे दिया।
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हॉस्पिटल का लायसेंस रद्द
अग्निकांड के बाद उठ रहे सवालों के बीच सरकार को भी हरकत में आना पड़ा। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने के साथ हॉस्पिटल के सभी चारों डायरेक्टर पर केस दर्ज हुआ है। अस्पताल के मैनेजर को भी आरोपी बनाया गया है। इसी के साथ प्राथमिक तौर पर हादसे की अब तक हुई जांच में अस्पताल की कई खामियां उजागर हुई, जिसके बाद प्रशासन ने हॉस्पिटल का लायसेंस रद्द कर दिया है। इससे पहले कमिश्नर बी. चंद्रशेखर अधिकारियों के साथ न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल हादसे की जांच करने पहुंचे। जिसमें अग्नि दुर्घटना के कारणों सहित अन्य विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।

जिले के 52 प्राइवेट हॉस्पिटल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक !
अग्निकांड वाले अस्पताल की खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने जिले के 51 प्राइवेट हॉस्पिटल पर भी शिकंजा कसना शुरू किया है। जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी अब तक मुहैया नहीं कराई। संभाग के स्वास्थ्य संचालक डॉ. संजय मिश्रा ने पुष्टि की है कि इन सभी हॉस्पिटल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगाईं जा रही है। जब तक ये माँगी गई जरुरी जानकारी और दस्तावेज प्रशासन को मुहैया नहीं कराएंगे, तब तक यह रोक लगी रहेगी।

CMHO पर गिरी निलंबन की गाज
बड़ी लापरवाही और कई खामियों की वजह से हॉस्पिटल में हुए हादसे को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे थे। आरोप था कि कोविडकाल के दौरान जब इस अस्पताल को लायसेंस दिया गया, उस वक्त जिम्मेदार अधिकारियों ने किस आधार पर अस्पताल संचालन की अनुमति दी? 2020-2021 के दौरान भी वर्तमान CMHO डॉ. रत्नेश कुररिया रहे। मौजूदा साक्ष्यों और जांच के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

क्या अस्पताल पर चलेगा बुलडोजर ?
प्रदेश में माफिया राज के खात्मे के लिए सीएम शिवराज मामा का हर जगह बुलडोजर गरज रहा है। जबलपुर में हुए इस बड़े हादसे के लिए जिम्मेदार न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल पर भी बुलडोजर चलाने की मांग उठ रही है। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संगठन का कहना है कि नियम विरुद्ध चल रहा यह अस्पताल 8 मौतों का गुनाहगार है, लिहाजा दूसरे माफियाओं की तरह इस अस्पताल पर बुलडोजर चलना चाहिए।

Madhya pradesh: जबलपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भीषण आग, 8 की मौत, 4 घायल












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