Jabalpur News: ‘कर लो जबलपुर मुठ्ठी में’ गणतंत्र के बहाने सीएम शिवराज क्या देंगे कोई मंत्र? दो दिवसीय दौरा
74 वें गणतंत्र दिवस समारोह में एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जबलपुर में ध्वजारोहण करेंगे। दो दिवसीय कई प्रोग्राम में सीएम शामिल होंगे। चुनावी साल के लिहाज से इस आयोजन और सीएम के दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं

Jabalpur cm shivraj singh republic day celebration:74 वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बार ध्वजारोहण के लिए महाकौशल के केंद्र बिंदु जबलपुर को चुना है। यहां दो दिन कई प्रोग्राम में वें हिस्सा लेंगे। अपने तीसरे कार्यकाल के आखिरी गणतंत्र दिवस के बहाने सीएम का यह दौरा चर्चा का विषय बन गया है। चुनावी साल है और इस कार्यकाल में यहां से विरोध के स्वर गूंजते रहे, इस लिहाज से जानकर कह रहे है कि सीएम जबलपुर को मुठ्ठी में करने आ रहे है। क्योकि पिछले चुनाव में यहां 8 में से 4 सीट पर ही जीत का स्वाद चख पाई थी।

इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मलेन और इन्वेस्टर समिट की व्यस्तता से फुर्सत होने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महाकौशल पर नजर है। शायद यही वजह है कि प्रदेश के तमाम जिलों को छोड़ हर लिहाज से यहां के केंद्र बिंदु जबलपुर में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करने का फैसला लिया। चुनावी साल है तो सरकार भी ज्यादा वक्त जाया नहीं करना चाहती। इसलिए इस बार जबलपुर का 74 वां गणतंत्र दिवस समारोह बेहद होने जा रहा है। सीएम के दो दिवसीय प्रोग्राम का जो खाका तैयार हुआ, उसकी जानकारी देने कलेक्टर सौरव कुमार सुमन ने विशेष रूप मीडिया को बुलाया। इससे पहले ऐसे मौके कम ही देखने को आए। कलेक्टर के मुताबिक 25 जनवरी ग्वारीघाट में नर्मदा महाआरती, थ्रीडी लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए है। मशहूर गायक सोनू निगम, श्रेया घोषाल और कैलाश खेर के आने की भी संभावना है।

26 जनवरी को मुख्य समारोह है और दिनभर अन्य प्रोग्राम में सीएम शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक इसी बीच बीजेपी के विधायकों और नेताओं के साथ गुप्त बैठक भी है। जो कहने के लिए औपचारिक है, लेकिन थोड़े बहुत देर का मंथन बड़ा संदेश देगा। रूठे हुए नेताओं का मन भी टटोला जाएगा। इस कार्यकाल में इसी इलाके से सरकार पर उपेक्षा के आरोप भी लगे। पार्टी के ही विधायक अजय विश्नोई मुखर रहे। पिछले चुनाव के नतीजे जिसमें 8 में से 4 सीट पर ही बीजेपी को संतोष करना पड़ा, वैसे आंकड़ों की नौबत इस बार न बने, इसकी कवायद का एक हिस्सा भी सीएम का यह दौरा माना जा रहा हैं।












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