Jabalpur News: पूर्व बिशप पीसी सिंह के लिए 44 साल पहले का बना दिया सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रार सोलंकी का कारनामा
जबलपुर के चर्च लैंड स्केम और मिशनरी शैक्षिणिक संस्थानों की फ़ीस घोटाले के आरोपों में घिरे पूर्व बिशप पीसी सिंह ने फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया था। ईओडब्ल्यू की चल रही जांच में आए तथ्यों के मुताबिक बोर्ड आफ एजुकेशन का सर्टिफिकेट शहर में रजिस्ट्रार रहे बीएस सोलंकी ने बनाया था। जिसमें 44 साल पहले की तारीख लिखी गई । सोलंकी वर्तमान में इंदौर में पदस्थ होना बताए जा रहे है, जिनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।

धोखाधड़ी जालसाजी और कई गंभीर आरोपों में जेल में बंद पूर्व बिशप पीसी सिंह की एक और कारगुजारी सामने आई है। पीसी सिंह ने अपने फायदे और चेयरमैन बनने जिस नए बोर्ड को गठित किया, उसका रजिस्ट्रेशन 44 साल पहले की तारीख का करवाया लिया । इसके लिए जबलपुर में पदस्थ रहे रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्था के रजिस्ट्रार बीएस सोलंकी ने गैरक़ानूनी रूप से मदद की। जानकारी के मुताबिक साल 2003-2004 में पीसी सिंह ने जबलपुर बोर्ड आफ एजुकेशन के 1959 में गठन के आदेश जारी करा लिए। इसी सन में नागपुर बोर्ड आफ एजुकेशन का गठन 1959 में किया गया था। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हुए इस रजिस्ट्रेशन के एवज में सोलंकी को पीसी सिंह ने मोटी रकम भी दी थी।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि जब पीसी सिंह के घर छापा मारा गया था, उसमें मिली शिकायतों की जांच और सबूतों के आधार FIR मे सोलंकी को भी आरोपी बनाया गया है। अब शासन से सोलंकी की गिरफ्तारी के लिए इजाजत माँगी जाएगी। सोलंकी के इस कारनामे से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अन्य और इसी तरह संस्थाओं के कई पुरानी तारीखों में रजिस्ट्रेशन हुए होंगे। जांच टीम सोलंकी के कार्यकाल के दौरान दस्तावेजों को भी खंगाल रही है। आपको बता दें पीसी सिंह मामले में ईओडब्ल्यू ने लगभग 4000 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है। जिसमें उसके हर आरोपों से जुड़े सबूत भी शामिल है।












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