Jabalpur News: ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया..’, बिशप पीसी सिंह के बेटे के भी थे राजशाही ठाठ, खाते में मिले करोड़ो
(Jabalpur News) अब जेल की हवा खा रहे बाप-बेटे पूर्व बिशप पीसी सिंह और क्राइस्ट चर्च कोएड स्कूल का प्रिंसिपल पीयूष पाल सिंह भी मन भरकर ऐशो आराम की जिंदगी जीता था। इसका खुलासा ईओडब्ल्यू की जांच से हुआ है। उसके खातों में मिली करीब सवा दो करोड़ की रकम ने जांच टीम के कान खड़े कर दिए। क्योकि बिशप ने पीयूष को जिस स्कूल का प्रिंसिपल बनाया था, उसमें उसकी तनख्वाह 55 हजार रुपए । यानी बगैर खर्च किए 33 साल नौकरी करने के बाद सैलरी से इतनी रकम इकट्ठी होगी।

बाप के साथ बेटे की भी लग्जरी लाइफ
पूर्व बिशप पीसी सिंह के खिलाफ जिस तरह अंधी कमाई करने के ईओडब्ल्यू ने खुलासे किए, अब उसी ढंग से जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पीसी सिंह के साथ अब उसका बेटा पीयूष पाल सिंह भी जेल में है। लेकिन EOW ने उसके खातों से मिली रकम का जो खुलासा किया है, वह हैरान करने वाला है। खाते में डेढ़ करोड़ की रकम और 70 लाख रुपए की FD मिली है। जांच टीम ने जब पीयूष से इस रकम के सिलसिले में पूछा तो वह गोलमोल जबाब ही देता आया। ईओडब्ल्यू एसपी देवेद्र राजपूत ने बताया कि आरोपी के नाम लग्जरी गाड़िया रजिस्टर्ड मिली है। उसने अपने पिता को बीस लाख की एक कार भी गिफ्ट की।

आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बिशप पीसी सिंह ने अपने बेटे पीयूष पाल सिंह को आइसीएससी कोएड क्राइस्ट चर्च स्कूल का प्राचार्य बना दिया था। वो भी नियम विरुद्ध तरीके से। उसको सैलरी 55 हजार रुपए दी जाती थी, लेकिन हर महीने खर्चे करोड़पतियों से बढ़कर रहते थे। लग्जरी गाड़ियों में घूमना, हवाई यात्रा और आलीशान होटलों में ठहरना पीयूष की हॉवी थी। 55 हजार प्रतिमाह सैलरी वाला कोई व्यक्ति जब 33 साल बगैर खर्च किए नौकरी करेगा, तब वह सवा दो करोड़ रुपए जोड़ पाएंगा। लेकिन पीयूष की जितनी उम्र है, चंद साल प्राचार्य रहते उसके खाते में इतनी रकम जुड़ गई।

आरोपी सुरेश जैकब का बेटा क्षितिज भी निशाने पर
बिशप पीसी सिंह के बेटे की गिरफ्तारी के पहले उसके ख़ास राजदार सुरेश जैकब को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुरेश जैकब क्राइस्ट चर्च स्कूल का मैनेजमेंट देखता था। उसका भी आलीशान बंगला है और कई बैंक खातों का पता चला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश को अपना राजदार बनाए रखने के लिए पीसी सिंह ने उसके बेटे क्षितिज जैकब को सालीवाड़ा क्राइस्ट चर्च स्कूल का प्रिंसिपल बना दिया। सुरेश ने अपने बेटे को एक आलीशान घर और बेटी को मुंबई में फ़्लैट खरीदकर दिया। इन सबूतों को भी ईओडब्ल्यू जुटा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि अब सुरेश जैकब के बेटे की भी गिरफ्तारी होगी।

पीयूष पाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद कई अंडरग्राउंड
इधर पीयूष पाल की जैसे ही गिरफ्तारी हुई, उसके बाद बिशप और सुरेश से जुड़े कई करीबी भूमिगत हो गए। हालांकि जांच टीम ने उन नामों का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन यह जरुर बताया जा रहा है कि बिशप एक बड़े गिरोह के रूप ना सिर्फ मप्र बल्कि देश के कई राज्यों में अंधी कमाई करने नेटवर्क फैलाए रखा था। जिसके बलबूते उसने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया। जांच टीम ऐसे कई सहयोगियों के साक्ष्य भी इकठ्ठा कर चुकी है। जिनसे पूछताछ होना है।

विवेचना अधिकारी का तबादला बना चर्चा का बिषय
मप्र में किसी धर्म गुरु के खिलाफ अब तक की हुई यह सबसे बड़ी कार्रवाई है, जो बीते एक महीने से लगातार चल रही है। हर रोज नए खुलासे हो रहे है। इसी दरमियान गुरूवार को मामले की विवेचना कर रहे ईओडब्ल्यू में पदस्थ निरीक्षक स्वर्ण जीत सिंह धामी का तबादला कर दिया गया। भोपाल मुख्यालय से जारी हुई तबादला सूची में उनका भी नाम है। इस बीच कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।












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