MP में चल रहा गाली देने का कॉम्पटीशन ? गालीकांड के इन चेहरों से गरमाई सियासत
जबलपुर, 20 सितंबर: मानसून की विदाई भले ही हो गई हो, लेकिन मध्यप्रदेश में गालियों की बारिश थम नहीं रही । नेता हो या अफसर, एक के बाद एक सामने आ रहे गाली और अभद्र भाषा कांड तो यही बता रहे है, जैसे सूबे में गाली देने का कॉम्पटीशन चल रहा हो। मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा की ब्राहमण समुदाय पर दी गई ताजी गालियों से सियासत फिर गरमा गई है । हम आपको बताते है पिछले दिनों हुए ऐसे ही कुछ कांड, जो नेताओं की मानसिकता और ब्यूरोक्रेसी पर सवाल उठा रहें है।

एमपी में गाली देने का कॉम्पटीशन?
मप्र में इन दिनों मर्यादाओं और विचारात्मक भाषा शैली का डंका कुछ अलग अंदाज में बज रहा हैं। नेताओं अफसरों की जुबान पहले भी फिसलती रही है और मर्यादा भी लांघी जाती रही । लेकिन उस वक्त सोशल मीडिया का अभाव ऐसे माहौल में डूबे लोगों को बचाता रहा । लेकिन मोबाइल युग में अब ऐसा बर्ताब जनता तक पहुंचने में जरा भी वक्त नहीं लग रहा। इसमें मशगूल चाहे वो नेता हो या अफसर बेधड़क जो मन में आ रहा है, वह बोलने से नहीं चूक रहे। कही मंच से, तो कही किसी सभा में या फिर दफ्तर घर से फोन पर ही गाली दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे गाली देने का कॉम्पटीशन रखा गया है। इस मैदान में जनता के रखवाले बनने वाले अफसर भी कूद पड़े है।

बीजेपी से निलंबित नेता प्रीतम लोधी
कोई गालीबाज बनकर उभर रहा है, तो कोई मंच सभाओं से समुदाय, समाज विशेष को टारगेट कर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहा है। पिछले दिनों मप्र के शिवपुरी जिले के भाजपा नेता प्रीतम लोधी ने ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी । जिसका पूरे प्रदेश में विरोध हुआ और पार्टी की किरकिरी होता देख, बीजेपी ने प्रीतम को 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया। विरोध की बढ़ती आग के बाद प्रीतम ने माफी भी मांग ली थी ।

नरसिंहपुर जिले के निशिकांत गुजर
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील में बीजेपी समर्थित नेता निशिकांत गुजर भी सार्वजनिक तौर पर गाली देते नजर आए। उनका यह कांड इसी सितंबर माह के पहले सप्ताह में उस वक्त सामने आया, जब सड़क निर्माण की मांग को लेकर तहसील कार्यालय में धरना दिया जा रहा था। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जिसमें महिलाएं भी शामिल थी उनके सामने निशिकांत का गाली देते हुए वीडियो रिकॉर्ड हो गया। स्थिति यह बनी कि मौजूद जनता के गुस्से के सामने नेताजी को मौके से भागना पड़ा।

झाबुआ के निलंबित एसपी अरविंद तिवारी
झाबुआ जिले के एसपी रहे अरविंद तिवारी ने कॉलेज के एक छात्र को फोन पर न सिर्फ गाली दी, बल्कि कई अपशब्द भी कहें। पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र सुरक्षा की मांग कर रहे थे। उन्होंने अतिक्रमण की शिकायत की थी, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे थे और छात्रों को लगातार धमकियां मिल रही थी। एसपी से फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली गई। जब इसका ऑडियो सीएम तक पहुंचा, तो उन्होंने एसपी तिवारी को सस्पेंड कर दिया।

अब कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा की ‘गालीबाजी’
ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले केके मिश्रा मप्र कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता हैं। ताजा गालीकांड में उनका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें वह ब्राह्मणों को गाली दे रहे हैं। यह वीडियो उस वक्त रिकॉर्ड हुआ, जब पार्टी के ही दफ्तर में मीडिया के सवालों के जबाब दे रहे थे। तभी एक पत्रकार ने ऑफ़ कैमरा उनकी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। जिसमें वह ब्राह्मण समुदाय को भद्दी गाली देते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद दोबारा केके मिश्रा से प्रतिक्रिया जानी गई तो वह बिना किसी परहेज के कह रहे है कि 'मैं अपने बयान पर कायम हूं' ।

ब्राह्मण समाज में फिर भड़का आक्रोश
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के गाली वाले वीडियो से एक बार फिर ब्राह्मण समाज आक्रोशित हो गया है। ब्राह्मण संगठनों ने पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ से मांग की है कि मिश्रा के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। वही बीजेपी ने भी कांग्रेस पर तंज कसना शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केके मिश्रा सार्वजनिक रूप से माफी मांगे । उनके कृत्य से समाज विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंची है।












Click it and Unblock the Notifications