Jabalpur News: जज की कार में ज्यादा फ्यूल भरने वाले पेट्रोल पंप को क्लीन चिट, जबलपुर प्रशासन ने किया था सील
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जज की कार में ज्यादा ईधन के बिल मामले में पंप संचालक को प्रशासन ने क्लीन चिट दे दी हैं। प्रशासन ने कुछ दिनों पहले मोखा पेट्रोल पंप सील कर दिया था।

Clean chit to petrol pump: एमपी के जबलपुर में हाईकोर्ट जज की कार में कम ईधन भरने के मामले में सील पेट्रोल पंप को प्रशासन ने क्लीन चिट दी है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन और नापतौल विभाग ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की थी। पंप की सभी मशीनों की जांच की गई। जिला खाद्य अधिकारी का कहना है मशीनों में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं मिली। कहा जा रहा है कि इस आधार पर सील पंप दोबारा चालू हो जाएगा। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि जज की कार के टैंक में क्षमता से अधिक फ्यूल भरने का बिल किस आधार पर थमाया गया?

पिछले दिनों मध्य प्रदेश के जबलपुर में सरबजीत सिंह मोखा के फ्यूल स्टेशन में जज की कार में ईधन भरने के दौरान बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ था। जिसके फ़ौरन बाद प्रशासन को कुछ ही घंटों में उक्त पेट्रोल पंप सील करना पड़ा था। जिम्मेदार विभाग के अफसरों की सांसे भी फूल गई थी। क्योकि मामला हाई कोर्ट जज से जुड़ा था। उस कार्रवाई के बाद की गई जांच में बताया गया कि पंप फ्यूल डिलिवर करने वाले मशीनों में किसी तरह की कोई खामी नहीं पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि पंप में लगी सभी मशीनों की बारीकी से जांच की गई और फ्यूल स्टॉक का भी मिलान किया गया।
अब इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि जल्द ही सील पेट्रोल पंप खुल जाएगा। लेकिन सवाल उठाना शुरू हो गए है कि जब मशीनों में गड़बड़ी नहीं थी तो आखिर जज की कार में क्षमता से अधिक फ्यूल भरने का बिल किस आधार पर जनरेट हुआ? क्या कर्मचारियों के द्वारा ज्यादा फ्यूल की मात्रा बताकर अधिक राशि का बिल थमाया गया या फिर इस मामले में अभी भी कोई राज छिपा हुआ है? इस मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि आनन फानन में कलेक्टर को जिले के सभी पम्पों की जांच करने के निर्देश देना पड़ा था।












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