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Rahul Gandhi की Bharat Jodo Yatra में पहुंचा ‘जबलपुर का चुटका’, विस्थापितों की लड़ाई लड़ने का भरोसा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा एमपी पहुंचने के बाद कई जिलों का सफ़र तय करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश के जो जिले राहुल की इस यात्रा से महरूम है, वहां के लोग खुद अपने मुद्दे लेकर राहुल से मिलने पहुंच रहे है। खरगोन में इस जर्नी के दौरान कई हिस्सों के विस्थापित संगठनों के लोग मिले। जिसमें जबलपुर मंडला बरगी बांध और चुटका परमाणु संयंत्र विस्थापितों ने अपना दर्द बांटा।

राहुल गांधी के पास पहुंच रहे प्रदेशभर के मुद्दे

राहुल गांधी के पास पहुंच रहे प्रदेशभर के मुद्दे

मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अपने कई पड़ाव पार करते हुए आगे बढ़ती जा रही हैं। यात्रा के शैड्यूल में महाकौशल अंचल भी अछूता है। लेकिन यहां के मुद्दे यात्रा में आगे बढ़ रहे राहुल के पास पहुंचते जा रहे है। चाहे वह किसान, आदिवासियों से जुड़े हो या फिर विस्थापन का दंश झेलते हुए सरकार से लड़ाई लड़ रहे लोगों के। बिजी शैड्यूल में राहुल से मिलने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत भी करना पड़ रही है।

इन विस्थापित संगठनों ने की मुलाकात

इन विस्थापित संगठनों ने की मुलाकात

खरगोन जिले के भानवर में मप्र की कई परियोजनाओं से विस्थापित संगठन के लोगों ने राहुल गांधी के साथ चर्चा की और अपनी बात रखी। जिसमें नर्मदा घाटी के सरदार सरोवर बांध, बरगी बांध, चुटका परमाणु परियोजना प्रभावित, कूनो और कान्हा नेशनल पार्क विस्थापित समेत बक्सवाह हीरा खदान से प्रभावित समुदाय के लोग मौजूद रहे।

चुटका संयंत्र के लिए जबरिया जमीन अधिग्रहण

चुटका संयंत्र के लिए जबरिया जमीन अधिग्रहण

यात्रा में पहुंचकर सबसे पहले बात रखते हुए चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कूड़ापे ने बताया कि बरगी बांध में जमीन का बहुत ही कम मुआवजा देकर धोखा किया गया। अब चुटका परियोजना में बगैर सहमति के जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन के बिना हम आदिवासी जिंदा नहीं रह सकते हैं, हमारे पास खेती के अलावा कोई ज्ञान नहीं है। बरगी विस्थापन की त्रासदी हमारे बच्चे भोग रहे हैं।

बरगी विस्थापित मछुआरा समुदाय का पलायन

बरगी विस्थापित मछुआरा समुदाय का पलायन

वहीं बरगी बांध विस्थापित मत्स्य उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष मुन्ना बर्मन ने कहा कि बरगी जलाशय में मत्स्य उत्पादन में गिरावट के कारण मछुआरा रोजगार के लिए पलायन को बाध्य है। दूसरी ओर राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा प्रदेश में मछली पकङने का मजदूरी 32(बड़ी) और 18(छोटी) रूपये प्रति किलो भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जलाशय का मछली ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर विस्थापितों की सहकारी समिति को मत्स्य उत्पादन और विपणन का अधिकार दिया जाए। ये सभी लोग निवास विधायक डाक्टर अशोक मर्सकोले नेतृत्व में राहुल से मुलाकात करने पहुंचे थे।

अन्याय के खिलाफ सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा

अन्याय के खिलाफ सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा

सभी परियोजनाओ से विस्थापित समुदाय की बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों को जमीन और गांव से विस्थापित करना अन्याय है। गरीब लोगों की जमीन को छीनकर बङे कॉर्पोरेट सेक्टर को दिया जा रहा है। जिसके सहारे राज्य और केंद्र सकरार के नेता, मंत्री अपने निजी हित साधने में लगे है। राहुल गांधी ने कहा कि इस अन्याय को रोकने के लिए सभी को मिलकर बिना डरे लड़ना होगा।

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English summary
'Chutka of Jabalpur' reaches Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra, confident of fighting for the displaced
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