Bajrang Dal protest: अवांछित अपराधियों ने की जबलपुर कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़, सांसद तन्खा और कमलनाथ का Tweet
बजरंग दल बैन' मुद्दे पर जबलपुर कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़ मामले ने भी तूल पकड़ लिया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ और राज्य सभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
Bajrang Dal protest: मध्य प्रदेश के जबलपुर में कांग्रेस दफ्तर में हुई तोड़फोड़ से बजरंग दल किनारा कर रहा हैं। संगठन नेता कांग्रेसियों पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने 6 नामजद प्रदर्शनकारियों समेत करीब दो सौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
घटना में के वक्त ये गनीमत थी कि दफ्तर बंद था और वहां कोई भी मौजूद नहीं था। वरना कथित तौर पर हाथों में बड़े-बड़े पत्थर लिए बजरंगियों का निशाना वो लोग भी बनते। इस बवाल में काफी नुकसान का आंकलन भी किया गया। इस मामले में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट भी किया।
ट्वीट में लिखा कि -
जबलपुर बजरंग दल के असामाजिक तत्व ने कांग्रेस पार्टी के सिटी कार्यालय में तोड़फोड़ कर सिद्ध कर दिया की वे , हिंदू धर्म की प्रतिमूर्ति , साहस,सेवा और राम के प्रति निष्ठा के प्रतीक महा बजरंग बलि के भक्त नहीं, यद्यपि ईश्वर के नाम को कलंकित करने वाले अवांछित अपराधी है।
कलेक्टर एसपी से आशा है की ऐसे तत्व के विरुद्ध , अति शीघ्र कड़ी कार्यवाही कर अपनी प्रशासनिक निष्पक्षता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता सिद्ध करे। कांग्रेस के धेर्य की परीक्षा मत लीजिए। मप्र की ८8 करोड़ जनता समझती है यह सब कौन करवा रहा हैं।
इस मामले में कमलनाथ की प्रतिक्रिया भी आई। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि क्या कांग्रेस के ऊपर सीधा हमला करने का मन बना लिया गया है? लोकतान्त्रिक तरीके छोड़ दिए है? उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतान्त्रिक तरीके से शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए तैयार रहने कहा।
'बजरंग दल बैन' मामले में मचे जबलपुर के इस बवाल पर जब कांग्रेसियों ने थाने में हल्ला बोला। तो पुलिस भी केस दर्ज करने मजबूर हुई। एसपी तुषारकांत विधार्थी के मुताबिक कानून हाथ में लेने वाले 6 नामजद लोगों समेत 200 बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें कांग्रेस दफ्तर और उसके आसपास तोड़फोड़, पथराव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई हैं।