Jabalpur News: बिना मान्यता के एडमीशन! एग्जाम की जगह लौटा रहे फीस, जबलपुर के नर्सिंग-पैरामेडिकल कालेज की करतूत
Jabalpur News: मध्य प्रदेश में नर्सिंग-पैरामेडिकल कॉलेज की गड़बड़ियां और शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही। अब जबलपुर के एक ऐसे निजी कॉलेज प्रबंधन की पुलिस में शिकायत पहुंची, जो बीते साल से नर्सिंग-पैरामेडीकल स्टूडेंट्स की फीस अपने खजाने में रखा रहा, फिर परीक्षा कराने के बदले दो साल बाद फीस लौटा रहा हैं।
दो साल का कीमती वक्त बर्बाद होने के बाद परीक्षा देने से वंचित स्टूडेंट्स खफा हैं। जिन्होंने पुलिस में शिकायत की। जिसके मुताबिक आरोप प्रेमवती कालेज पर हैं। कहा गया कि मोटी रकम ऐंठ कर उनको दो साल से अधिक की पढ़ाई भरी करवा डाली। उनको भरोसा दिलाया जाता रहा कि जल्द परीक्षा करा ली जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया तो स्टूडेंट्स ने विरोध करना शुरू कर दिया।

नतीजतन कालेज प्रबंधन छात्र-छात्राओं के खाते में आधा-अधूरी रकम लौटा कर उनसे पीछा छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शहर के विजयनगर स्थित प्रेमवती कालेज आफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस में मान्यता रद होने के बावजूद पहले तो नर्सिंग के छात्र-छात्राओें को प्रवेश दिया गया। करीब तीन साल बीतने को है. लेकिन उनकी परीक्षा नहीं हो पाई। लाखों रुपये फूंकने के बावजूद जब वर्षों की मेहनत जाया होती दिखी तो छात्र-छात्राओं ने कालेज प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाना भी शुरू कर दिया।
इन स्टूडेंट्स के खातों में फीस रिटर्न
छात्र-छात्राओं का कहना है कि वो अपना दो से तीन साल का वक्त बर्बाद करके दो-दो लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुके हैं। इसबी एवज में कालेज प्रबंधन की ओर से आधे से भी कम रकम लौटाई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दीनदयाल दीवान के खाते में 86 हजार 500, दीपिका ठाकुर के खाते में 77 हजार 500, अजय दोना के खाते में 79 हजार, रोशनी पटैल को 87 हजार, अनुज चौबे को 91 हजार, रश्मि पटैल को 86 हजार 500, साहिल पटैल को 73 हजार, तिलक राज को 50 हजार और राकेश लोधी को 89 हजार रुपये लौटाए गए हैं। जब इन छात्र-छात्राओं ने और पैसों की मांग की तो उनसे कह दिया गया कि आप लोगाें का हिसाब-पूरा हो गया है।
विजयनगर थाने पहुंचे स्टूडेंट
कालेज की मनमानी से परेशान स्टूडेंट्स विजय नगर थाने भी पहुंचे। यहां उन्होंने कालेज प्रबंधन के विरुद्ध एफआइआर कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनको बैरंग लौटा दिया। पुलिस ने उनको यह सलाह जरूर दे दी कि वो उपभोक्ता फाेरम में जाकर केस लगा दें। इस मामले में कालेज प्रबंधन से भी बात करने का प्रयास किया गया। वहां के डायरेक्टर अजय तिवारी के मोबाइल पर अनेक मर्तबा काल लगाई गई। मैसेज भी किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
जीएनएम छात्रा रोशनी पटेल का कहना है कि कालेज की मान्यता तीन से रद है, फिर भी हम लोगों को एडमिशन दे दिया गया। इस बात की जानकारी हम लाेगाें को काफी बाद में प्राप्त हुई। वही दीनदयाल दीवान नाम के छात्र ने बताया कि स्टूडेंट्स को लगातार गुमराह किया जाता रहा कि जल्द परीक्षा ले ली जाएगी। किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया हैं। मामले की जांच करवाई जा रही हैं। कॉलेज प्रबंधन का पक्ष भी जानने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन से भी मीडिया ने कई बार पक्ष जानने का प्रयास किया लेकिन कोई भी जिम्मेदार प्रतिक्रिया देने तैयार नहीं हैं।












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