क्राइम: 80 रुपए के पेट्रोल ने बरामद करवाए लूटे हुए 24 लाख रुपए, 5 लुटेरे गिरफ्तार
शहर के जयंती कॉम्प्लेक्स में मोबाइल एसेसरीज का थोक व्यापार करने वाले कारोबारी राजकुमार तिवारी लूट की वारदात का शिकार हुए थे। छोटे व्यापारियों से रकम कलेक्ट कर उन्हें दिल्ली जाना था,
जबलपुर, 12 जून: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर जनता भले ही खफा है। लेकिन जबलपुर पुलिस के लिए पेट्रोल की महंगाई ही लाखों की लूट सुलझाने में वरदान साबित हुई। मोबाइल एसेसरीज कारोबारी के साथ दिन-दहाड़े 24 लाख रुपए की हुई लूट के आरोपी सिर्फ इसलिए पकड़ गए क्योकि उन्होंने गाड़ी में सिर्फ 80 रुपए का पेट्रोल भरवाया था। पेट्रोल ख़त्म होते ही लुटरों को पुलिस ने दबोंच लिया।

शहर के जयंती कॉम्प्लेक्स में मोबाइल एसेसरीज का थोक व्यापार करने वाले कारोबारी राजकुमार तिवारी लूट की वारदात का शिकार हुए थे। छोटे व्यापारियों से रकम कलेक्ट कर उन्हें दिल्ली जाना था, इसी दौरान घात लगाए पांच लुटेरे उनके 23 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात की खबर लगते ही जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा समेत पुलिस के तमाम अफसर घटना स्थल पहुंचे। उसके बाद मामले की तफ्तीश शुरू हुई। पीड़ित राजकुमार ने पुलिस को बताया कि 24 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर जब वह अपने घर जा रहे थे, तभी एक्सिस गाड़ी में सवार होकर आए दो लुटेरों ने बैग लूट लिया।

80 रुपए के पेट्रोल से पकड़े गए लुटेरे
एडीजीपी उमेश जोग ने इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर एक्सिस सवार लुटेरों की पहचान कर ली गई थी। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा की प्लानिंग के हिसाब से पुलिस टीम ने शहर के चारों ओर नाका-बंदी कर दी थी। वाहनों की जांच की जा रही थी, तभी शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर जब आरोपियों की गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया तो वह पकड़े गए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद उन्होंने एक पेट्रोल पम्प से सिर्फ 80 रुपए का पेट्रोल भरवाया था। जो पूरा एक लीटर भी नहीं था।

5 आरोपियों में दो आदतन, कई केस है दर्ज
24 लाख नकदी लूटकर भाग रहे दो आरोपी कमलेश और अंशुल चौधरी आदतन अपराधी है। इनके खिलाफ शहर के कई थानों में लूट, हत्या, मारपीट जैसे कई अपराध दर्ज है। लूट की इस योजना अन्य तीन और आरोपी शामिल रहे। एक आरोपी को नरसिंहपुर से गिरफ्तार किया गया। जब गाड़ी का पेट्रोल ख़त्म हुआ तो एक आरोपी ने शहर में दूसरे आरोपी के मोबाइल पर कॉल किया था। जिसके आधार पर पुलिस को सायबर सेल से लोकेशन मिली और फिर सभी को दबोंच लिया गया।












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