Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Zubeen Garg Island: गूगल मैप्स पर सिंगापुर के इस द्वीप का नाम 'जुबीन गर्ग द्वीप' क्यों?

Zubeen Garg Island: असम के प्रिय गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग की असामयिक मौत ने न सिर्फ उनके प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया, बल्कि दुनिया भर में एक भावुक लहर पैदा कर दी। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के सेंट जॉन्स द्वीप (Saint John's Island) के पास नौका विहार के दौरान डूबने से 52 वर्षीय जुबीन की मौत हो गई, जिसने पूरे नॉर्थ-ईस्ट को शोक में डुबो दिया।

अब, प्रशंसकों ने गूगल मैप्स पर इस द्वीप का नाम बदलकर 'जुबीन गर्ग द्वीप' (Zubeen Garg Island) कर दिया है। यह कदम, भले ही प्रतीकात्मक हो, जुबीन की वैश्विक विरासत को अमर करने का एक अनोखा प्रयास है। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट्स और श्रद्धांजलियों की बाढ़ आ गई है, जो उनके प्रभाव को दर्शाती है। आइए, इस भावुक श्रद्धांजलि और जुबीन की दुखद कहानी को विस्तार से समझते हैं...

Zubeen Garg Tribute

Zubeen Garg Death Reason: सिंगापुर यात्रा से त्रासदी तक

जुबीन गर्ग, जिन्हें 'असम की आवाज' कहा जाता है, सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में हिस्सा लेने गए थे। यह फेस्टिवल भारत-सिंगापुर के 60 वर्षों के राजनयिक संबंधों और इंडिया-ASEAN टूरिज्म ईयर का हिस्सा था। 19 सितंबर को वे सेंट जॉन्स द्वीप के पास यॉट पर दोस्तों के साथ नौका विहार कर रहे थे। एक वीडियो में उन्हें समुद्र में तैरते हुए देखा गया, लेकिन अचानक वे बेहोश होकर डूब गए। सिंगापुर पुलिस ने उन्हें समुद्र से निकालकर सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया, लेकिन दोपहर 2:30 बजे (IST) तक डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

सिंगापुर पुलिस ने मौत का कारण 'डूबना' (drowning) बताया, और फाउल प्ले की आशंका से इंकार किया। लेकिन असम में संदेह की लहर उठी - कुछ रिपोर्ट्स में स्कूबा डाइविंग एक्सीडेंट का जिक्र था, जो बाद में तैराकी के दौरान दौरा (seizure) में बदल गया। असम सरकार ने दूसरा पोस्टमॉर्टम करवाया, जिसमें भी डूबना ही कारण पाया गया। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने SIT गठित की, और जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा व फेस्टिवल ऑर्गेनाइजर श्यामकानु महंता को गिरफ्तार किया। परिवार ने CID में शिकायत दर्ज कराई, और जांच जारी है। जुबीन का शव 21 सितंबर को गुवाहाटी लाया गया, जहां हजारों प्रशंसकों ने अंतिम विदाई दी। राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक रहा।

जुबीन की मौत ने असम को झकझोर दिया। वे न सिर्फ गायक थे, बल्कि एक्टिविस्ट भी - बाढ़ राहत से लेकर सांस्कृतिक जागरूकता तक। उनके गाने जैसे 'ओ मुर अपुनार देश', 'मायाबिनी' ने नॉर्थ-ईस्ट की पहचान बनाई। गौहाटी यूनिवर्सिटी ने उनके नाम पर सेंटर रिनेम किया, और डिब्रूगढ़ में रोड का नाम 'जुबीन गर्ग पाथ' रखा।

गूगल मैप्स पर नाम बदलाव: फैंस का प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि

सेंट जॉन्स द्वीप - जो लेजरस द्वीप के पास एक शांत पर्यटन स्थल है - अब गूगल मैप्स पर 'जुबीन गर्ग द्वीप' के नाम से दिख रहा है। यह बदलाव प्रशंसकों का सामूहिक प्रयास है, जो मैप्स पर यूजर-जनरेटेड नाम सुझावों के जरिए किया गया। सेंटिनल असम की रिपोर्ट के अनुसार, यह श्रद्धांजलि जुबीन के वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। द्वीप पर ही उनकी मौत हुई, इसलिए फैंस ने इसे उनकी याद में अमर करने का फैसला किया।

सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट्स में लोग लिख रहे हैं: 'यह द्वीप अब हमेशा जुबीन की याद दिलाएगा।' एक फैन ने ट्वीट किया, 'असम का गौरव, दुनिया का सितारा - जुबीन की विरासत सिंगापुर के इस द्वीप पर बसी रहेगी।' यह कदम प्रतीकात्मक है, क्योंकि गूगल मैप्स पर यूजर नाम स्थायी नहीं होते, लेकिन यह फैंस की भावनाओं की ताकत दिखाता है। असम के युवा इसे 'ट्रुथ एंड जस्टिस' की मांग का प्रतीक मान रहे हैं, क्योंकि मौत की जांच अभी चल रही है।

जुबीन की विरासत: असम से सिंगापुर तक

जुबीन गर्ग (जन्म: 1972, तमुलबाड़ी, असम) ने 1990 के दशक में असमिया और बॉलीवुड म्यूजिक से डेब्यू किया। 'या अली', 'कजरारे' जैसे हिट्स ने उन्हें स्टार बनाया। वे 5000+ गाने गा चुके थे, और असमिया सिनेमा में एक्टर-डायरेक्टर भी रहे। उनकी मौत के बाद असम में लाखों ने शोक मनाया - गुवाहाटी स्टेडियम में अंतिम संस्कार पर भीड़ उमड़ी। गौहाटी यूनिवर्सिटी ने उनके नाम पर सेंटर रिनेम किया, और डिब्रूगढ़ में रोड का नाम बदल दिया।

सिंगापुर में NEIF ऑर्गेनाइजर्स ने इवेंट कैंसल कर दिया, और भारत सरकार ने शव को स्पेशल फ्लाइट से लाने की व्यवस्था की। CM सरमा ने कहा, 'जुबीन असम की आत्मा थे। उनकी मौत की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।'

क्या है इस श्रद्धांजलि का मायना?

गूगल मैप्स पर नाम बदलाव फैंस की ताकत दिखाता है - एक कलाकार की मौत ने सीमाओं को लांघकर इमोशनल वेव पैदा कर दी। यह न सिर्फ जुबीन को याद करने का माध्यम है, बल्कि उनकी मौत की सच्चाई की मांग का प्रतीक भी। सेंट जॉन्स द्वीप, जो अब 'जुबीन गर्ग द्वीप' है, सिंगापुर के पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है - लेकिन अब यह असम के गमगीन इतिहास का हिस्सा बन गया। प्रशंसक कहते हैं, 'यह नाम बदलाव उनकी विरासत को जीवित रखेगा।' क्या जांच से सच्चाई सामने आएगी? जुबीन की आत्मा को शांति मिले।

ये भी पढ़ें- Zubeen Garg: श्यामकनु महंत- सिद्धार्थ को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+