कोविड वैक्सीन को लेकर गलत जानकारी देने वाले Videos को प्लेटफार्म से हटाएगा YouTube
नई दिल्ली, 29 सितंबर। कोरोना वायरस महामारी के बीच टीकाकरण के लेकर गई फेक दावे और गलत जानकारी वाले पोस्ट और वीडियो वायरल होते रहते हैं। इस संबंध में अब दुनिया के सबसे बडे़ वीडियो सर्च इंजन यूट्यूब ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को कंपनी की तरफ से कहा गया कि वह उन वीडियो को अपने प्लेटफार्म से हटा देगा जो कोविड वैक्सीन को लेकर गलत जानकारी दे रहे हैं। ऐसे वीडियो खतरनाक हैं। यूट्यूब ने अब कोरोना वायरस के अलावा अन्य बीमारियों के बार में स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है।

वीडियो स्ट्रीमिंग दिग्गज कंपनी YouTube ने पहले से ही उन पोस्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है जो कोरोनोवायरस उपचार के बारे में झूठे मिथक फैलाते हैं। इन वीडियोज में कोविड 19 टीकों के बारे में गलत दावों को सुरक्षित बताया गया था। गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी यूट्यूब ने एक बयान में कहा, 'हमने सामान्य रूप से टीकों के बारे में गलत सूचनाओं को फैलाने वाले कोरोना वायरस टीकों के बारे में झूठे दावों को देखा है। अब हम एक ऐसे पॉइंट पर हैं जहां हमने COVID-19 के साथ अन्य टीकों के साथ शुरू किए गए काम का प्रचार करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
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नई गाइडलाइन के मुताबिक अब उन्हीं वैक्सीन संबंधी वीडियो को प्लेटफार्म पर पोस्ट किया जा सकेगा जो स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा अनुमोदित और सुरक्षित और प्रभावी होने की पुष्टि की गई हैं। इसके अलावा यूट्यूब खसरा और हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियों के लिए नियमित टीकाकरण के बारे में झूठे दावों वाले वीडियो पर भी नजर रखेगा। इनमें ऐसे मामले शामिल होंगे जहां व्लॉगर्स ने दावा किया है कि लगाए गए टीके काम नहीं करते हैं, या गलत तरीके से उन्हें पुराने स्वास्थ्य प्रभावों से जोड़ा है। यूट्यूब ने कहा कि ऐसे वीडियो जो गलत तरीके से कहते हैं कि कोविड वैक्सीन ऑटिज्म, कैंसर या बांझपन का कारण बनते हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा।












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