World War-3: ताइवान ने Video जारी कर दिखाया दम, चीन के चलते किसी भी वक्त छिड़ सकती है जंग
ताइपे, 7 अक्टूबर: चीन ताइवान पर हमला करने की तैयारी कर रहा है और इसके चलते किसी भी वक्त तीसरे विश्व युद्ध के छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह आशंका ताइवान के रक्षा मंत्री चियु कुओ-चेंग ने जताई है कि चीन किसी भी वक्त हमले के लिए तैयार है और उसके पास इसकी क्षमता भी है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि ड्रैगन सिर्फ समय ले रहा है, ताकि अपने नुकसान को कम कर सके। उन्होंने कहा है कि वैसे चीन 2025 तक ताइवान पर पूरी तरह से आक्रमण के लिए तैयार हो जाएगा, लेकिन जिस तरह से कई देशों की नौसेनाओं ने युद्धाभ्यास में भाग लिया है, उससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ गया है और यह किसी भी समय शुरू हो सकता है।

ताइवान पर चीन के आक्रमण की आशंका
ताइवान के रक्षा मंत्री चियु कुओ-चेंग ने अपने देश की संसद में सेना पर 860 करोड़ डॉलर के नए खर्च के पक्ष में दलीलें रखते हुए कहा है कि चीन के पास किसी भी वक्त हमला करने की क्षमता है, लेकिन वहां की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की सरकार आदेश देने से पहले अपने खर्चों को कम कर लेना चाहती है। उन्होंने कहा है, '2025 तक चीन लागत और नुकसान को निचले स्तर पर ले आएगा....।' उन्होंने कहा कि मौजूदा गतिरोध 'बहुत ही गंभीर' है, जितना 40 वर्षों में उन्होंन देखा है और ताइवान जलडमरूमध्य में 'असफरल होने' का खतरा अब बहुत अधिक है।

बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है चीन
ताइवान की ओर से यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई बातचीत के बाद जारी की गई है। उसमें बाइडेन ने कहा था कि उन्होंने 'ताइवान समझौते के पालन' करने की बात कही है। दोनों के बीच पिछली आधिकारिक बातचीत 9 सितंबर को हुई थी और तत्काल मालूम नहीं पड़ा था कि किस समझौते की बात कही जा रही है। वैसे माना जा रहा है कि वह ताइवान रिलशेंस ऐक्ट की बात कर रहे थे, जिसमें ताइवान के भविष्य के शांतिपूर्ण हल निकालने की बात है। लेकिन, उस बातचीत के बाद चीन ने ताइवान द्वीप के आसपास जो इरादे जाहिर किए हैं, वह इस बात का संकेत है कि वह किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

किसी भी वक्त 'तीसरे विश्व युद्ध' छिड़ने की आशंका
चीन ने इस महीने कई दिन चले अपने नेशनल डे परेड के दौरान जिस तरह से कम से कम 150 फाइटर जेट से ताइवान को थर्राया है, उसके बाद से ही ताइवान की चिंता बढ़ी हुई है। इसके साथ-साथ चीन की सरकार के मुखपत्र लगातार यह धमकियां दे रहे हैं कि 'सिर्फ समय की बात है' ताइवान किसी भी वक्त उसके हाथों में आ सकता है और इसके चलते 'किसी भी समय' तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है। चीन जिस तरह से युद्ध भड़काने वाली हरकतें कर रहा है, उसके जवाब में भी माहौल बन रहा है। फिलीपीन सागर में ब्रिटेन की एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ की अगुवाई में एक विशाल नौसैनिक अभ्यास हुआ है, जिसमे अमेरिकी और जापानी विमान वाहक भी साथ रहे हैं। उधर अमेरिका और यूके ऑस्ट्रेलिया से भी ऑकस गठबंधन के जरिए नई तैयारियों में जुटे हैं।

शी जिनपिंग ने भी दी है ताकत के इस्तेमाल की धमकी
इस बीच फ्रांस के सीनेटरों के एक ग्रुप ने ड्रैगन की आपत्तियों के बावजूद ताइवान का दौरा किया है और वहां के लोकतांत्रिक नेताओं के पक्ष में समर्थन जताया है। दरअसल, ताइवान का शासन रिपब्लिक ऑफ चाइना के तहत चलता है, जिसका पहले उस देश पर शासन था और जिसने चीन के गृह युद्ध के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ जंग लड़ा था। रिपब्लिक ऑफ चाइना खुद को स्वायत्त देश मानता है, जबकि चीन (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) उसे अपने से अलग हुआ एक प्रांत होने का दावा करता है। ताइवान और मेनलैंड चीन के बीच मौजूदा तनाव 2019 के बाद तब से बढ़ना शुरू हुआ है, जब से शी जिनपिंग ने अपनी विस्तारवादी नीति के तहत इसे अपने में मिलाने के लिए जरूरी होने पर ताकत के इस्तेमाल की भी धमकी दी है।

ताइवान ने भी ड्रैगन के खिलाफ ठोक दी है ताल
पिछले मंगलवार को ही ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने कहा था कि ताइवान को किसी भी आक्रमण से रक्षा करने के लिए 'जो भी करना होगा' किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया था कि बिना सहयोगियों की मदद के 'अधिनायकवाद का लोकतंत्र पर बढ़त' रहेगा। उन्होंने कहा, '(लोकतांत्रिक राष्ट्रों) को यह याद रखना चाहिए कि यदि ताइवान का पतन होता है, तो परिणाम क्षेत्रीय शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए विनाशकारी होंगे।'......'यह संकेत देगा कि मूल्यों की आज की वैश्विक प्रतियोगिता में, लोकतंत्र पर अधिनायकवाद हावी है।' उन्होंने चीन के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि 'यदि उसके लोकतंत्र और जीवन जीने के तरीके पर खतरा आएगा, तो ताइवान खुद की हिफाजत के लिए जो भी होगा करेगा।'

चीन की सरकारी मीडिया जाहिर कर रहे हैं जिनपिंग की चाल
चीन की सरकारी मीडिया ने पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएल) की हरकतों को देखने के बाद ही ताइवान को धमकाना शुरू कर दिया था। ग्लोबल टाइम्स के एडिटर हु शिंजिन ने ट्वीट किया, 'ताइवान के अलगाववादी अधिकारियों का हटना सिर्फ समय की बात है---1 अक्टूबर को चीन के नेशनल डे पर 'मिलिट्री परेड' का प्रदर्शन सब कुछ बता देता है।' उसी अखबार का संपादकीय लिखता है कि पारंपरिक परेड के गार्ड ऑफ ऑनर से अलग हटकर विमान ताइवान की तरफ उड़े। यह पीएलए एयर फोर्स की ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन तो करता ही है, 'यह द्वीप पर चीन की संप्रभुता की स्पष्ट और अचूक घोषणा है।'
रिपब्लिक ऑफ चाइना का वीडियो
ताइवान ने इस वीडियो को जारी करके अपनी तैयारी दिखाने की कोशिश की है। जाहिर है कि अगर ताइवान पूरी तरह से तैयार है और उसे दुनियाभर के लोकतांत्रिक देशों का समर्थन मिलने की उम्मीद है तो चीन की हरकतों की वजह से कभी भी हालात बेकाबू हो सकते हैं। चीन ने अपने मंसूबे के मुताबिक रिपब्लिक ऑफ चाइना को कब्जाने का प्रयास किया तो तीसरा विश्व युद्ध भड़कना लगभग तय है। (वीडियो सौजन्य: रिपब्लिक ऑफ चाइना एयरफोर्स फेसबुक)












Click it and Unblock the Notifications