क्यूबा में हुआ अनोखा जनमत संग्रह, समलैंगिक, महिला सहित बूढ़ों को मिलेंगे कई अधिकार, जानिए और क्या है खास
क्यूबा में नई परिवार संहिता पर कराया गया लोकप्रिय जनमत संग्रह रविवार को संपन्न हो गया। यह संहिता परिवार की केंद्रीय अवधारणा को बदलती है और महिलाओं के अधिकारों और एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों का विस्तार करती है।
हवाना, 26 सितंबरः क्यूबा में नई परिवार संहिता पर कराया गया लोकप्रिय जनमत संग्रह रविवार को संपन्न हो गया। यह संहिता परिवार की केंद्रीय अवधारणा को बदलती है और महिलाओं के अधिकारों और एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों का विस्तार करती है। आम जनता के द्वारा तैयार की गई इस संहिता पर कल 25 सितंबर को मतदान हुआ। इस ऐतिहासिक जनमत संग्रह में क्यूबाई लोगों ने समलैंगिक विवाह और गोद लेने को वैध बनाना, सरोगेट गर्भधारण की अनुमति देना और गैर-जैविक माता-पिता को अधिक अधिकार देने के पक्ष अथवा विपक्ष में मतदान किया। चुनावी अधिकारियों के अनुसार, जनमत संग्रह में लगभग 6 मिलियन क्यूबन (करीब 69% मतदाताओं) ने मतदान किया।

पूरी दुनिया में पहली बार हो रहा ऐसा जनमत संग्रह
क्यूबा के इतिहास में पहली बार ऐसे किसी मुद्दे पर जनमत संग्रह हुआ है। ऐसे में इसे एक ऐतिहासिक घटना करार दिया गया है। इसके अलावा,यह दुनिया में घटने वाली बड़ी घटना है, क्योंकि क्यूबा दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने लोकप्रिय सलाह और जनमत संग्रह के लिए एक परिवार संहिता पेश की है। नई संहिता सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के परिवार बनाने के अधिकार की गारंटी देती है, समान लिंग विवाह को वैध बनाती है और ऐसे जोड़ों को बच्चे गोद लेने की अनुमति देती है जो समलैंगिक हैं।

लोगों को मिलेंगे नए अधिकार
यह गैर-पारंपरिक पारिवारिक संरचनाओं को आपस में साझा करने की अनुमति भी देती है जिसमें दादा-दादी, सौतेले माता-पिता और सरोगेट माता शामिल हैं। इसके साथ ही यह घर में समान बंटवारे को बढ़ावा देने के साथ ही बच्चों, बुजुर्गों या विकलांगों के लिए पूर्णकालिक देखभाल करने वालों के लिए श्रम अधिकारों का विस्तार करती है। यह नई संहिता घरेलू हिंसा के दंड को संहिताबद्ध करती है, और शारीरिक हमले को रोकती है। इसमें कहा गया है कि माता-पिता के पास बच्चों की "कस्टडी" के बजाय "जिम्मेदारी" होगी, और उन्हें "बच्चों और किशोरों की गरिमा और शारीरिक और मानसिक अखंडता का सम्मान" करने की जरूरत होगी। यह इस बात पर भी जोर देती है कि माता-पिता को परिपक्व संतानों को उनके खुद के जीवन पर अधिक अधिकार देने चाहिए।

जनमत संग्रह के खिलाफ है क्यूबा का चर्च
डीडब्ल्यू न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह जनमत संग्रह कम्युनिस्ट सरकार द्वारा समर्थित था, लेकिन कैथोलिक और इंजील चर्च के नेताओं द्वारा इसकी कड़ी आलोचना की गई थी। चुनाव प्रचार के अंतिम सप्ताह में सरकार ने टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया को समानता के समर्थन वाले संदेशों के साथ-साथ चमकदार होर्डिंग, सार्वजनिक रैलियों और राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल के ट्वीट्स के साथ "लोकतंत्र के पक्ष में" हाँ वोट करने का आग्रह किया। इससे पहले 2019 में, सरकार ने देश के नए संविधान में समलैंगिक विवाह को शामिल करने की मांग की, लेकिन चर्च की आलोचना के बाद पीछे हट गई थी।

राउल कास्त्रो के सत्ता संभालने के बाद आया बदलाव
गौरतलब है कि क्यूबा में समलैंगिक विवाह को गैरकानूनी माना जाता रहा है लेकिन 2006 में जब से राउल कास्त्रो ने सत्ता संभाली है उन्होंने समलैंगिकों के अधिकार में कई सुधार किए हैं जिनमें लिंग परिवर्तन को क़ानूनी मान्यता देना भी शामिल है। राजनीतिक वैज्ञानिक राफेल हर्नांडेज़ ने कहा कि समलैंगिक विवाह पर जनमत संग्रह 1959 की क्रांति के बाद से क्यूबा में "सबसे महत्वपूर्ण मानवाधिकार कानून" है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक परेशानी क्यूबा के ऐतिहासिक वोट पर भारी पड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में गिरावट और चल रहे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा 30 वर्षों में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।












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