डेल्टा वेरिएंट ने दुनिया की नाक में किया दम, अमेरिका और चीन में नई लहर से कहर, फिर मचेगा हाहाकार?
कोरोना वायरस को लेकर दुनिया का क्या रिएक्शन है? अमेरिका, चीन और यूरोपीयन देश डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कैसे लड़ रहे हैं?
नई दिल्ली, अगस्त 06: कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने पूरी दुनिया की नाक में दम कर दिया है। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के जो भी नये मामले सामने आ रहे हैं, उनमें 80 प्रतिशत से ज्यादा डेल्टा वेरिएंट के हैं और अमेरिका-चीन जैसे देशों की हालत फिर से खराब होने लगी है। अलग अलग देश संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए यात्रा को प्रतिबंधित कर रहे हैं और अलग अलग प्रतिबंधों को लागू कर रहे है। कोरोना वायरस से अब तक बचे रहने वाले चीन के कम से कम 31 प्रांतों में कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट फैल चुका है।
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डेल्टा वेरिएंट से परेशान दुनिया
चीन में बड़े पैमाने पर घरेलू यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया गया है और ज्यादातर घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। वहीं चीन के कई शहरों में काफी ज्यादा सख्त लॉकडाउन है। वहीं, वुहान शहर में एक बार फिर से वायरस फैलने के बाद कई प्रतिबंध थोप दिए गये हैं। आपको बता दें कि कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था और इसके फैलने की रफ्तार काफी ज्यादा है। इसके साथ ही डेल्टा वेरिएंट से प्रभावित मरीजों की स्थिति काफी तेजी से बिगड़ जाती है। इस साल अप्रैल और मई महीने में कोरोना वायरस ने भारत में जो प्रचंड उत्पात मचाया है, उसके पीछे डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार है। वहीं, डेल्टा वेरिएंट के बेकाबू होने और लगातार तेजी से बढ़ते मामलों ने दुनिया भर में खतरे की घंटी बजा दी है और फिर से विदेशी फ्लाइटों को प्रतिबंधित किया जा रहा है।

चीन में घरेलू यात्रा सख्त
चीन ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए विदेश यात्रा प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। चीन के अंदर लोगों की आवाजाही को भी काफी प्रतिबंध कर दिया गया है। स्थानीय परिवहन बंद होने और कई शहरों में सख्त लॉकडाउन से चीन के लोग काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। चीन ने पहले कोविड -19 को कुचलने में कामयाब होने का दावा किया था, लेकिन अब चीन के तमाम दावे फेल नजर आ रहे हैं। पिछले साल चीन ने दुनिया से झूठ बोलकर भले कोरोना वायरस को वुहान के अलावा कहीं और फैलने नहीं दिया था, लेकिन अब चीन के 31 शहरों में डेल्टा वेरिएंट फैल चुका है। जिसके बाद लाखों लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। चीन के इमिग्रेशन अथॉरिटी की तरफ से कहा गया है कि गैरजरूरी यात्रा करने वाले लोगों को अभी विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, यानि अब साफ हो गया है कि चीन के लोग बिना किसी खास वजह विदेश यात्रा नहीं कर सकते हैं।

अमेरिका में नये प्रतिबंधों का ऐलान
वहीं, अमेरिका ने इज़राइल और कई यूरोपीय देशों के लिए यात्रा चेतावनी जारी कर दी है। जिसमें खास तौर पर उन लोगों को चेतावनी दी गई है, जो अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण का शिकार नहीं हुए हैं। अमेरिका ने कहा है कि कोरोना से संक्रमित नहीं होने वाले लोगों के लिए डेल्टा वेरिएंट काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने सभी पांच देशों में मामलों की संख्या में वृद्धि का हवाला देते हुए सोमवार को इज़राइल, साइप्रस, पुर्तगाल और स्पेन के साथ-साथ किर्गिस्तान के लिए नई यात्रा चेतावनी जारी की है। वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि उसका यूनाइटेड किंगडम, शेंगेन देशों और ब्राजील, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य देशों के पर्यटकों के लिए यात्रा प्रतिबंधों को कम करने का कोई इरादा नहीं है। स्पेन और पुर्तगाल पहले ही अमेरिकी यात्रियों के लिए फिर से खुल गए हैं, जबकि कनाडा ने घोषणा की है कि टीकाकरण वाले अमेरिकियों को अगले महीने से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

फिलीपींस में विदेशियों के लिए प्रतिबंध
डेल्टा वेरिएंट के काफी तेजी से फैलने की वजह से फिलीपींस ने भारत और नौ अन्य देशों के यात्रियों पर अपना प्रतिबंध 15 अगस्त तक बढ़ा दिया। भारत के अलावा, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड के यात्रियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, राष्ट्रपति के प्रवक्ता हैरी रोक के अनुसार, राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने देश की एंटी-वायरस टास्क टीम बनाने के सुझाव को मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि दक्षिण पूर्व एशियाई देश फिलीपींस में करीब 16 लाख कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गये हैं, जिनमें से 27 हजार 577 लोगों की मौत हो चुकी है।

इटली में यात्रा के लिए बदलेंगे नियम?
इटली के उप स्वास्थ्य मंत्री पेरपोलो सिलेरी के अनुसार, इटली आने वाले हफ्तों में अपने स्वास्थ्य पास के नियमों को बदलने के लिए तैयार है। इटली के उप स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि "यह संभावना है कि डेल्टा संस्करण हमें वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद ग्रीन पास को फिर के नियमों में बदलाव करने के लिए मजबूर करेगा।" उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित सिस्टम की पुष्टि करना अभी भी जल्दबाजी में उठाया कदम होगा। आपको बता दें कि 17 जून को इटली ने देशी और विदेशी यात्रियों के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र जरूरी कर दिया था। जिससे देश के भीतर और पूरे ब्लॉक में यात्रा करना आसान हो जाएगा। देश के नागरिक अब एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं जो यह दर्शाता है कि उन्हें COVID-19 के खिलाफ टीका लगाया गया है, उनकी रिपोर्ट निगेटिव है या फिर वो बीमारी से उबर चुके हैं।

फ्रांस ने स्पेन, पुर्तगाल की यात्रा पर दी चेतावनी
फ्रांस ने हाल ही में गुरुवार को अपने नागरिकों को डेल्टा के कारण कोविड -19 मामलों में स्पाइक के कारण छुट्टी पर स्पेन या पुर्तगाल की यात्रा करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। फिलहाल, फ्रांस में किसी भी अन्य यूरोपीय संघ के देश की यात्रा करने, वापस लौटने की आजादी है, बस उन्हें कोरोना निगेटिव का रिपोर्ट दिखाना होगा। लेकिन, अब फ्रांसीसी मंत्री क्लेमेंट ब्यून ने नागरिकों को स्पेन या पुर्तगाल नहीं जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि '' जिन लोगों ने अपनी छुट्टियों के लिए बुकिंग नहीं की है, उनसे मैं अपील करूंका कि वो स्पेन या पूर्तगाल की यात्रा करन से फिलहाल बचें।












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