विश्व बैंक ने भारत में तीन परियोजनाओं के लिए दिए 56.2 करोड़ डॉलर
बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसी के अनुसार 2020-21 में, मत्स्य पालन क्षेत्र को लगभग 5.5 बिलियन अमरीकी डालर का नुकसान हुआ और कोरोना महमारी के कारण मछली उत्पादन में एक वर्ष में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
नई दिल्ली/न्यूयार्क ,24 जून : विश्व बैंक ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि वैश्विक संस्थान के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने त्वरित शिक्षा के परिणामों के लिए 25 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त वित्तपोषण को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गुजरात के बच्चों के लिए शिक्षा के परिणाम में सुधार लाना है। इसके अलावा बोर्ड ने मत्स्य पालन क्षेत्र में पुनरूद्धार के लिए 15 करोड़ डॉलर और तमिलनाडु में राइट्स परियोजना के तहत सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों तथा क्षमता को मजबूत करने को लेकर 16.2 करोड़ डॉलर के वित्त पोषण को मंजूरी दी है।

विश्व बैंक ने इन क्षेत्रों में सुधार के लिए दी सहायता
बता दें कि, विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने त्वरित शिक्षा (GOAL) के परिणामों के लिए 250 मिलियन अमरीकी डालर के अतिरिक्त वित्तपोषण को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गुजरात के बच्चों के लिए शिक्षा परिणामों में सुधार करना है और उद्देश्य कोरोना महामारी से प्रभावित हुए 3,000 स्कूलों को लाभ पहुंचाना है।
मत्स्य पालन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
इसके अलावा,विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 150 मिलियन अमरीकी डालर के वित्त पोषण को मंजूरी दी और विकलांग व्यक्तियों के लिए समावेश,पहुंच और अवसरों को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु राज्य की सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों और क्षमता को मजबूत करने के लिए राइट्स परियोजना के लिए 162 मिलियन अमरीकी डालर की राशि को मंजूरी दी।
मत्स्य पालन क्षेत्र को हुआ नुकसान
बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसी के अनुसार 2020-21 में, मत्स्य पालन क्षेत्र को लगभग 5.5 बिलियन अमरीकी डालर का नुकसान हुआ और कोरोना महमारी के कारण मछली उत्पादन में एक वर्ष में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
क्या कहती है ये परियोजना
विश्वबैंक ने कहा है कि, GOAL परियोजना वित्तपोषण 500 मिलियन अमरीकी डालर के मूल ऋण का पूरक है, जिसे मार्च 2021 में अनुमोदित किया गया था। यह बैंक के रैपिड रिस्पांस फ्रेमवर्क के अनुरूप है जो हर बच्चे तक पहुंचने और उन्हें स्कूली शिक्षा देने, नियमित रूप से सीखने के स्तर का आकलन करने, बुनियादी बातों को सिखाने को प्राथमिकता देता है। साथ ही इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य विकसित करना भी है।
शबनम सिन्हा ने कहा...
परियोजना के लिए लीड शिक्षा विशेषज्ञ और कार्य टीम के नेता शबनम सिन्हा ने कहा,"यह अतिरिक्त वित्तपोषण कुल 9,000 से 12,000 स्कूलों तक मूल कार्यक्रम के कवरेज को स्केल-अप करेगा, जबकि कार्यक्रम के हस्तक्षेपों की प्रभावकारिता का परीक्षण करने के लिए नए प्रयासों का भी समर्थन करेगा।"
मछली पालन पर नजर
भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र के रिकवरी के लिए 150 मिलियन अमरीकी डालर के ऋण के तहत, विश्व बैंक ने कहा कि यह वर्तमान में संबंधित गतिविधियों के माध्यम से लगभग 12 मिलियन लोगों को सीधे और 13 मिलियन अन्य लोगों को रोजगार देता है।
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