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सीरिया में मदद और खाने के बदले हो रहा है महिलाओं का यौन शोषण

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    लंदन। सीरिया के राहत कैंपों में मदद के बदले महिलाओं का यौन शोषण हो रहा है और इस बात का खुलासा ऐसे समय हुआ है जब हैती में ऑक्‍फैम के राहत कार्यों के पीछे चल रहे एक बड़े सेक्‍स स्‍कैंडल का पता चला है। अब इस बात की जानकारी मिली है कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और अंतरराष्ट्रीय सगठनों की ओर मदद पहुंचा रहे पुरुष राहतकर्मियों ने महिलाओं के साथ ऐसा किया है। राहतकर्मियों की मानें तो पुरुषकर्मी सेक्स के बदले भोजन बेचते थे। इस बात की आशंका तीन वर्ष पहले ही जताई गई थी। तीन वर्ष पहले एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि सीरिया में बड़े पैमाने पर महिलाओं का यौन शोषण हो रहा है और आने वाने दिनों में ये हालात और बिगड़ेंगे। इस नई रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया के दक्षिणी हिस्‍से में मदद के बदले महिलाओं का यौन शोषण जारी है।

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    खाने के बदले शादी से भी नहीं हिचक
    दूसरी ओर यूएन और बाकी संगठनों का कहना है कि क्षेत्र में काम कर रहे उनके सहयोगी संगठनों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है। राहतकर्मियों ने बताया कि महिलाओं के साथ शोषण बड़े स्तर पर हो रहा है, जिसकी वजह से सीरियाई महिलाएं वितरण केंद्र जाने से मना कर रही हैं। एक कर्मी का दावा है कि कुछ मानवतावादी एजेंसियां मामले से आंखें फेर रही थीं क्योंकि उनके लिए खतरनाक इलाकों में स्थानीय अधिकारी और सहयोगी संगठन काम कर रहे थे। यूएन के जनसंख्या कोष के एक मूल्यांकन में यह बात सामने आई थी कि मदद सामग्री देने के बदले महिलाओं का शोषण किया जा रहा था। संगठन ने यह मूल्यांकन पिछले साल सीरिया के विभिन्न प्रशासनिक इलाकों में किया गया था।  'वॉयस फ्रॉम सीरिया 2018' नाम के इस रिपोर्ट में लैंगिक हिंसा का विश्लेषण किया गया था, जिसमें कई घटनाओं का भी जिक्र था। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं और लड़कियां अधिकारियों से कुछ समय के लिए शादी कर रही थीं ताकि उन्हें खाने-पीने की सामग्री मिलती रहे। बदले में उनसे सेक्स किया जाता था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों से राहतकर्मी उनके फोन नंबर मांगते थे और उन्हें घर ले जाते थे। विधवा और तलाकशुदा महिलाएं निशाने पर ज्यादा होती थीं।

    तीन वर्ष पहले भी हुआ था ऐसा
    इस तरह की पहली घटना तीन साल पहले सामने आई थी। मदद पहुंचाने वाले एक संगठन के लिए सलाहकार का काम कर रही डेनिएल स्पेन्सर से 2015 में जॉर्डन में कुछ सीरियाई महिलाओं के समूह ने इसकी शिकायत की थी। स्पेन्सर कहती हैं कि वे लोग तब तक सामग्रियों को रोक कर रखते थे जब तक बदले में उन्हें सेक्स नहीं मिलता था। वे आगे कहती हैं कि मुझे याद है कि एक महिला अपने कमरे में रो रही थी। उनके साथ जो हुआ था उससे वो काफी दुखी थी। उनकी मानें तो महिला और लड़कियों को राहत सामग्री देते वक्त सुरक्षा देने की जरूरत है। द इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी ने ऐसा ही सर्वे जून 2015 में किया था, जिसमें 190 महिलाएं और लड़कियों को शामिल किया था। रिपोर्ट के अनुसार 40 फीसदी महिलाओं ने माना था कि मदद के बदले वो यौन हिंसा की शिकार हुई थीं। कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि सर्वे का निष्कर्ष था कि दक्षिण सीरिया में यौन हिंसा व्यापक चिंता का विषय है, जिसमें राहत सामग्री के बदले ऐसा किया जाना भी शामिल था।

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    English summary
    A report says women in strife-hit Syria have been sexually exploited by workers delivering aid on behalf of the UN and international charities.

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