ईरान में महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने की मिली अनुमति, तो देखिए कैसे गूंजा स्टेडियम-Video
तेहरान, 28 जनवरी: ईरान को कतर में इस साल होने वाले विश्व कप फुटबॉल में एंट्री मिल गई है। उसे यह एंट्री इराक को मैच में एक-शून्य से हराने पर मिली है। लेकिन, इराक को हराना ईरान के लिए असर चुनौती नहीं थी। उसके सामने शर्त यह थी कि उसे इस मैच के लिए स्टेडियम में महिला दर्शकों को भी एंट्री देनी होगी। यह फीफा का आदेश था। ईरान में 1979 से इस्लामिक प्रभाव बढ़ने के बाद से महिलाओं को स्टेडियम में प्रवेश देना बहुत बड़ा विवाद का कारण होता था। इस मैच में जिन करीब दो हजार महिलाओं को मैच देखने का मौका मिला, जिसमें कुछ इराकी भी थीं, उनके उत्साह का कोई ठिकाना ही नहीं रहा।

स्टेडियम में मैच देखने के लिए महिलाओं को अनुमति
ईरान ने 2022 में कतर वर्ल्ड कप मैच में अपनी एंट्री सुनिश्चित करने के लिए इराक के खिलाफ फुटबॉल मैच में सीमित संख्या में महिला दर्शकों को भी अनुमति दी। इस मौके पर फुटबॉल मैच देखने के लिए महिलाओं का उत्साह देखने लायक था। आजादी स्टेडियम में करीब 2,000 महिलाएं उपस्थित थीं, जो कि पुरुषों की संख्या के करीब पांचवां हिस्सा थीं। इस मैच को ईरान ने इराक को 1-0 से हराकर जीत लिया और कतर वर्ल्ड कप के लिए अपनी जगह निश्चित कर ली।

स्टेडियम में एंट्री से महिलाओं में जबर्दस्त उत्साह
अलजजीरा चैनल से ऐदा नाम की एक ईरानी छात्रा ने कहा कि 'यह पहली बार है कि मैं स्टेडियम में मैच देख रही हूं।' कीमिया और हास्ती नाम की ईरानी छात्राओं ने भी कहा, 'माहौल में सबकुछ अद्भुत था। लोग, खेल और सबसे अच्छी बात है कि ईरान गेम जीत गया। हां-हां यह बहुत ही चौंकाने वाला था। और सब कुछ बहुत ही अच्छा था। हम इतने खुश हैं कि ईरान मैच जीत गया। चीयरिंग करने में हमारी आवाज ही चली गई।' एक ईरानी युगल अली एंड लीदा ने मैच शुरू होने से पहले कहा 'हमें इस फैसले से अच्छा लग रहा है। लेकिन, एक साथ मैच देखने की जगह यह महिलाओं के सेक्शन में बैठी होगी और मैं अलग तरफ। अच्छा यह होता कि मैं अपने पति के साथ बैठकर देख रही होती। तब और ज्यादा मजा आता। लेकिन, जो भी मैं खुश हूं।

पुरुषों से अलग बैठने का किया गया इंतजाम
दरअसल, ईरान ने दशकों से स्टेडियम में महिला दर्शकों पर पाबंदी लगा रखी थी। 2019 में फीफा (एफआईएफए) ने ईरान को स्टेडियम में महिलाओं को एंट्री देने का आदेश दिया था। यह सिर्फ दूसरी बार हुआ है कि महिलाओं को अनुमति दी गई है। लेकिन, 2,000 महिलाओं को पुरुषों से अलग कर दिया गया था और महिला पुलिसकर्मी उनकी निगरानी कर रही थीं।

करीब 10,000 टिकटों की बिक्री
हालांकि, कई फैंस जिसमें इराकी नागरिक भी शामिल थे, दूसरे शहरों से मैच देखने के लिए तेहरान आए थे, लेकिन उन्होंने शिकायत की कि वे टिकट ही नहीं खरीद सके। हालांकि, यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि कितनी महिलाएं और कितने पुरुषों को टिकट मिल पाया। लेकिन, अधिकारियों के मुताबिक 10,000 टिकट बिके, जिसमें से पांचवा हिंसा महिलाओं का रहा। (तस्वीरें सौजन्य-अलजजीरा के फेसबुक वीडियो से)
1979 के बाद महिलाओं को स्टेडियम में प्रतिबंधित कर दिया गया था
स्टेडियम में बैठकर मैच देखने के लिए कम से कम कोविड वैक्सीन की दो डोज लगा होना अनिवार्य था। दरअसल 1979 की ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद महिलाओं के लिए स्टेडियम का दरवाजा बंद कर दिया गया था। क्योंकि मुस्लिम नेताओं का तर्क था कि महिलाओं को मर्दों की गाली-गलौच वाले व्यवहार से सुरक्षित रखने के लिए यह पाबंदी आवश्यक है। हालांकि, इस मैच में भी इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि किसी भी सूरत में महिलाएं और पुरुषों के बीच नजदीकी ना बनने पाए। (तस्वीरें सौजन्य-अलजजीरा के फेसबुक वीडियो से)












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