Buckingham Palace: अब बकिंघम पैलेस में क्यों नहीं रहेंगे ब्रिटेन के राजा, टूटी 189 साल पुरानी शाही परंपरा
King Charles Buckingham Palace: करीब 10 साल से चल रही बकिंघम पैलेस की बड़े स्तर की मरम्मत अगले साल मार्च में पूरी होने जा रही है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 369 मिलियन पाउंड यानी करीब 4,300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि मरम्मत पूरी होने के बाद भी ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला वहां शिफ्ट नहीं होंगे।
दोनों ने अपने मौजूदा घर क्लेरेंस हाउस में ही रहने का फैसला किया है। शाही परिवार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को बकिंघम पैलेस ज्यादा दिनों तक घूमने का मौका मिलेगा और पर्यटन से होने वाली कमाई भी बढ़ेगी।

1837 के बाद पहली बार बदलेगी परंपरा
1837 से बकिंघम पैलेस ब्रिटेन के राजा या रानी का आधिकारिक लंदन निवास रहा है। महारानी विक्टोरिया से लेकर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय तक सभी यहीं रहे। लेकिन अब किंग चार्ल्स इस परंपरा को बदलने जा रहे हैं। वे बकिंघम पैलेस की जगह क्लेरेंस हाउस को ही अपना स्थायी घर बनाए रखेंगे। हालांकि बकिंघम पैलेस शाही परिवार का आधिकारिक दफ्तर और बड़े सरकारी कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र पहले की तरह बना रहेगा।
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ज्यादा लोगों के लिए खुलेगा बकिंघम पैलेस
शाही अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा। अगर राजा बकिंघम पैलेस में रहेंगे तो सुरक्षा कारणों से कई हिस्से बंद रखने पड़ेंगे। लेकिन उनके बाहर रहने से महल को ज्यादा दिनों तक पर्यटकों के लिए खोला जा सकेगा। इससे दुनियाभर से आने वाले विजिटर्स को महल देखने का मौका मिलेगा और ब्रिटेन को पर्यटन से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
उम्र और सुविधा भी बनी बड़ी वजह
किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला साल 2005 से क्लेरेंस हाउस में रह रहे हैं। दोनों की उम्र अब 70 साल से ज्यादा है और वे दोबारा पूरा घर और स्टाफ शिफ्ट करने की परेशानी नहीं चाहते। इसी वजह से उन्होंने वहीं रहने का फैसला किया। हालांकि वे अपने ज्यादातर शाही काम बकिंघम पैलेस से ही करेंगे। जरूरत पड़ने पर उनके लिए महल में निजी कमरे भी उपलब्ध रहेंगे, जहां वे आराम कर सकेंगे या रात भी बिता सकेंगे।
राजकीय कार्यक्रम पहले की तरह यहीं होंगे
भले ही किंग चार्ल्स वहां नहीं रहेंगे, लेकिन बकिंघम पैलेस की अहमियत बिल्कुल कम नहीं होगी। विदेशी नेताओं की मुलाकात, नए राजदूतों का स्वागत, प्रधानमंत्री के साथ बैठकें, राजकीय भोज और गार्डन पार्टियां पहले की तरह इसी महल में आयोजित होंगी। शाही प्रवक्ता ने कहा कि किंग चार्ल्स का बकिंघम पैलेस से खास लगाव है और यह शाही व सरकारी कार्यक्रमों का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा।
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पहली बार सार्वजनिक की टैक्स की जानकारी
नई वित्तीय रिपोर्ट में एक और खास खुलासा हुआ है। किंग चार्ल्स ऐसे पहले ब्रिटिश सम्राट बन गए हैं जिन्होंने अपने टैक्स भुगतान की जानकारी सार्वजनिक की है। उन्होंने 2024-25 में 12.9 मिलियन पाउंड और 2023-24 में 11.7 मिलियन पाउंड टैक्स दिया। मरम्मत पूरी होने के बाद शाही परिवार को मिलने वाली सोवरेन ग्रांट भी कम कर दी जाएगी। बची हुई रकम दूसरे शाही महलों की मरम्मत, साइबर सिक्योरिटी, नई हीटिंग सिस्टम और विंडसर कैसल के पुराने बॉयलर बदलने जैसे कामों पर खर्च होगी।












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