Sonam Wangchuk Hunger : 'तो खत्म कर देंगे अनशन', सोनम वांगचुक के अनशन पर पत्नी का बड़ा दावा
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर चर्चा का विषय बन गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि ने कहा है कि अगर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मिलें और भरोसा दें कि उनकी मांगों पर संसद में गंभीर चर्चा होगी, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट में भी मामले की सुनवाई हुई, जबकि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई है।

संसद में चर्चा का भरोसा मिला तो खत्म होगा अनशन
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि उनके पति की लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही लाने की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि अगर सभी दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मिलें और यह भरोसा दें कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उनका कहना है कि वांगचुक सिर्फ अपनी मांगों पर ठोस पहल चाहते हैं।
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हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने और पहले दिए गए डिवीजन बेंच के आदेश के बाद वांगचुक को सरकारी अस्पताल ले जाना मनमाना फैसला नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि अस्पताल में उन्हें वही दवाएं दी जा रही हैं, जिन पर उनकी सहमति है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग
गीतांजलि ने कोर्ट में मांग की है कि सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। उनका कहना है कि इससे इलाज और देखभाल बेहतर तरीके से हो सकेगी। वहीं शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना भूख हड़ताल जारी रखा है और अपनी मांगों से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं।
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संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का सख्त रुख
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी संगठन को प्रदर्शन या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में कोई आधिकारिक आवेदन भी नहीं मिला। साथ ही संबंधित इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है, इसलिए बिना अनुमति किसी भी तरह का प्रदर्शन कानून का उल्लंघन माना जाएगा। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और लागू नियमों का पालन करने की अपील की है।












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