• search

अमरीका में 'बंदूक रखने के अधिकार' पर क्यों मचा है घमासान?

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    डोनल्ड ट्रंप
    Getty Images
    डोनल्ड ट्रंप

    अमरीका की सबसे शक्तिशाली बंदूक लॉबी ने डेमेक्रेट्स और मीडिया पर फ्लोरिडा की घटना का 'लाभ' उठाने का आरोप लगाया है.

    फ्लोरिडा में पिछले सप्ताह एक स्कूल में गोलीबारी हुई थी जिसमें 17 लोग मारे गए थे.

    राष्ट्रीय राइफ़ल संघ के प्रमुख वेन लापेरे ने कहा है कि "अवसरवादी" लोग 14 फरवरी की घटना का इस्तेमाल बंदूक पर नियंत्रण लगाने के लिए कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि वे लोग अमरीकी से उनके बंदूक रखने के अधिकारों को छीनना चाहते हैं.

    उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शिक्षकों को बंदूक रखने के लिए अतिरिक्त पैसे देने की बात कही है.

    राष्ट्रीय राइफल संघ के प्रमुख वेन लापेरे
    Getty Images
    राष्ट्रीय राइफल संघ के प्रमुख वेन लापेरे

    राष्ट्रीय राइफ़ल संघ के प्रमुख वेन लापेरे ने कहा, "हमेशा की तरह अवसरवादी लोगों ने अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए घटना का इस्तेमाल करने में एक सेकंड की देरी नहीं की."

    उन्होंने कहा, "वे लोग राइफ़ल संघ से नफ़रत करते हैं. वे लोग नियम में किए गए दूसरे संशोधन से नफ़रत करते हैं. वे लोग व्यक्तिगत आज़ादी से नफ़रत करते हैं."

    वो अमरीकी संविधान में दूसरे संशोधन का जिक्र करते हुए बोल रहे थे जिसके तहत लोगों को हथियार रखने का अधिकार प्राप्त है.

    फ्लोरिडा स्कूल अटैक
    Getty Images
    फ्लोरिडा स्कूल अटैक

    संघ ने की सरकार की आलोचना

    स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना पर लापेरे पहली बार बोल रहे थे. उन्होंने घटना के लिए एफ़बीआई से हुई चूक की आलोचना की है.

    उन्होंने अमरीका के "यूरोपीय शैली की समाजवाद" की भी आलोचना की है. लापेरे ने कहा, "उन्हें कोई परवाह नहीं है कि उनका क़ानून काम करता है या नहीं."

    "वे लोगों पर नियंत्रण रखने के लिए सिर्फ़ क़ानून चाहते हैं. लेकिन राइफ़ल संघ इस बात की परवाह करता है."

    https://twitter.com/NRA/status/966697566996975617

    स्कूलों को सुरक्षा देगा संघ

    घटना के शिकार लोग बंदूक रखने के लिए सख़्त क़ानून की मांग कर रहे हैं. इसके लिए वे राष्ट्रव्यापी अभियान #NeverAgain चला रहे हैं.

    लापेरे ने डेमेक्रेट्स पर राष्ट्रीय राइफ़ल संघ को बदनाम करने का आरोप लगाया है.

    लापेरे ने कहा कि राइफ़ल संघ किसी अमरीकी स्कूल को उसकी सुरक्षा बनाए रखने में मदद करेगा. वो यह मदद मुफ़्त में करेगा.

    वहीं, अमरीकी शिक्षक एकता महासंघ के अध्यक्ष रैंडी वाइनगर्टन राष्ट्रीय राइफ़ल संघ की बातों पर असहमति जताती हैं. वो कहती हैं, "जो लोग स्कूलों के अंदर बंदूक चाहते हैं वो इसे नहीं समझ रहे हैं कि आगे क्या-क्या हो सकता है. हालात इससे भी बुरे हो सकते हैं."

    https://twitter.com/realDonaldTrump/status/966681883206668289

    बंदूक लॉबी के लोग अच्छे हैं : ट्रंप

    राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्कूलों में शिक्षकों को बंदूक देने की बात कही है. उन्होंने ये बात व्हाइट हाउस में घटना के पीड़ितों से मिलने के बाद कही थी.

    राज्यों और अधिकारियों से स्कूल की सुरक्षा पर बात करते हुए मंगलवार को ट्रंप ने कहा था, "अगर स्कूल के 20 फ़ीसदी लोगों के पास भी बंदूक होंगे तो हमलावर अदंर नहीं घुसेंगे."

    ट्रंप ने कहा था, "अगर वे बंदूक रखते हैं तो हम उन्हें अतिरिक्त पैसे देंगे."

    राष्ट्रपति ने यह भी कहा था कि वो बंदूक खडरीदने की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करने का समर्थन करते हैं. उन्होंने राइफ़ल संघ से इसका समर्थन करने का आग्रह किया है.

    बंदूक लॉबी पर ट्रंप ने कहा था, "मुझे नहीं लगता कि मैं उनलोगों के ख़िलाफ़ जाऊंगा. वे अच्छे लोग हैं."

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Why is the issue of 'gun power' in America

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X