ना नौकरी मिलती है, ना कोई शादी के लिए देता है बेटी.. चीन के लोगों के लिए 35 साल की उम्र क्यों बनी अभिशाप?
China Life Style News: चीन के युवाओं का कहना है, कि 20 साल की उम्र में काम शुरू करने के बाद ज्यादातर देशों में 30 साल की उम्र तक लोग अपने कैरियर और परिवार को लेकर चिंता से बाहर आ जाते हैं, क्योंकि उनकी जिंदगी पटरी पर आ चुकी होती है, लेकिन अगर आप चीन में रहते हैं, तो आपके लिए ऐसा नहीं है।
चीन में 30 साल की उम्र में पहुंचने के बाद लोगों का असली टेंशन शुरू होता है और 35 साल की उम्र तक आते आते चीन के लोगों का मानना होता है, कि वो अपनी अपनी जिंदगी का मजा खो चुके हैं और अब उनकी जिंदगी में कुछ नहीं बचा है। चीन के लोग 35 साल की उम्र को अभिशाप मानते हैं। आखिर क्यों, आइये जानते हैं।

35 साल का होने का कड़वा सच
चीन के युवा करीब 20 साल की उम्र से काम करना शुरू कर देते हैं और करीब 50 सालों से चीन के कल्चर में काफी ज्यादा काम करना शामिल हो चुका है। चीनी फैक्ट्रियों में अभी भी 12 घंटों से ज्यादा काम कराया जाता है और चीन का लेबर कानून भी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ ही होता है।
लिहाजा, कई चीनी प्रोफेशनल कर्मचारियों को डर रहता है, कि 35 साल की उम्र के बाद उनकी नौकरी खतरे में रहकी है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के लोगों का कहना होता है, कि चीन की कंपनियां 35 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों के साथ काम करना पसंद नहीं करती हैं।
लेकिन सवाल ये उठता है, कि 35 की उम्र में क्या खराबी है?
चीन में 35 साल की उम्र वास्तव में लोगों के लिए एक अभिषाप की ही तरह है। चीन की ज्यादातर कंपनियां 30 साल के लोगों को ही भर्ती काम करने के लिए करती हैं और 35 साल की उम्र वाले लोगों की नौकरी सबसे ज्यादा जाती है।
वहीं, चीन में 35 साल की उम्र में आने के बाद लोग, ना तो ओवरटाइम करना चाहते हैं और ना ही ज्यादा मेहनत, कि उनकी नौकरी बची रहे। लिहाजा 35 साल की उम्र में सबसे ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की जाती है।
चीन में "35 का अभिशाप" कोई मिथक नहीं है। बल्कि, कई कंपनियां इस आयु वर्ग के लोगों को नौकरी पर रखने से झिझकती हैं। दरअसल, चीनी सरकार ने इसे आधिकारिक बना दिया है। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की संघीय सरकार और प्रांतीय सरकारों ने सिविल सेवक पदों पर भर्ती की आयु 35 वर्ष तय कर दी है।
चीनी इंटरनेट "कर्स ऑफ 35" घटनाओं से भरा हुआ है, हालांकि यह कैसे शुरू हुआ या वायरल कैसे हुआ, इस पर कोई साफ साफ जानकारी नहीं है, लेकिन कोविड महामारी के बाद चीन में नौकरी बाजार कमजोर बना हुआ है और उम्र का भेदभाव काफी ज्यादा किया जा रहा है। हालांकि, इसे कानून के खिलाफ नहीं माना जाता है।
चीन में 35 की उम्र का अभिशाप
ऑनलाइन वायरल हुई एक पोस्ट, चीनी श्रमिक वर्ग की दुविधा को बयान करती है। पोस्ट में लिखा गया है, कि "चीन में 35 साल की उम्र को रिटायरमेंट का उम्र माना जाने लगा है और ऐसा लगता है, कि 60 साल के लोग 35 साल के लोगों के मुकाबले ज्यादा जवान हैं।
ये पोस्ट इसलिए लिखा गया था, क्योंकि जहां 35 साल की उम्र वाले लोगों को नौकरियों से निकाल दिया जाता है, वहीं चीन की संघीय और प्रांतीय सरकारों ने रिटायरमेंट की उम्र को 60 साल से ज्यादा कर दिया है। इसके पीछे तर्क ये दिया जाता है, कि ज्यादा उम्र वाले लोग और ज्यादा अच्छे से सरकार के साथ काम करते हैं और वो सरकार के प्रति 30 साल की उम्र के लोगों के मुकाबले, ज्यादा वफादार रहते हैं।
स्थिति ये है, कि चीन के लोग अब 35 साल के होने से डरने लगे हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा लोगों की नौकरियां इसी उम्र में जा रही हैं और ये वो उम्र होता है, जब लोग कम से कम अपने कैरियर को लेकर निश्चिंत होने लगते हैं और इसी उम्र में पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालने के बाद सबसे ज्यादा पारिवारिक खर्च होता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, फ्लिन फैन नाम के एक युवा ने बताया, कि उन्होंने लगातार तीन महीनों तक रात 11 बजे तक काम किया, लेकिन कंपनी ने उन्हें उसके बाद भी नौकरी से निकाल दिया। उन्होंने कहा, कि उनकी उम्र 35 साल है और वो अब बेरोजगार हैं। उन्होंने 300 से ज्यादा कंपनियों में अपना बायोडेटा भेजा, जिनमें सें 10 जगहों पर उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और अभी तक उन्हें कहीं से कॉल लेटर नहीं आया है।
फ्लिन फैन के मुताबिक, चीन में 35 साल की उम्र एक 'प्लेग' की तरह है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 32 साल की एक लड़की सिसी झांग को नौकरी से निकालते हुए कंपनी की तरफ से बताया गया, कि वो अब काम करने के लिए बहुत बुढ़ी हो चुकी हैं। सिसी झांग ने कहा, कि तीन महीने ट्रेनिंग देने के बाद उनकी जगह एक युवा ग्रेजुएट को नौकरी पर रख लिया गया।

चीन की बेशर्म कंपनियां
चीन में कंपनियां इस बात को लेकर बेशर्म हैं, कि वे काफी कम उम्र वाले युवा लोगों को नौकरी पर रखना चाहती हैं। मातृत्व उत्पाद बेचने वाली एक फर्म में नौकरी की पोस्टिंग के लिए आयु सीमा 32 वर्ष निर्धारित की गई है। यानि, 32 साल की उम्र से ज्यादा के लोग आवेदन भी नहीं कर सकते हैं।
सिसी झांग ने एनवाईटी को बताया, कि चीनी कंपनियां, जो कर्मचारी उनके पास पहले से मौजूद हैं, उन्हें और बेहतर बनाने के बजाय, नये लोगों की भर्ती करते हैं और इसके लिए विशेषज्ञता जैसी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, उन्हें सिर्फ दिन-रात करने वाले युवा चाहिए।
35 साल से कम उम्र के श्रमिकों को काम पर रखने की प्रवृत्ति तकनीकी क्षेत्र में ज्यादा चलन में है, जहां सुबह 9 बजे रात 9 बजे तक काम करने की संस्कृति है। यानि, 12 घंटे तक काम, वो भी हफ्ते में 6 दिन। सिर्फ एक दिन की छु्ट्टी दी जाती है। द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में फरवरी 2021 में छपी एक लेख के मुताबिक, 35 वर्ष से ऊपर के लोगों को कार्यभार संभालने के लिए बहुत बूढ़ा माना जाता है।
जिसका नतीजा ये होता है, कि लोग अब डिप्रेशन और बीमारियों के शिकार होने लगे हैं।
36 साल की तांग यिंग डिप्रेशन और नींद की बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि, उनके पास फिलहाल नौकरी है, लेकिन उन्हें टेंशन रहता है, कि पता नहीं कब उनकी नौकरी चली जाएगी। वो गुआंगज़ौ में एक छोटी तकनीकी फर्म में काम करती हैं।
कोविड महामारी ने 30 साल से ज्यादा आयु वाले लोगों के लिए मामले को और भी बदतर बना दिया है। राज्य परिषद के विकास अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2020 में 35 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग दो-तिहाई लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया था और वे सितंबर में भी नौकरियों की तलाश में थे।
सामाजिक जीवन पर काफी गंभीर असर
35 साल की उम्र, जीवन का वो अवस्था माना जाता है, जब लोग अपना परिवार बढ़ाने का फैसला लेते हैं, लेकिन चीन में नौकरी को लेकर कोई सुरक्षा नहीं होने की वजह से लोग बच्चे पैदा करने से भाग रहे हैं।
चीनी सोशल मीडिया पर एक वाक्य काफी प्रसिद्ध है, कि 'अगर आप 30 साल के हो चुके हैं, तो घर खरीदने, शादी करने, बच्चे पैदा करने, कार खरीदने और नशीली दवाओं से कोसों दूर रहे हैं। तभी आपके पास खुशी और स्वतंत्रता रह सकती है।'
38 साल के शॉन लियांग भी "कर्स ऑफ 35" के शिकार हैं। टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल शॉन लियांग के पास पिछले 3 सालों से नौकरी नहीं है और वो पूरी तरह से बेरोजगार हैं। अपनी बेरोजगारी के लिए वो अपनी उम्र को दोषी मानते हैं।
स्थिति ये है, कि चीन में घटती जनसंख्या के पीछे इसका बहुत बड़ा हाथ है। पिछले साल चीन की जनसंख्या में भारी गिरावट देखी गई है और शॉन लियांग कहते हैं, कि 'चीन में मेरे जैसे लोगों का कोई मतलब नहीं है।'
शॉन लियांग अब शहर छोड़कर गांव जा चुके हैं, क्योंकि वो चीन के दक्षिणी शहर गुआंगज़ौ में किराया नहीं दे सकते थे। कोई स्थिर नौकरी न होने के कारण, उन्होंने शादी नहीं की है। हालांकि, वह बच्चों से प्यार करते हैं, लेकिन उन्हें विश्वास नहीं है, कि वह अब शादी कर सकते हैं और अपने बच्चों को एक अच्छा जीवन दे सकते हैं।












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