यूक्रेन के Zaporizhzhia न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूस का कब्जा क्यों महत्वपूर्ण है ? सबकुछ जानिए
कीव, 4 मार्च: चेर्नोबिल परमाणु हादसे के 36 साल बाद एक बार फिर से दुनिया पर रेडिएशन का खतरा मंडराने लगा था। इसकी वजह यह थी कि रूस ने यूक्रेन के सबसे बड़े न्यूक्लियर पॉवर प्लांट पर हमला कर दिया। चेर्नोबिल दुर्घटना के वर्षों बाद भी लोग कैंसर जैसी बीमारियों के चलते मर रहे थे। यूक्रेन के जिस जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर हमला हुआ था, उसकी वजह से उससे भी 10 गुना ज्यादा खतरे की आशंका बताई जा रही थी। एक्सपर्ट भी मान रहे थे कि रूस उसपर नियंत्रण कर ले वह ज्यादा अच्छा है, इससे कि वह उसपर मिसाइलें गिराता रहे। आखिकार यह परमाणु बिजली संयंत्र रूस के कब्जे में जा चुका है और उसके जिस हिस्से में आग लगी थी, वह भी नियंत्रित हो चुकी है। जानिए पूरे यूरोप के सबसे बड़े न्यूक्लियर पॉवर प्लांट की सुरक्षा को लेकर इतना कोहराम क्यों मचा? और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट कहां है ?
यूक्रेन का जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पूरे यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयत्र है। रूसी मिसाइल गिरने के बाद जिस तरह से यह प्लांट आग की चपेट में आई, पूरी दुनिया में 1986 के चेर्नोबिल त्रासदी की खौफनाक याद ताजा हो गई। जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट दक्षिणपूर्वी यूक्रेन के एनर्होदर शहर में स्थित है, जो कि जेपोरिजिया शहर से लगभग 112 किलोमीटर दूर है।

जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट क्यों महत्वपूर्ण है ?
यूक्रेन के न्यूक्लियर पॉवर ऑपरेटर एनर्गोआटॉम के मुताबिक इस संयंत्र में 6 पॉवर यूनिट संचालन में हैं और पहले की शुरुआत 1984 में हुई थी। इस प्लांट से 4,000 से 4,200 करोड़ किलोवॉट घंटा बिजली का उत्पादन होता है, जो कि यूक्रेन के सालाना बिजली उत्पादन का औसतन 20 से 25 फीसदी है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यहां यूक्रेन की करीब एक चौथाई बिजली उत्पादित होती है। यही नहीं, यूक्रेन के विभिन्न न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में जितनी बिजली पैदा होती है, उसका करीब 47% इसी प्लांट पर निर्भर है।

न्यूक्लियर पॉवर में नुकसान की क्या जानकारी है ?
यूक्रेन की सरकारी इमरजेंसी सर्विस ने रूसी कब्जे से पहले गुरुवार रात को बताया था कि हमले की वजह से जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट के बाहर ट्रेनिंग बिल्डिंग में आग भड़क गई थी। न्यूक्लियर प्लांट के एक प्रवक्ता ने यूक्रेन के टेलीविजन से कहा था कि गोले सीधे 6 में से एक रियेक्टर पर भी गिरे हैं, जिसमें आग लग गई। हालांकि, उस रियेक्टर में मरम्मत का काम चल रहा था, इसलिए वह संचालन में नहीं था। लेकिन, उसने बताया था कि परमाणु ईंधन वहां मौजूद था।
विस्फोट हुआ तो यूरोप खत्म- जेलेंस्की
इस घटना को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक वीडियो शेयर कर इसके गंभीर दुष्परिणाम की आशंका जाहिर करते हुए कहा था, 'यूक्रेन के पास 15 पॉवर यूनिट हैं। अगर विस्फोट होता है, तो सबकुछ खत्म हो जाएगा। यूरोप खत्म हो जाएगा। यूरोप को बाहर निकालना होगा। यूरोप की ओर से केवल तत्काल कार्रवाई ही रूसी सैनिकों को रोक सकती है। '
आईएईए की इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया रही ?
इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी ने शुक्रवार सुबह ट्विटर पर जानकारी दी थी कि इसके डायरेक्टर जनरल राफेल एम ग्रोसी ने यूक्रेन के पीएम डेनिस श्मिगल और यूक्रेन के न्यूक्लियर रेगुलेटर और ऑपरेटर से बात की है और जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट की गंभीर अवस्था पर चर्चा की है। साथ ही अपील की है कि ताकत का इस्तेमाल रोक दें और रियेक्टर पर हमले के बाद उसके गंभीर परिणामों को लेकर भी आगाह किया है। इसके जवाब में 'यूक्रेन के रेगुलेटर ने आईएईए से कहा है कि रेडिएशन लेवल में कोई बदलवा नहीं हुआ है। ' यही नहीं 'कोई भी महत्वपूर्ण उपकरण प्रभावित नहीं' हुआ है।

जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर रूस का कब्जा
राहत की बात ये है कि रूसी हमले से इस परमाणु संयंत्र में जो आग लगी थी, उसपर काबू पा लिए जाने की जानकारी है। रॉयटर्स ने फिर खबर दी की रूसी सेना ने जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट को अपने कब्जे में कर लिया है। यानि अब इसपर आगे हमला होने की आशंका फिलहाल खत्म हो गई है। वैसे एनर्गोआटॉम के अनुसार, यह 'परमाणु ऊर्जा संयंत्र औद्योगिक क्षेत्र, स्वच्छता संरक्षण और 30 किलोमीटर के दायरे में रेडिएशन की निगरानी के लिए' सक्षम है।

जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर रूसी कब्जा क्यों अहम है?
सीएनएन से नेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट जो किरिनसियोन ने कहा था कि वे आग को लेकर 'बहुत चिंतित' थे। 'कई वजहों से यह बहुत जल्दी बहुत ही भयानक शक्ल अख्तियार कर सकता है।' उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि प्लांट की बिजली या प्लंबिंग काट दी जाती है, तो न्यूक्लियर मेल्टडाउन शुरू हो सकता है। यही वजह है कि किरिनसियोन ने कहा भी था कि यदि रूसी सेना प्लांट को ऑफलाइन करना चाहती है तो उन्हें इसपर कब्जा कर लेना चाहिए, ना कि इसपर हमला करना चाहिए, क्योंकि इससे बहुत बड़ा खतरा जुड़ा है। उन्होंने कहा था, 'यदि फ्यूल रॉड अभी भी रिएक्टर में हैं और आप बिजली काट देते हैं, तो आप कूलिंग सिस्टम को काट रहे हैं, जो रियेक्शन को कंट्रोल करता है और आप अनियंत्रित न्यूक्लियर चेन रियेक्शन को छोड़ रहे हैं।'
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