Watch:पीएम मोदी समेत G-20 के नेताओं ने ट्रेवी फाउंटेन में क्यों उछाला सिक्का, जानिए वजह

रोम के ट्रेवी फाउंटेन में प्रधानमंत्री मोदी समेत जी-20 देशों के नेता ने क्यों फेंका सिक्का, जानिए वजह।

रोम, नवंबर 01: जी-20 सम्मेलन खत्म हो चुका है, लेकिन इस सम्मेलन के दौरान रोम से कई ऐसी तस्वीरें आई हैं, जो आश्चर्य में डालने वाली हैं। चाहे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम मोदी का याराना हो या फिर फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ गपशप...इन तस्वीरों ने पिछले हफ्ते खूब सुर्खियां बटोरी हैं। लेकिन, इन सबके बीच एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी समेत विश्व के तमाम बड़े नेता रोम के प्रसिद्ध फाउंटेन में एक सिक्का उछालते नजर आ रहे हैं और इसके पीछे की वजह जानने के लिए लोग लालायित भी है। आखिर इसके पीछे क्या वजह है, आईये जानते हैं।

ऐतिहासिक है ट्रेवी फाउंटेन?

ऐतिहासिक है ट्रेवी फाउंटेन?

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर विश्व के अन्य नेताओं के साथ रोम के प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन का दौरा किया। ट्रेवी फाउंटेन इटली के सबसे अधिक देखे जाने वाले प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है और पर्यटकों द्वारा खूब पसंद किया जाता है। रोम के इस ऐतिहासिक फव्वारे ने कई फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित किया है जिन्होंने बारोक कला-शैली वाले स्मारक को रोमांस की जगह के प्रतीक के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया है। सबसे खास बात ये है कि, ट्रेवी फाउंटेन में सिक्का उछालने की प्रथा पिछले कई सालों से चली आ रही है और रोम के लोग इसपर काफी विश्वास करते हैं।

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    ट्रेवी फाउंटेन में क्यों फेंका सिक्का?

    ट्रेवी फाउंटेन 26.3 मीटर ऊंचा और 49.15 मीटर चौड़ा है और यह शहर का सबसे बड़ा बारोक फव्वारा है, इसके साथ ही इसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध फव्वारों में से एक माना जाता है। और जब जी-20 देश के नेता रोम में सम्मेलन में जुटे तो सभी प्रतिनिधिमंडल ने अपने कंधे के ऊपर से फव्वारे में सिक्का फेंका। रोम में ऐसा प्रचलित है कि यदि आप फव्वारे के पानी में कंधे पर सिक्का फेंकते हैं, तो आप निश्चित तौर पर वापस रोम लौटेंगे।

    जलवायु परिवर्तन पर उदासीन दुनिया

    जलवायु परिवर्तन पर उदासीन दुनिया

    दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता जलवायु परिवर्तन से अधिक आक्रामक तरीके से निपटने के प्रति पूरी तरह से उदासीन नजर आए। हालांकि, कोरोना वैक्सीन से संबंधित मुद्दों को सुलझाने पर तमाम बड़े नेता करीब करीब एकमत थे, जिसमें तेज डब्ल्यूएचओ की वैक्सीन को स्वीकृति देने की प्रक्रिया और अधिक वैश्विक उत्पादन बढ़ाना मुख्य बिंदु में शामिल रहा। सबसे खास बात ये रही कि, वैक्सीन उत्पादन का हब भारत ही बनेगा। जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में विदेशों में कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के लिए सार्वजनिक वित्तपोषण को समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की गई। हालांकि, इसके लिए कोई घरेलू समय सीमा भा लक्ष्य भी तय नहीं किया गया है और भारत जैसे प्रमुख कोयला-निर्भर देशों को दूसरे वित्तपोषण विकल्पों के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है। भारत के ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, "हेल्थ सेक्शन के तहत एक बहुत ही मजबूत संदेश में इस बात पर सहमति जताई गई है कि कोरोना वायरस इम्यूनिटी बढ़ाने और सुरक्षित समझे जाने वाले टीकों को पारस्परिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए।"

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