• search

आतंकी अजहर के लिए बार-बार चीन क्यों बन रहा है ढाल, आखिर क्या चल रहा है उसके दिमाग में?

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
      China blocks India's bid to tag Masood Azhar as global terrorist in UN | वनइंडिया हिंदी

      नई दिल्ली। एक बार फिर से चीन ने भारत को झटका दिया है, चीन ने पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद (जेइएम) प्रमुख और पठानकोट आतंकी हमले के साजिशकर्ता मसूद अजहर को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की भारत, अमेरिका और अन्य देशों की कोशिश में सेंध लगा दिया है और कहा है कि चयन समिति के सदस्यों में इस बाबत कोई आम राय नहीं बनी है। चीन के इस कदम पर भारत ने घोर निराशा जताते हुए बयान दिया है कि दोहरे मानदंड को लेकर आतंकवाद से लड़ा नहीं जा सकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें अभी भी उम्मीद है कि इस बात को समझा जायेगा कि संकीर्ण उद्देश्यों के लिए आतंकवाद को आश्रय देना अदूरदर्शिता पूर्ण होगा।

      आखिर आतंकी अजहर के लिए बार-बार चीन क्यों बन रहा है ढाल, आखिर क्या चल रहा है उसके दिमाग में?

      गौरतलब है कि अजहर को सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकवादी घोषित कराने का विरोध करनेवाला चीन एकमात्र देश है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से अन्य सभी 14 सदस्य अमेरिका और फ्रांस के कदम का समर्थन कर रहे हैं, अगर चीन ने अड़ंगा नहीं डाला होता तो अब तक मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया गया होता। चीन की इस टिप्पणी में संकेत मिलता है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में अर्जी को वीटो करेगा, ताकि यह निष्प्रभावी हो जाए, यह लगातार दूसरा साल है जब चीन ने प्रस्ताव को बाधित किया है।

      क्या हो सकता है मकसद

      बार-बार चीन का भारत को झटका ये ही साबित करता है कि वो पाकिस्तान से वफादारी निभाकर भारत को मजबूत बनने से रोक रहा है। अगर भारत के प्रस्ताव को 14 देश समर्थन दे रहे हैं तो इससे भारत का कद बढ़ेगा और वो मजबूत राष्ट्र बनकर उभरेगा, जो कि चीन के लिए आसान नहीं होगा और शायद इसी कारण वो अलग-थलग पड़े पाकिस्तान के साथ खड़ा है। मालूम हो कि अमेरिका ने इस साल जनवरी में फ्रांस और ब्रिटेन के समर्थन से मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने के संबंध में नया प्रस्ताव पेश किया था। पेइचिंग ने दोबारा इस मामले को अगस्त तक तकनीकी रूप से रोक दिया था और इसे आगे 3 महीनों तक के लिए बढ़ा दिया था।

      आखिर आतंकी अजहर के लिए बार-बार चीन क्यों बन रहा है ढाल?

      भारत ने मार्च 2016 में संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था। दरअसल भारत पठानकोट आतंकवादी हमले का अजहर को मास्टरमाइंड मानता है। मसूद अजहर वहीं जिसे प्लेन हाईजैक कर भारत की जेस से छुड़ाया गया था। अगर मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया जाता है तो उसकी संपत्तियां कुर्क हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी।

      Read Also:  जानिए आखिर 10 साल में कितनी बढ़ गई सोनिया-राहुल की संपत्ति

      जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

      देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
      English summary
      China was at it again. It blocked declaring Maulana Masood Azhar as a terrorist in the United Nations once again. This is a set back for India which has handed out ample proof of his role in the Parliament, Pathankot attacks as well as the ruckus Azhar has been causing in Jammu and Kashmir.

      Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
      पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

      X
      We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more