Travel Ban: 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका में नहीं मिलेगी एंट्री, ट्रंप के नए ट्रैवल बैन में कौन-कौन फंसा?
Trump travel ban: डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी दूसरी पारी के सिर्फ पांच महीने में एक ऐसा फैसला ले लिया है जिसने कई देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। 2017 के विवादित मुस्लिम बैन के बाद अब उन्होंने एक नया और ज्यादा सख्त यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban) लागू किया है, जिसमें दर्जनों देशों के नागरिकों को अमेरिका आने से रोका गया है।
क्या है ट्रैवल बैन?
ट्रैवल बैन (Travel Ban) यानि यात्रा प्रतिबंध- यह अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी का एक ऐसा कदम होता है जिसमें कुछ चुनिंदा देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर रोक लगाई जाती है। यह रोक पूरी तरह से वीजी पर भी हो सकती है या फिर खास वीजा कैटेगरी के लिए।

ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 'कट्टरपंथी' कहे जाने वाले मुस्लिम देशों पर ट्रैवल बैन लगाया था और अब अपने दूसरे कार्यकाल में इसे और बड़ा और खतरनाक रूप दे दिया है।
किन देशों पर लगी है पूरी पाबंदी?
नए राष्ट्रपति प्रोक्लेमेशन (Presidential Proclamation) के तहत इन देशों से आने वाले लोगों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है- चाहे वे घूमने आएं, काम के लिए या स्थायी रूप से बसने के लिए:
- अफगानिस्तान (Afghanistan)
- म्यांमार (Myanmar)
- चाड (Chad)
- कांगो गणराज्य (Republic of the Congo)
- इक्वेटोरियल गिनी (Equatorial Guinea)
- इरिट्रिया (Eritrea)
- हैती (Haiti)
- ईरान (Iran)
- लीबिया (Libya)
- सोमालिया (Somalia)
- सूडान (Sudan)
- यमन (Yemen)
किन देशों पर लगी है आंशिक पाबंदी?
इन देशों के नागरिकों की यात्रा पर आंशिक रोक लगाई गई है- यानि कुछ वीजा कैटेगरी पर बैन:
- बुरुंडी (Burundi)
- क्यूबा (Cuba)
- लाओस (Laos)
- सिएरा लियोन (Sierra Leone)
- टोगो (Togo)
- तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan)
- वेनेजुएला (Venezuela)
ट्रंप ने क्यों चुने ये देश?
प्रोक्लेमेशन के मुताबिक, कुछ देशों के पास ऐसा कोई केंद्रीय सिस्टम नहीं है जो पासपोर्ट और यात्री की सही पहचान वेरिफाई कर सके। जैसे अफगानिस्तान, सोमालिया, सूडान, लीबिया वगैरह। कुछ देशों के नागरिक अमेरिका आकर वीजा ओवरस्टे कर जाते हैं- यानि तय वक्त से ज्यादा रुकते हैं। जैसे म्यांमार, चाड, इक्वेटोरियल गिनी, बुरुंडी वगैरह।
कुछ देशों को आतंकवाद या राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का आरोपी बताया गया है। जैसे ईरान, अफगानिस्तान, क्यूबा वगैरह।
2017 के ट्रैवल बैन से कितना अलग है ये?
- 2017 का बैन मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल 7 देशों पर था।
- इस बार ट्रंप ने अफ्रीकी, लैटिन अमेरिकी और एशियाई देशों की बड़ी लिस्ट जोड़ी है।
- अफगानों को भी बैन करना संवेदनशील है क्योंकि कई अफगानी अमेरिका के लिए काम कर चुके हैं और उन्हीं के कारण उन्हें अपना देश छोड़ना पड़ा।
अमेरिका की छवि और असर?
इस बैन का असर सिर्फ सीमाओं पर नहीं, बल्कि अमेरिका की इमेज और ग्लोबल संबंधों पर भी पड़ेगा। लाखों छात्र, कामकाजी लोग और रिफ्यूजी प्रभावित होंगे। और यही वो बिंदु है जो इसे 2017 से भी ज्यादा कड़ा, विभाजनकारी और खतरनाक बना देता है।












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