इस देश में च्युंइगम खाने पर है पाबंदी! वजह जानकर पकड़ लेंगे माथा!
Singapore: दुनिया के सबसे विकसित और स्वच्छ देशों में सिंगापुर को गिना जाता है। सिंगापुर अकेला ऐसा देश है जहां भारत के साथ-साथ विश्व के तमाम देश मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स का निर्यात करते हैं। यह देश अपनी सख्त नीतियों, अनुशासित नागरिकों और पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है।
च्युइंगम क्या है और कैसे बनता है?
च्वइंगम रबर पेड़ों की छाल से तैयार किया जाता है, जिसमें नेचुरल रबर का उपयोग बहुत कम और synthetic rubber का उपयोग अधिक किया जाता है। आधुनिक च्वइंगम में कई तरह के फ्लेवर, स्वीटनर और प्लास्टिसाइज़र मिलाए जाते हैं, जिससे यह मुलायम और चबाने योग्य बनता है। हालांकि, इसका अत्यधिक उपयोग और अनुचित निपटान कई बार सफाई की बड़ी समस्या बन जाता है।

च्युइंगम पर बैन की कहानी - कैसे शुरू हुई यह नीति
साल 1992 में सिंगापुर सरकार ने देशभर में च्वइंगम पर प्रतिबंध लगा दिया। यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। दरअसल, च्युइंगम को लेकर जनता हिंसा पर उतारू हो गई थी और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी बढ़ती जा रही थी। सरकार के लिए यह कदम आसान नहीं था, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य साफ-सफाई और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना था।
सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती बनी च्युइंगम
च्युइंगम के कारण सफाई कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सड़कों, बसों, लिफ्टों और सार्वजनिक दीवारों से गम हटाना बेहद कठिन काम था। 1990 के दशक में लोगों ने इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे स्विच या सेंसर पर चिपकाने के लिए भी शुरू कर दिया था, जिससे कई बार तकनीकी खराबियां आने लगीं।
मेट्रो में सबसे बड़ी समस्या
सिंगापुर की मेट्रो, बस और ट्रेन सेवाओं में यात्रियों द्वारा च्युइंगम चिपकाना आम बात हो गई थी। कई बार गेट या दरवाज़ों पर लगाए गए गम की वजह से मेट्रो के दरवाज़े बंद नहीं हो पाते थे, जिससे पूरी लाइन ठप पड़ जाती थी। इससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और सफाई पर हर साल करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ते थे। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने च्युइंगम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सख्त निर्णय लिया।
US-Singapore Free Trade Agreement और आंशिक छूट
जब साल 1992 में सिंगापुर सरकार ने च्युइंगम पर बैन लगाया, तो यह अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। बाद में 2004 में अमेरिका और सिंगापुर के बीच Free Trade Agreement (FTA) लागू हुआ। इस समझौते के तहत सिंगापुर ने कुछ विशेष प्रकार के च्युइंगम को मेडिकल उपयोग के लिए मंजूरी दी।
इनमें शामिल हैं -
• Nicotine Gum: धूम्रपान छोड़ने में सहायक।
• Whitening Gum: दंत स्वास्थ्य के लिए उपयोगी।
इन गम्स को केवल डॉक्टर की सलाह पर और मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदा जा सकता है। मनोरंजन या सामान्य च्युइंगम आज भी सिंगापुर में पूरी तरह से बैन हैं।
क्या कहता है सिंगापुर का कानून?
सिंगापुर का कानून इस विषय पर बेहद सख्त है। यहां च्युइंगम बेचना या आयात करना अवैध माना जाता है। कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 1 साल तक की सजा और $1000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बार-बार गलती करने वालों को अदालत द्वारा सार्वजनिक स्थानों की सफाई करने की सजा दी जाती है, ताकि उनमें जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो सके।
सिंगापुर में च्युइंगम पर बैन सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि नागरिक अनुशासन और सार्वजनिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुका है। इस निर्णय ने सिंगापुर को दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में स्थान दिलाया है। आज यह नीति दुनिया भर के देशों के लिए एक प्रेरणा है कि स्वच्छता केवल सफाईकर्मियों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications