मुशर्रफ के इंटरव्यू को सुनकर क्यों नहीं हुई अमेरिकी सीनेटर को हैरानी
वॉशिंगटन। परवेज मुशर्रफ के करीब तीन दिन पहले दिए इंटरव्यू पर अमेरिका से अब प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। पहले तो अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उन्होंने अभी तक इस इंटरव्यू को देखा नहीं है। अब अमेरिका के एक शीर्ष सीनेटर ने इस पर बयान दिया है।

उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की वह टिप्पणी ‘हैरान करने वाली नहीं' है कि इस्लामाबाद ने लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों को सहायता और प्रशिक्षण दिया था।
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सीनेटर ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व में देश एक अलग दिशा अपना रहा है। विदेश मामलों और सशस्त्र सेवा से संबंधित दो शक्तिशाली सीनेट समितियों में शामिल प्रभावशाली डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम कैनी एक ब्रेकफास्ट मीटिंग में डिफेंस राइटर्स ग्रुप से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मैं यह सुनकर हैरान नहीं हूं कि पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन और मदद की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका मानना है वर्ष 2008 के मुंबई हमलों के मामले में पाकिस्तान सरकार के कुछ पहलुओं और लश्कर- ए-तैयबा के बीच संबंध थे और इसे नकारना मुश्किल है।
केनी मुंबई में हमलों से संबंधित स्थलों का दौरा कर चुके हैं। कैनी के मुताबिक जब आप खुफिया सूचना पर गौर करोगे और विचार करोगे तब ये सवाल उठेंगे कि संबंध किस ऊपरी स्तर तक के थे और आधिकारिक तौर पर उन्हें कैसे स्वीकृति दी गई। पाकिस्तान सरकार और लश्कर के बीच निश्चित तौर पर संबंध थे।












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