खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा की मौत, जानें कौन था, जिसने की थी भारतीय मिशन से तिरंगा उतारने की गुस्ताखी
Who Was Avtar Singh Khanda: भारत में एक बार फिर से खालिस्तानी आग भड़काने की कोशिश करने वाले अवतार सिंह खांडा की यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में मौत हो गई है। ये अवतार सिंह खांडा वही शख्स है, जिसने लंदन में भारतीय मिशन के सामने खालिस्तानियों के साथ प्रदर्शन किया था और भारतीय मिशन से तिरंगा उतारने की गुस्ताखी की थी।
पंजाब को फिर से 1980 के दशक में ले जाने की मंशा रखने वाला अवतार सिंह खांडा, भारत में कई महीनों तक पुलिस से भागने वाले अमृतपाल सिंह का गॉडफादर था। अमृतपाल सिंह अब गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं अवतार सिंह खांडा को भी लंदन पुलिस ने भारतीय मिशन पर हमला करने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया था। लिहाजा, आईये जानते हैं, कि आखिर अवतार सिंह खांडा कौन था और अमृतपाल जैसे लोगों के जरिए, ये कैसे पंजाब को फिर से सुलगाने की फिराक में कैसे था?

अमृतपाल का गॉडफादर था अवतार सिंह
अमृतपाल सिंह के मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने खुलासा किया था, कि अवतार सिंह खांडा, वही शख्स था जो वारिस पंजाब डे के नेता अमृतपाल का "गॉडफादर" था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अवतार सिंह खंडा ने ही अमृतपाल के पंजाब पहुंचने से पहले उसे "तैयार" किया था।
इंडियन एक्सप्रेस ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से लिखा है, कि अवतार सिंह खांडा का पिता कुलवंत सिंह खुकराना, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी का आतंकवादी था। यानि, बेटा भी अपने पिता के रास्ते पर ही चल पड़ा था और भारत विरोधी हरकतों में शामिल हो गया था।
क्या है खालिस्तान लिबरेशन फोर्स?
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) का गठन 1986 में किया गया था। KLF का गठन सशस्त्र हिंसा के माध्यम से पंजाब को भारत से अलग करके खालिस्तान की स्थापना करना था। लंदन में जब भारतीय उच्चायोग पर हमला किया गया था, उस वक्त के जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारों के बीच, नारंगी पगड़ी पहने एक व्यक्ति को इमारत की दीवारों को फांदते हुए और भारतीय ध्वज को नीचे खींचते हुए देखा गया, वही शख्स अवतार सिंह खांडा था, जिसकी आज मौत हो गई है।
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को भारत सरकार एक आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। 1980 और 1990 के दशक के दौरान, कभी-कभी कश्मीर अलगाववादियों के साथ मिलकर केएलएफ, भारत में सैन्य ठिकानों पर कई बम विस्फोटों के लिए जिम्मेदार था।
जेकेएलएफ उन सिख समूहों में शामिल था, जिन्होंने 1991 में नई दिल्ली में रोमानियाई प्रभारी डी'एफ़ेयर, लिविउ राडू के अपहरण की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था। खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की जड़ें लंदन में हैं, जिन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सींचता रहता है।
अवतार सिंह खांडा कौन था?
अवतार सिंह खांडा के भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे रिश्ते रहे हैं, जिस पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ब्रिटेन के गुरुद्वारों के अंदर आईईडी प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया था।
अमृतपाल सिंह को यूके स्थित खालिस्तानी आतंकवादी अवतार सिंह खांडा का करीबी सहयोगी भी माना जाता है। खांडा, प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता परमजीत सिंह पम्मा का भरोसेमंद लेफ्टिनेंट था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में खांडा को पंजाबी गायक, अभिनेता और निर्माता गिप्पी ग्रेवाल के साथ देखा जा गया था।
हालांकि, इन लोगों के बीच क्या संबंध है, इसकी जानकारी हमें नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा ने अमृतपाल सिंह को 'मिशन खालिस्तान' के लिए ट्रेनिंग दी थी। खांडा का प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता पम्मा से सीधा संबंध था। इन तीनों ने मिलकर पंजाब को एक बार फिर आतंकवाद की ओर धकेलने की साजिश रची थी।
आपको बता दें, कि पंजाब में इंदिरा गांधी सरकार के दौरान चलाए गये ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद इस आतंकी संगठन ने एयर इंडिया के विमान को उड़ा दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संगठन के ज्यादातर सदस्य पाकिस्तान में छिपे हुए हैं और पम्मा भी इस समय पाकिस्तान में ही और आईएसआई के साथ मिलकर नई हरकतें करने की फिराक में है।
सूत्रों का कहना है, ये संगठन पंजाब के युवाओं में एक बार फिर चरमपंथ का जहर बोने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अब अवतार सिंह की मौत हो गई है, लेकिन इस संगठन के बाकी आतंकियों पर नकेस कसने की जरूरत है।












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