कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज को लेकर WHO का बड़ा बयान, कहा- 'ये घोटाला है, इसे बंद होना चाहिए'
नई दिल्ली, 14 नवंबर। कोरोना वायरस के खिलाफ दुनियाभर में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, इस बीच अमेरिका में कोविड की बूस्टर डोज भी लगाई जाने लगी है। महामारी के खिलाफ लड़ाई में कई और देशों को भी बूस्टर शॉट दिए जा रहे हैं। इसे लेकर रविवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। डब्ल्यूएचओ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस ने बूस्टर शॉट के वितरण को बड़ा घोटाला बताया है। उनका कहना है कि इसे बंद होना चाहिए।
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दरअसल, जर्मनी, इस्राइल, कनाडा और अमरीका ने दुनिया के कई देशों को बूस्टर डोज को देना शुरू कर दिया है। टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस का कहना है कि यह बिल्कुल तर्कहीन है कि सेहतमंद वयस्कों और वैक्सिनेटेड बच्चों को यह बूस्टर शॉट दिए जाएं। अभी भी कई ऐसे गरीब देश हैं जहां बुजुर्ग, स्वास्थ्यकर्मी और हाई रिस्क वाले लोग कोविड वैक्सीन की पहली खुराक का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि डब्ल्यूएचओ चीफ ने वैक्सीन के डोज की जमाखोरी की बात को खारिज किया।
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पिछले सप्ताह यूरोप में कोविड-19 के लगभग 2 मिलियन मामले सामने आए, जो उस क्षेत्र में महामारी शुरू होने के बाद से एक सप्ताह में ये सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसी दौरान यूरोप में लगभग 27,000 मौतें हुईं, पिछले सप्ताह में वैश्विक स्तर पर सभी कोविड -19 मौतों में से ये संख्या आधे से अधिक। बैठक ने इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित किया कि पूर्वी यूरोप में कम टीकाकरण दर वाले देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि पश्चिमी यूरोप में दुनिया के कुछ हाई वैक्सिनेटेड दर वाले देशों में भी मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने इस बात को भी हाइलाइट किया कि वैक्सीन कितनों को लगा है ये जरूरी नहीं, बल्कि किसे लगा है ये जरूरी है।












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