कौन हैं अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति के भाई हश्मत गनी, जिन्होंने तालिबान का साथ देने का किया है वादा!
कौन हैं अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति के भाई हश्मत गनी, जिन्होंने तालिबान का साथ देने का किया है वादा!
काबुल, 22 अगस्त: अफगानिस्तान से फरार हुए पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी कुछ दिनों पहले ही अरबों रुपये लेकर फरार हो गए थे। अशरफ गनी फरार होने के बाद परिवार के साथ संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं। देश छोड़कर भागने को लेकर अशरफ गनी की काफी आलोचना हुई है। अब अशरफ गनी को एक और बड़ा झटका लगा है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि अशरफ गनी के भाई हश्मत गनी अहमदजई तालिबान के साथ मिल गए हैं और तालिबान को सपोर्ट करने का वादा किया है। अफगानिस्तान में एक वैध सरकार बनाने की तलाश में तालिबान के लिए यह एक बड़ा सपोर्ट हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अशरफ गनी के भाई हशमत गनी ने तालिबान को अपना समर्थन देने का वादा किया है।

हश्मत गनी के इस वीडियो से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर हशमत गनी का तालिबान को समर्थन देने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में तालिबान के नेता खलील उर रहमान और इस्लामिक विद्वान मुफ्ती महमूद जाकिर भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में हशमत गनी तालिबान को समर्थन देने का वादा कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक हशमत गनी को शपथ भी तालिबान नेता खलील-उर-रहमान और मौलवी मुफ्ती मोहम्मद जाकिर की मौजूदगी में दिलाई गई है। हालांकि हशमत गनी खुले तौर पर तालिबान के समर्थन में सामने नहीं आए। नाही उन्होंने वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि की है।

हशमत गनी ने सोशल मीडिया पर दिए ये संकेत
हशमत गनी ने खुलकर तालिबान को सपोर्ट तो नहीं किया है लेकिन अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया था कि उन्हें देश चलाने का मौका क्यों दिया जाना चाहिए? हशमत गनी ने अपने पोस्ट में लिखा है, ''तालिबान अफगानिस्तान में सुरक्षा लाने में पूरी तरह सक्षम हैं लेकिन एक कार्यात्मक सरकार चलाने के लिए युवा, शिक्षित अफगानों के इनपुट और सहयोग की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में तथाकथित खत्म हो चुके राजनेताओं को पूरी तरह से दरकिनार कर देना चाहिए ताकि गठबंधन सरकार के असफल अनुभव को फिर से ना दोहराया जाए।''

कौन हैं हशमत गनी?
अफगानिस्तान से फरार हुए पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के छोटे भाई हैं हशमत गनी। 60 वर्षीय हशमत गनी अफगानिस्तान के धनी बिजनेसमैन हैं और देश में उनका बहुत प्रभाव है। हशमत गनी एक नेता होने के साथ-साथ एक बड़ा बिजनेस एम्पायर भी चलाते हैं। अफगानिस्तान में हशमत गनी की कंपनी को ''गनी ग्रुप'' के नाम से जाना जाता है। हशमत गनी के बेटे सुल्तान गनी ''गनी ग्रुप'' के अध्यक्ष हैं। इस कंपनी का मुख्यालय काबुल में है। ये कंपनी सिक्योरिटी सर्विस, प्रोडक्शन, कंट्रक्शन, मानिंग, एनर्जी और पावर जैसे कामों को करती है।

जानें हशमत गनी के बिजनेस के बारे में?
''गनी ग्रुप'' की स्थापना 1927 के दौरान अफगानिस्तान में अहमदजई ट्रांसपोर्ट कंपनी के ब्रांड नाम से की गई थी। गनी ग्रुप की अधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, ये कंपनी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए काम करती है।
अफगानिस्तान के अलावा, हशमत गनी के अमेरिका, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में भी संपत्ति हैं। हशमत गनी ने अपनी शिक्षा फ्रांस और अमेरिका से की है। उन्होंने इंटरनेशनल ट्रेड एंड मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री हासिल की है।

हशमत गनी क्यों मायने रखता है?
हशमत गनी सबसे बड़ी पश्तून जनजाती अहमदजई का प्रतिनिधित्व करते हैं। अहमदजई जनजाती अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के पास वजीरिस्तान के इलाके के हैं। हशमत गनी अपने साम्राज्य के एक प्रभावी और शक्तिशाली व्यक्तित्व हैं। हशमत गनी कुचिस या देहाती खानाबदोशों के परिषद के प्रमुख भी हैं। कुचिस या देहाती खानाबदोशों के लोग अफगानिस्तान के उत्तर, दक्षिण और पश्चिम से संबंधित हैं। हशमत गनी का वहां के स्थानीयियों पर अच्छी पकड़ है। इसलिए तालिबान को उनका साथ फायदे का सौदा हो सकता है।












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