Who Is Delcy Rodriguez: कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज, जिनके हाथ में अब वेनेजुएला की कमान, बनीं अंतरिम राष्ट्रपति
Who Is Delcy Rodriguez: वेनेजुएला इस समय एक बड़े संकट से गुजर रहा है। शनिवार को इस देश में तब हड़कंप मच गया जब खबर आई कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ लिया है। राष्ट्रपति की गैर-मौजूदगी में देश में अराजकता न फैले, इसलिए वहां की सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एक बड़ा आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और देश की रक्षा के लिए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज अब अंतरिम राष्ट्रपति (Acting President) का कार्यभार संभालेंगी।

कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज?
56 वर्षीय डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को काराकास में हुआ था। राजनीति उनके खून में है। उनके पिता, जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज, 1970 के दशक के एक मशहूर वामपंथी लड़ाके थे और उन्होंने 'लीगा सोशलिस्टा' पार्टी की स्थापना की थी। डेल्सी ने वेनेजुएला के सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कानून (Law) की पढ़ाई की है और पिछले एक दशक में वे देश की सबसे ताकतवर महिला बनकर उभरी हैं।
सत्ता के शिखर तक का सफर
डेल्सी रोड्रिग्ज की राजनीतिक कद तरक्की बहुत तेजी से हुई है। उन्होंने 2013-14 में सूचना मंत्री के रूप में काम किया और फिर 2014 से 2017 तक देश की विदेश मंत्री रहीं। साल 2018 में राष्ट्रपति मादुरो ने उन्हें देश का उपराष्ट्रपति नियुक्त किया था।
मादुरो उन्हें एक 'निडर और क्रांतिकारी' नेता मानते हैं जिसने 'हजारों लड़ाइयां' जीती हैं। राजनीति के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था और तेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास रही है।
भाई के साथ मिलकर चलाती हैं 'पावर गेम'
डेल्सी अकेले नहीं हैं। उनके भाई जार्ज रोड्रिग्ज भी वेनेजुएला की राजनीति के बड़े खिलाड़ी हैं और नेशनल असेंबली के प्रमुख हैं। ये दोनों भाई-बहन मादुरो सरकार के सबसे भरोसेमंद स्तंभ रहे हैं। अब जब मादुरो हिरासत में हैं, तो डेल्सी और उनके भाई ही सरकार और देश की संप्रभुता को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ सीधा टकराव और विरोधाभास
अंतरिम राष्ट्रपति बनते ही डेल्सी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर एक ऑडियो संदेश जारी कर अमेरिका से मांग की है कि वह निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के जीवित होने का सबूत (Proof of Life) दे। उन्होंने साफ कहा कि भले ही मादुरो हिरासत में हों, लेकिन देश के असली राष्ट्रपति वही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा इसके बिल्कुल उलट है। ट्रंप ने कहा कि डेल्सी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है और वे वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। हालांकि, डेल्सी के बयानों से ऐसा नहीं लगता कि वे अभी पूरी तरह झुकने को तैयार हैं।
वेनेजुएला के पीछे क्यों पड़े हैं ट्रंप?
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच विवाद की असली जड़ राजनीतिक विचारधारा, विशाल तेल भंडार और नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप है। अमेरिका का मानना है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक तानाशाह हैं, जिनकी सरकार न केवल अपने देश में लोकतंत्र को खत्म कर रही है, बल्कि अमेरिका में भारी मात्रा में नशीली दवाओं (कोकीन और फेंटानिल) की तस्करी को भी बढ़ावा दे रही है।
दूसरी तरफ, वेनेजुएला का आरोप है कि अमेरिका उसके दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है और उसकी संप्रभु सरकार को गिराने के लिए आर्थिक पाबंदियों और सैन्य बल का अवैध इस्तेमाल कर रहा है। हालिया तनाव तब और बढ़ गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो को 'ड्रग तस्कर' बताते हुए सैन्य कार्रवाई के जरिए उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया।












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