WHO की प्रमुख वैज्ञानिक का बयान, भारत में आए कोरोना के घातक वैरिएंट का सिर्फ टीकाकरण ही है बचाव
नई दिल्ली, मई 9। भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बहुत ज्यादा घातक माना है। दरअसल, WHO की प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि भारत में जो कोरोना की दूसरी लहर इस वक्त अपना कहर दिखा रही है, वो बहुत घातक है। सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत में जो अचानक से कोरोना का जबरदस्त विस्फोट हुआ है, उसकी वजह नया वैरिएंट ही है। उन्होंने बताया कि भारत में कोरोना का नया वैरिएंट पहले से अधिक फैलने वाला और जानलेवा है।

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टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की है जरूरत- स्वामीनाथन
एक इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि भारत में कोरोना के घातक वैरिएंट से बचने का सिर्फ एकमात्र उपाय टीकाकरण अभियान ही है, जिसमें तेजी लाने की जरूरत है। सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि भारत में कोरोना का नया वैरिएंट B.1.617 अक्टूबर में मिला था, ये इस तेजी से फैल रहा है कि अब ये भारत में तबाही मचा रहा है। स्वामीनाथन ने बताया कि नया वैरिएंट तेजी से म्यूटेंट भी कर रहा है जो लगातार लोगों की जान ले रहा है।
लोगों की लापरवाही भी है वजह -WHO
डब्ल्यूएचओ वैज्ञानिक ने कहा है कि वायरस का नया वैरिएंट इतना खतरनाक है कि ये शरीर के अंदर एंटीबॉडी बनाने से भी रोकता है और बहुत तेजी से म्यूटेंट होता है, ऐसे में वायरस से बचाव का एकमात्र उपाय वैक्सीन लगवाना ही है। इस दौरान सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों और मौत के आंकड़ों की वजह सिर्फ वायरस है, बल्कि लोगों की लापरवाही की वजह से भी ये वायरस इतना घातक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं और ना ही मास्क पहन रहे हैं।












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