Iran War Leak: कौन हैं वो पत्रकार जिन्हें जेल भेजना चाहते हैं ट्रंप? ईरान रेस्क्यू लीक की छापी थी खबर
Iran War Leak: ईरान से जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उस पत्रकार को जेल भेजने की धमकी दी है, जिसने पिछले सप्ताह ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दो चालक दल सदस्यों के बचाव अभियान की जानकारी सबसे पहले छापी की थी। ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर पत्रकार अपने सोर्स का खुलासा नहीं करता, तो उसे जेल जाना पड़ेगा। ये खबर सबसे पहले New York Times, Axios और CBS News जैसी कंपनियों ने छापी थी, लेकिन ट्रंप ने किसी का नाम नहीं लिया बल्कि पत्रकार को एक बीमार व्यक्ति बता दिया।
किस-किस ने छापी थी खबर?
NYT से इस खबर को Julian E. Barnes, Axios में Barak Ravid और CBS News में Kaia Hubbard ने इस खबर को सबसे पहले छापा था। ट्रंप ने इन तीनों ही पत्रकारों में से किसी का नाम नहीं लिया है। हालांकि ट्रंप इस युद्ध के दौरान अमेरिकी मीडिया की तरफ से हो रही कवरेज से खासे परेशान हैं। ट्रम्प के मुताबिक, सरकार इस बात को गुप्त रखना चाहती थी कि दूसरा एयरमेन लापता है, ताकि ईरानी सेना उसे पकड़ न सके। लेकिन जैसे ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबर सामने आई, स्थिति बदल गई और मिशन ज्यादा जोखिम भरा हो गया।

लीक से खतरे में पड़ी जान
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि इस जानकारी के लीक होने से ईरानी सेना सतर्क हो गई और फंसे हुए एयरमेन की जान को खतरा बढ़ गया। उन्होंने कहा कि इस लीक ने पूरे ऑपरेशन को और ज्यादा मुश्किल बना दिया। इसके साथ ही ट्रम्प ने बताया कि विमान के पायलट को शुक्रवार को कुछ ही घंटों के भीतर सुरक्षित निकाल लिया गया था। लेकिन Weapon Systems Officer, जो गंभीर रूप से घायल थे और पहाड़ी दरार में छिपे हुए थे, उन्हें रविवार तड़के एक बड़े ऑपरेशन के बाद बचाया गया।
तिलमिलाए ट्रंप ने क्या बोला?
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा, हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे और कहेंगे कि- नेशनल सिक्योरिटी के लिए सोर्स बताओ या जेल जाओ। उन्होंने आगे कहा कि अगर पत्रकार ने सोर्स नहीं बताया, तो उसे जेल जाना पड़ेगा।
पत्रकारों ने क्या कहा?
ट्रंप के इस गुस्से वाले बयान के बाद पत्रकारों ने कहा कि जो जानकारी लीक होगी उसे छापना हमारा काम है, जबकि सरकार का काम है लीक रोकना। सरकार लीक रोकने में फेल हो रही तो इसमें हमारी गलती नहीं है।
पहले भी पत्रकार खा चुके हैं अमेरिकी राषट्रपति की कुर्सी
1973-74 में रिचर्ड निक्सन की सरकार में द वॉशिंगटन पोस्ट बॉब वुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टीन पत्रकार ने वॉटरगेट स्कैम का खुलासा किया था। जिसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति निक्सन ने पत्रकारों पर जासूसी का इल्जाम लगाकर उन्हें जेल भेज दिया था ताकि जांच रोकी जा सके। पत्रकार तकरीबन दो साल तक जेल में रहे, इस दौरान जांच जारी रही और निक्सन ने महाभियोग के डर से 9 अगस्त 1974 को इस्तीफा दे दिया था। हालांकि निक्सन राष्ट्रपति रहते हुए कभी दोनों पत्रकारों से सोर्स नहीं जान सके। बाद में पत्रकारों ने खुद बताया कि उनके सूत्र FBI के तत्कालीन एसिस्टेंट डायरेक्टर मार्क फेल्ट थे।
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